{"_id":"6991e4b94d1374a7c70bb6e8","slug":"the-search-for-old-kar-sevaks-is-intensified-they-will-be-guests-on-march-19-ayodhya-news-c-97-1-ayo1002-143243-2026-02-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: पुराने कारसेवकों की तलाश तेज, 19 मार्च को बनेंगे मेहमान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: पुराने कारसेवकों की तलाश तेज, 19 मार्च को बनेंगे मेहमान
Sun, 15 Feb 2026 08:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 15 Feb 2026 08:52 PM IST
विज्ञापन
अयोध्या। नव संवत्सर के अवसर पर 19 मार्च को आयोजित होने वाले भव्य समारोह में अयोध्या के पुराने कारसेवकों को भी विशेष रूप से आमंत्रित करने की तैयारी शुरू हो गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहल पर स्थानीय कार्यकर्ता वर्षों पहले आंदोलन में सक्रिय रहे कारसेवकों की सूची तैयार करने में जुटे हैं।
कारसेवकों की सूची तैयार करना आसान नहीं साबित हो रहा है। कई दिक्कतें सामने आ रही हैं। जैसे कि 1990 और 1992 के दौर में जुड़े कई कारसेवकों का कोई औपचारिक पंजीकरण उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा बड़ी संख्या में कारसेवक अब अन्य शहरों या राज्यों में बस चुके हैं, जिससे संपर्क स्थापित करने में कठिनाई हो रही है। एक ही नाम के कई लोगों के होने से पहचान सुनिश्चित करने में समय लग रहा है। कई वरिष्ठ कारसेवकों की आयु अधिक हो चुकी है, उनके परिवारों से संपर्क कर पुष्टि करनी पड़ रही है। जो आने में सक्षम नहीं होंगे उनके परिजनों को आमंत्रित करने की योजना है।
स्थानीय स्वयंसेवक मोहल्ला स्तर पर बैठकें कर पुराने साथियों से जानकारी जुटा रहे हैं। मंदिर आंदोलन से जुड़े संगठनों के पुराने पदाधिकारियों से भी सहयोग लिया जा रहा है, ताकि कोई प्रमुख नाम छूट न जाए। ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों का कहना है कि नव संवत्सर समारोह में कारसेवकों की उपस्थिति न केवल इतिहास की स्मृति को ताजा करेगी, बल्कि नई पीढ़ी को भी उस दौर से परिचित कराएगी, जब आस्था के लिए हजारों लोग एकजुट हुए थे।
विज्ञापन
इनसेट
ट्रस्ट रोजाना कर रहा तैयारियों की समीक्षा
समारोह की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू होंगी। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय रोजाना तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। कारसेवकों के लिए विशेष आमंत्रण पत्र जारी किए जाएंगे। समारोह स्थल पर उनके लिए आरक्षित बैठक व्यवस्था की जाएगी। वरिष्ठ कारसेवकों को मंच के समीप स्थान देने पर विचार चल रहा है। आगमन-प्रस्थान और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन के साथ समन्वय बैठकें हो रही हैं। बाहर से आने वाले कारसेवकों के लिए आवास की व्यवस्था की जा रही है।
विज्ञापन
कारसेवकों की सूची तैयार करना आसान नहीं साबित हो रहा है। कई दिक्कतें सामने आ रही हैं। जैसे कि 1990 और 1992 के दौर में जुड़े कई कारसेवकों का कोई औपचारिक पंजीकरण उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा बड़ी संख्या में कारसेवक अब अन्य शहरों या राज्यों में बस चुके हैं, जिससे संपर्क स्थापित करने में कठिनाई हो रही है। एक ही नाम के कई लोगों के होने से पहचान सुनिश्चित करने में समय लग रहा है। कई वरिष्ठ कारसेवकों की आयु अधिक हो चुकी है, उनके परिवारों से संपर्क कर पुष्टि करनी पड़ रही है। जो आने में सक्षम नहीं होंगे उनके परिजनों को आमंत्रित करने की योजना है।
विज्ञापन
स्थानीय स्वयंसेवक मोहल्ला स्तर पर बैठकें कर पुराने साथियों से जानकारी जुटा रहे हैं। मंदिर आंदोलन से जुड़े संगठनों के पुराने पदाधिकारियों से भी सहयोग लिया जा रहा है, ताकि कोई प्रमुख नाम छूट न जाए। ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों का कहना है कि नव संवत्सर समारोह में कारसेवकों की उपस्थिति न केवल इतिहास की स्मृति को ताजा करेगी, बल्कि नई पीढ़ी को भी उस दौर से परिचित कराएगी, जब आस्था के लिए हजारों लोग एकजुट हुए थे।
विज्ञापन
इनसेट
ट्रस्ट रोजाना कर रहा तैयारियों की समीक्षा
समारोह की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू होंगी। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय रोजाना तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। कारसेवकों के लिए विशेष आमंत्रण पत्र जारी किए जाएंगे। समारोह स्थल पर उनके लिए आरक्षित बैठक व्यवस्था की जाएगी। वरिष्ठ कारसेवकों को मंच के समीप स्थान देने पर विचार चल रहा है। आगमन-प्रस्थान और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन के साथ समन्वय बैठकें हो रही हैं। बाहर से आने वाले कारसेवकों के लिए आवास की व्यवस्था की जा रही है।