फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Trust's seal on Ram Darbar idols

Ayodhya News: राम दरबार की मूर्तियों पर ट्रस्ट की मुहर

Sun, 02 Mar 2025 09:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Sun, 02 Mar 2025 09:58 PM IST
विज्ञापन
Trust's seal on Ram Darbar idols
अयोध्या। राम मंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार की स्थापना रामनवमी के पहले हो सकती है। जयपुर में बन रहीं राम दरबार की मूर्तियां तैयार हो चुकी हैं। मार्च के दूसरे सप्ताह में मूर्तियों के अयोध्या पहुंचने की संभावना है। राम दरबार की मूर्तियों पर राम मंदिर ट्रस्ट ने मुहर लगा दी है। 26 फरवरी को जयपुर गई ट्रस्ट की टीम ने मूर्ति निर्माण कार्य देखा। जयपुर में 15 मंदिरों की मूर्तियां बन रही हैं।
विज्ञापन

राम जन्मभूमि परिसर में राम मंदिर के अलावा 15 अन्य मंदिर भी बन रहे हैं। इन मंदिरों में स्थापित होने वाली मूर्तियों का निर्माण जयपुर में मूर्तिकार सत्यनारायण पांडेय की टीम कर रही है। विगत दिनों राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा ने जयपुर जाकर मूर्ति निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। सफेद संगमरमर पर बन रहीं दरबार की मूर्तियां ट्रस्ट को पसंद आ गई हैं और ट्रस्ट ने इसे फाइनल कर दिया है। बताया गया कि राम दरबार की मूर्तियों के निर्माण का काम 90 फीसदी पूरा हो चुका है। 15 मार्च के बाद इन मूर्तियों के अयोध्या पहुंचने की संभावना है।
विज्ञापन

रामनवमी का पर्व 30 मार्च से शुरू हो रहा है। रामनवमी का मुख्य उत्सव रामजन्मोत्सव छह अप्रैल को मनाया जाएगा। रामनवमी के उत्सव से पहले राममंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार की स्थापना की जा सकती है। राम मंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार की स्थापना के लिए गर्भगृह बनकर तैयार है। महापीठ (जहां मूर्ति स्थापित होगी ) भी बनकर तैयार है। दूसरे तल पर दुनिया में प्रचलित सभी भाषाओं की रामायण का संग्रह किए जाने की योजना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

राम दरबार के लिए बनाए जा रहे विग्रह की ऊंचाई 4.5 फीट तय की गई है। दरबार का सिंहासन भी स्वर्ण जड़ित होगा। मंदिर के दरवाजे भ स्वर्ण जड़ित होंगे। भगवान राम और माता सीता का श्रीविग्रह श्वेत संगमरमर की एक शिलाखंड पर ही निर्मित हो रहा है, जबकि हनुमान जी के अलावा तीनों भाइयों (भरत-शत्रुघ्न व लक्ष्मण) के विग्रह का निर्माण अलग-अलग शिलाखंड में हो रहा है। इनकी ऊंचाई दो से तीन फीट के बीच होगी। बाण व धनुष का निर्माण अलग से किया जा रहा है। इसके लिए जयपुर में परकोटा के छह मंदिर व सप्त मंडपम के सात मंदिरों की भी मूर्तियां सफेद संगमरमर पर ही बन रही हैं।

राम मंदिर के शिखर निर्माण का 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। शिखर का निर्माण कुल 29 लेयर में किया जाना है। अब तक 21 लेयर का काम पूरा हो चुका है। आठ लेयर का काम बाकी है, शिखर निर्माण का काम मार्च के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। राममंदिर के 161 फीट ऊंचे शिखर पर 44 फीट ऊंचा धर्मध्वज दंड भी लगाया जाना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed