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Ayodhya News: जिला जज ने की अवर न्यायालय के आदेश की पुष्टि
Tue, 26 May 2026 09:30 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 26 May 2026 09:30 PM IST
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अयोध्या। आग लगाकर घर की गृहस्थी जलाने के मामले में प्रार्थना पत्र निरस्त करने के आदेश को जिला जज ने सही माना है। उन्होंने एसीजेएम तृतीय की अदालत से नौ दिसंबर, 2025 को पारित आदेश की पुष्टि करते हुए राम तीरथ के रिवीजन प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया। साथ ही पत्रावली को अभिलेखागार में दाखिल करने का आदेश पारित किया है।
जिला जज रणंजय कुमार वर्मा के न्यायालय में प्रस्तुत रिवीजन प्रार्थना पत्र के अनुसार थाना इनायतनगर क्षेत्र निवासी राम तीरथ अपने कच्चे मकान को पक्का बनवा रहे थे। 12 अक्तूबर, 2025 को पड़ोसी जीवन राम ने दबंगई के बल पर काम रोकवा दिया। रात में घर के बाहर लगे त्रिपाल में आग लगा दी, जिससे गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया। उन्होंने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय ने प्रार्थना पत्र को आधारहीन मानकर निरस्त कर दिया। इसी आदेश से क्षुब्ध होकर जिला जज की अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। जिला जज ने पत्रावली पर मौजूद तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर अवर न्यायालय के आदेश में कोई अशुद्धता नहीं पाई और आदेश की पुष्टि करते हुए निगरानी प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।
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जिला जज रणंजय कुमार वर्मा के न्यायालय में प्रस्तुत रिवीजन प्रार्थना पत्र के अनुसार थाना इनायतनगर क्षेत्र निवासी राम तीरथ अपने कच्चे मकान को पक्का बनवा रहे थे। 12 अक्तूबर, 2025 को पड़ोसी जीवन राम ने दबंगई के बल पर काम रोकवा दिया। रात में घर के बाहर लगे त्रिपाल में आग लगा दी, जिससे गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया। उन्होंने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की।
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अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय ने प्रार्थना पत्र को आधारहीन मानकर निरस्त कर दिया। इसी आदेश से क्षुब्ध होकर जिला जज की अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। जिला जज ने पत्रावली पर मौजूद तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर अवर न्यायालय के आदेश में कोई अशुद्धता नहीं पाई और आदेश की पुष्टि करते हुए निगरानी प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।
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