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Ayodhya News: गंभीर रोगियाें के इलाज में मिलेगी सहूलियत, बचेगी जान
Wed, 11 Feb 2026 08:47 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 11 Feb 2026 08:47 PM IST
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अयोध्या। प्रदेश सरकार के बुधवार को पेश हुए बजट में जिला अस्पतालों में इमरजेंसी ट्राॅमा सेंटर बनाने का एलान किया गया है। इस फैसले का जिले के चिकित्सकों ने स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे जिले में ही गंभीर रोगियों को बेहतर इलाज मिल सकेगा, जिससे उनकी जान बचाने में आसानी होगी।
जिले में अभी तक मेडिकल कॉलेज में 50 बेड का ट्राॅमा सेंटर संचालित है। इसी परिसर में 110 बेड का इमरजेंसी मेडिसिन विभाग और ट्रॉमा सेंटर लगभग तैयार हो चुका है, जिसका उद्घाटन होना है। मेडिकल कॉलेज में तो सुविधाएं हाइटेक हो रही हैं, लेकिन जिला अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं लगातार बेपटरी हैं। दुर्घटना में घायल होकर पहुंचे लगभग हर दूसरे या तीसरे मरीज को हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है।
वहीं, हार्ट, किडनी, न्यूरो आदि से जुड़े मरीजों के प्रारंभिक इलाज की भी ठोस व्यवस्था नहीं है। गोल्डन ऑवर में बेहतर इलाज न मिलने से कई बार रोगियों की जान चली जाती है। बुधवार को प्रदेश सरकार के पेश हुए बजट में जिला अस्पताल को भी हाइटेक करने की पहल हुई है। चिकित्सकों का मानना है कि इससे गोल्डन ऑवर में ही गंभीर रोगी का प्रारंभिक इलाज बेहतर ढंग से हो सकेगा। इससे उन्हें हायर सेंटर तक पहुंचने का समय भी मिल जाएगा और उनकी जान बचाई जा सकेगी।
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जिले में अभी तक मेडिकल कॉलेज में 50 बेड का ट्राॅमा सेंटर संचालित है। इसी परिसर में 110 बेड का इमरजेंसी मेडिसिन विभाग और ट्रॉमा सेंटर लगभग तैयार हो चुका है, जिसका उद्घाटन होना है। मेडिकल कॉलेज में तो सुविधाएं हाइटेक हो रही हैं, लेकिन जिला अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं लगातार बेपटरी हैं। दुर्घटना में घायल होकर पहुंचे लगभग हर दूसरे या तीसरे मरीज को हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है।
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वहीं, हार्ट, किडनी, न्यूरो आदि से जुड़े मरीजों के प्रारंभिक इलाज की भी ठोस व्यवस्था नहीं है। गोल्डन ऑवर में बेहतर इलाज न मिलने से कई बार रोगियों की जान चली जाती है। बुधवार को प्रदेश सरकार के पेश हुए बजट में जिला अस्पताल को भी हाइटेक करने की पहल हुई है। चिकित्सकों का मानना है कि इससे गोल्डन ऑवर में ही गंभीर रोगी का प्रारंभिक इलाज बेहतर ढंग से हो सकेगा। इससे उन्हें हायर सेंटर तक पहुंचने का समय भी मिल जाएगा और उनकी जान बचाई जा सकेगी।
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