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Ayodhya News: मंडल पूजा के साथ प्रतिष्ठा द्वादशी महोत्सव का शुभारंभ
Sat, 27 Dec 2025 11:32 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 27 Dec 2025 11:32 PM IST
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26- राम मंदिर के यज्ञमंडप में हवन करते वैदिक आचार्य- ट्रस्ट
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ (पाटोत्सव) के अवसर पर आयोजित प्रतिष्ठा द्वादशी महोत्सव का शुभारंभ शनिवार को विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हो गया। प्रातः काल से ही मंदिर परिसर में आध्यात्मिक उल्लास और भक्ति का वातावरण व्याप्त रहा। यज्ञशाला में विशेष अनुष्ठानों की शृंखला प्रारंभ हुई। वहीं शाम को रामलला के उत्सव विग्रह की भव्य पालकी यात्रा ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
शनिवार सुबह वास्तु पूजा के साथ अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। इसके बाद आचार्यों की ओर से गणहोम, तत्त्व कलश स्थापना, तत्त्वहोम, सुदर्शन होम सहित अनेक वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। यज्ञशाला में मंत्रों की गूंज और अग्नि में आहुति के साथ वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक हो उठा।
शाम को देवदर्शन के लिए सुसज्जित चांदी की पालकी में रामलला के उत्सव विग्रह को विराजमान कर राम मंदिर की परिक्रमा कराई गई। भजन-कीर्तन, जयघोष और श्रद्धा से भरे वातावरण के बीच पालकी यात्रा मंदिर परिसर में भ्रमण करती हुई आगे बढ़ी। यह दृश्य भक्तों के लिए अविस्मरणीय बन गया।
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पांच दिनों तक चलने वाले इस महा अनुष्ठान का आयोजन राम मंदिर के ट्रस्टी जगद्गुरु मध्वाचार्य विश्व प्रसन्न तीर्थ के निर्देशन में हो रहा है। इसके लिए दक्षिण भारत से 104 आचार्य आए हैं। हर दिन विशेष अनुष्ठान, पूजन और धार्मिक आयोजन होंगे। इनमें बड़ी संख्या में संत, धर्माचार्य और श्रद्धालु भाग लेंगे। प्रतिष्ठा द्वादशी के मुख्य उत्सव 29 दिसंबर से रामकथा व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ होंगे, जिनकी तैयारी लगभग पूरी हो गई है। अंगद टीला परिसर में पंडाल व मंच बनकर तैयार हो गया है।
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शनिवार सुबह वास्तु पूजा के साथ अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। इसके बाद आचार्यों की ओर से गणहोम, तत्त्व कलश स्थापना, तत्त्वहोम, सुदर्शन होम सहित अनेक वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। यज्ञशाला में मंत्रों की गूंज और अग्नि में आहुति के साथ वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक हो उठा।
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शाम को देवदर्शन के लिए सुसज्जित चांदी की पालकी में रामलला के उत्सव विग्रह को विराजमान कर राम मंदिर की परिक्रमा कराई गई। भजन-कीर्तन, जयघोष और श्रद्धा से भरे वातावरण के बीच पालकी यात्रा मंदिर परिसर में भ्रमण करती हुई आगे बढ़ी। यह दृश्य भक्तों के लिए अविस्मरणीय बन गया।
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पांच दिनों तक चलने वाले इस महा अनुष्ठान का आयोजन राम मंदिर के ट्रस्टी जगद्गुरु मध्वाचार्य विश्व प्रसन्न तीर्थ के निर्देशन में हो रहा है। इसके लिए दक्षिण भारत से 104 आचार्य आए हैं। हर दिन विशेष अनुष्ठान, पूजन और धार्मिक आयोजन होंगे। इनमें बड़ी संख्या में संत, धर्माचार्य और श्रद्धालु भाग लेंगे। प्रतिष्ठा द्वादशी के मुख्य उत्सव 29 दिसंबर से रामकथा व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ होंगे, जिनकी तैयारी लगभग पूरी हो गई है। अंगद टीला परिसर में पंडाल व मंच बनकर तैयार हो गया है।

26- राम मंदिर के यज्ञमंडप में हवन करते वैदिक आचार्य- ट्रस्ट

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