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Ayodhya News: गाय को पशु कहने पर माैलवियों से सीएम ने पूछे थे कड़े सवाल
Sat, 15 Aug 2026 12:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 15 Aug 2026 12:03 AM IST
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अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को दिगंबर अखाड़े में संत सभा में गो संरक्षण और सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति में माता का स्वरूप है।
उन्होंने कहा कि कुछ मौलवियों की ओर से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने संबंधी ज्ञापन दिए जाने का जिक्र करते हुए आपत्ति जताई और कहा कि गाय हमारी माता है, राष्ट्रीय पशु भर नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदुओं को गोमाता की पूजा का तरीका सिखाने की आवश्यकता नहीं है।
दिगंबर अखाड़े में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ दिन पहले उनके पास भी एक ज्ञापन पहुंचा, जिसमें गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की गई थी।
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उन्होंने कहा कि ज्ञापन में गाय के लिए पशु शब्द का प्रयोग किया गया था, जिस पर उन्होंने संबंधित मौलवियों से बात की। मुख्यमंत्री के अनुसार, उन्होंने उनसे पूछा कि सनातन परंपरा में पूजनीय गोमाता के लिए पशु शब्द का प्रयोग क्यों किया गया। इस पर उन्हें उत्तर मिला कि यह गलती से हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने उनसे पूछा कि यह केवल गलती थी या फिर बार-बार होने वाली शरारत।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गाय सनातन धर्म ही नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर है।
उन्होंने कहा कि गावो विश्वस्य मातरः... का भाव यह है कि गाय संपूर्ण विश्व की माता है। हिंदू समाज के संस्कारों में गो माता का विशेष स्थान है और कोई भी शुभ कार्य गो पूजन के बिना पूर्ण नहीं माना जाता।
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उन्होंने कहा कि कुछ मौलवियों की ओर से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने संबंधी ज्ञापन दिए जाने का जिक्र करते हुए आपत्ति जताई और कहा कि गाय हमारी माता है, राष्ट्रीय पशु भर नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदुओं को गोमाता की पूजा का तरीका सिखाने की आवश्यकता नहीं है।
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दिगंबर अखाड़े में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ दिन पहले उनके पास भी एक ज्ञापन पहुंचा, जिसमें गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की गई थी।
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उन्होंने कहा कि ज्ञापन में गाय के लिए पशु शब्द का प्रयोग किया गया था, जिस पर उन्होंने संबंधित मौलवियों से बात की। मुख्यमंत्री के अनुसार, उन्होंने उनसे पूछा कि सनातन परंपरा में पूजनीय गोमाता के लिए पशु शब्द का प्रयोग क्यों किया गया। इस पर उन्हें उत्तर मिला कि यह गलती से हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने उनसे पूछा कि यह केवल गलती थी या फिर बार-बार होने वाली शरारत।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गाय सनातन धर्म ही नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर है।
उन्होंने कहा कि गावो विश्वस्य मातरः... का भाव यह है कि गाय संपूर्ण विश्व की माता है। हिंदू समाज के संस्कारों में गो माता का विशेष स्थान है और कोई भी शुभ कार्य गो पूजन के बिना पूर्ण नहीं माना जाता।