{"_id":"6845a42737783fc237040ede","slug":"the-place-where-ramlala-lived-in-a-tent-for-28-years-will-be-protected-ayodhya-news-c-97-1-ayo1002-130196-2025-06-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: जहां टेंट में 28 साल रहे रामलला, वह स्थल होगा संरक्षित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: जहां टेंट में 28 साल रहे रामलला, वह स्थल होगा संरक्षित
Sun, 08 Jun 2025 08:24 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 08 Jun 2025 08:24 PM IST
विज्ञापन
अयोध्या। राम मंदिर परिसर में जहांं रामलला 28 साल तक टेंट में विराजमान रहे, उस स्थल को संरक्षित करने के लिए पुरातत्व विभाग की टीम सर्वे कर रही है। पुरातत्व विभाग के एडीजी जानबी शर्मा ने शनिवार को अयोध्या पहुंचकर मंदिर परिसर का भ्रमण भी किया। उन्होंने राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र से मुलाकात कर इसको लेकर चर्चा की।
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि जहां रामलला टेंट में विराजमान थे, वहां एएसआई की टीम सर्वे कर रही है। इस पर विमर्श हो रहा है कि जो अस्थायी मंदिर का स्थल है, उसे किस तरह सुरक्षित किया जाए ताकि राम मंदिर के 500 वर्षों के लंबे संघर्ष के बारे में युवा पीढ़ी जान सके। इसके लेकर पुरातत्व विभाग की टीम ने काम शुरू कर दिया है। नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि राम मंदिर निर्माण में भारत सरकार की कई संस्थाओं का सहयोग रहा है। बताया कि राम दरबार में 10 दिन के अंदर दर्शन शुरू हो सकता है। ट्रस्ट इस पर विचार कर रहा है। सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट के प्रतिनिधि इस पर चर्चा कर रहे हैं। भगवान के दरबार में जाने और आने को लेकर राम मंदिर ट्रस्ट व्यापक इंतजाम में जुटा हुआ है।
निर्माण समिति के अध्यक्ष ने बताया कि मंदिर के दूसरे तल पर दुर्लभ ग्रंथों को संगृहित किया जाएगा। कहा कि पंचवटी निर्माण में प्रकृति से कोई भी छेड़छाड़ नहीं किया जाएगा। यथास्थिति रखते हुए वहां पर पौधे लगाए जा रहे हैं ताकि पशु-पक्षियों को पानी पीने और उसका लाभ लेने में कोई असुविधा न हो। इसका निर्माण कार्य कंपनी की ओर से किया जा रहा है। एक महीने में इसका मास्टर प्लान भी लगभग तैयार हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि जहां रामलला टेंट में विराजमान थे, वहां एएसआई की टीम सर्वे कर रही है। इस पर विमर्श हो रहा है कि जो अस्थायी मंदिर का स्थल है, उसे किस तरह सुरक्षित किया जाए ताकि राम मंदिर के 500 वर्षों के लंबे संघर्ष के बारे में युवा पीढ़ी जान सके। इसके लेकर पुरातत्व विभाग की टीम ने काम शुरू कर दिया है। नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि राम मंदिर निर्माण में भारत सरकार की कई संस्थाओं का सहयोग रहा है। बताया कि राम दरबार में 10 दिन के अंदर दर्शन शुरू हो सकता है। ट्रस्ट इस पर विचार कर रहा है। सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट के प्रतिनिधि इस पर चर्चा कर रहे हैं। भगवान के दरबार में जाने और आने को लेकर राम मंदिर ट्रस्ट व्यापक इंतजाम में जुटा हुआ है।
विज्ञापन
निर्माण समिति के अध्यक्ष ने बताया कि मंदिर के दूसरे तल पर दुर्लभ ग्रंथों को संगृहित किया जाएगा। कहा कि पंचवटी निर्माण में प्रकृति से कोई भी छेड़छाड़ नहीं किया जाएगा। यथास्थिति रखते हुए वहां पर पौधे लगाए जा रहे हैं ताकि पशु-पक्षियों को पानी पीने और उसका लाभ लेने में कोई असुविधा न हो। इसका निर्माण कार्य कंपनी की ओर से किया जा रहा है। एक महीने में इसका मास्टर प्लान भी लगभग तैयार हो जाएगा।
विज्ञापन