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Ayodhya News: कृषि विश्वविद्यालय में खत्म नहीं हो रहा नए कुलपति का इंतजार
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अयोध्या। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में राज भवन की ओर से नए कुलपति की नियुक्ति किए जाने का इंतजार खत्म नहीं हो पा रहा है। सर्च कमेटी की बैठक न होने से नियुक्ति प्रक्रिया अटक गई है। इसके चलते विश्वविद्यालय में नीतिगत फैसलों पर ब्रेक लगा हुआ है। यहां के कार्यवाहक कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह के पास डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय का पूर्णकालिक कार्यभार होने के चलते कामकाज प्रभावित हो रहा है।
26 अगस्त को नए कुलपति की नियुक्ति का विज्ञापन जारी होने के बावजूद सर्च कमेटी की बैठक न होने से कृषि विश्वविद्यालय में नए कुलपति की चयन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। इससे विश्वविद्यालय की प्रशासनिक और शैक्षणिक गतिविधियों पर असर पड़ रहा है। कार्यवाहक कुलपति को यहां के साथ अवध विश्वविद्यालय में भी समय देना पड़ रहा है। ऐसे में उन पर भी काम का अतिरिक्त भार है। विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारी बेसब्री से नई नियुक्ति होने का इंतजार कर रहे हैं।
अवध विश्वविद्यालय की तत्कालीन कुलपति प्रो. प्रतिभा गाेयल के अपने पिता के इलाज के लिए दो महीने के लंबे अवकाश पर चले जाने के बाद राजभवन की ओर से कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह को यहां का कार्यवाहक कुलपति नियुक्त किया गया था। राजभवन के निदेश पर उन्होंने आठ मई को अवध विश्वविद्यालय का कार्यभार संभाला था। प्रो. गोयल ने अवकाश खत्म होने के पहले ही इस्तीफा दे दिया। जुलाई में राजभवन ने डॉ. सिंह को अवध विश्वविद्यालय का पूर्णकालिक कुलपति बना दिया। इसके बाद 19 अगस्त को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की ओर से जारी किए गए आदेश में उन्हें कृषि विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति का भी प्रभार दे दिया।
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नौ जनवरी तक सर्च कमेटी की बैठक होने की चर्चा
इस बीच नए कुलपति की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी होने के बाद भी कार्यवाहक कुलपति के रूप में डॉ. सिंह की ओर से कृषि विश्वविद्यालय में की जा रही विषय वस्तु विशेषज्ञ, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसरों की नियुक्ति प्रक्रिया पर शासन ने रोक लगा दी। तभी से वह कोई भी नीतिगत फैसले नहीं ले पा रहे हैं। इस बीच विश्वविद्यालय परिसर में चर्चा है कि नौ जनवरी तक सर्च कमेटी की बैठक हो सकती है। ऐसे में 20 जनवरी के बाद विश्वविद्यालय को नया कुलपति मिल जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
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26 अगस्त को नए कुलपति की नियुक्ति का विज्ञापन जारी होने के बावजूद सर्च कमेटी की बैठक न होने से कृषि विश्वविद्यालय में नए कुलपति की चयन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। इससे विश्वविद्यालय की प्रशासनिक और शैक्षणिक गतिविधियों पर असर पड़ रहा है। कार्यवाहक कुलपति को यहां के साथ अवध विश्वविद्यालय में भी समय देना पड़ रहा है। ऐसे में उन पर भी काम का अतिरिक्त भार है। विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारी बेसब्री से नई नियुक्ति होने का इंतजार कर रहे हैं।
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अवध विश्वविद्यालय की तत्कालीन कुलपति प्रो. प्रतिभा गाेयल के अपने पिता के इलाज के लिए दो महीने के लंबे अवकाश पर चले जाने के बाद राजभवन की ओर से कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह को यहां का कार्यवाहक कुलपति नियुक्त किया गया था। राजभवन के निदेश पर उन्होंने आठ मई को अवध विश्वविद्यालय का कार्यभार संभाला था। प्रो. गोयल ने अवकाश खत्म होने के पहले ही इस्तीफा दे दिया। जुलाई में राजभवन ने डॉ. सिंह को अवध विश्वविद्यालय का पूर्णकालिक कुलपति बना दिया। इसके बाद 19 अगस्त को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की ओर से जारी किए गए आदेश में उन्हें कृषि विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति का भी प्रभार दे दिया।
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नौ जनवरी तक सर्च कमेटी की बैठक होने की चर्चा
इस बीच नए कुलपति की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी होने के बाद भी कार्यवाहक कुलपति के रूप में डॉ. सिंह की ओर से कृषि विश्वविद्यालय में की जा रही विषय वस्तु विशेषज्ञ, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसरों की नियुक्ति प्रक्रिया पर शासन ने रोक लगा दी। तभी से वह कोई भी नीतिगत फैसले नहीं ले पा रहे हैं। इस बीच विश्वविद्यालय परिसर में चर्चा है कि नौ जनवरी तक सर्च कमेटी की बैठक हो सकती है। ऐसे में 20 जनवरी के बाद विश्वविद्यालय को नया कुलपति मिल जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं।