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Ayodhya News: तकनीक से लैस होंगी रामकथा संग्रहालय की 15 गैलरियां
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अयोध्या। सरयू तट स्थित अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय की 15 गैलरियों को अत्याधुनिक तकनीक से विकसित करने की तैयारी है। इसके लिए 90 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को स्वीकृति के लिए भेजी गई है। ट्रस्ट की मंजूरी मिलते ही गैलरियों को तकनीकी संसाधनों से लैस करने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
संग्रहालय में कुल 20 गैलरियां विकसित की जानी हैं। इनमें से पांच गैलरियां पहले ही बनकर तैयार हो चुकी हैं, जबकि शेष 15 गैलरियों में आधुनिक तकनीकी उपकरण लगाए जाने हैं। रामकथा संग्रहालय के निदेशक डॉ. संजीव कुमार सिंह ने बताया कि गैलरियों में सेवन डी, थ्री डी, फाइव डी और इमर्सिव तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक उपकरण लगाए जाएंगे। परियोजना पर करीब 90 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
उन्होंने बताया कि डीपीआर तैयार कर ट्रस्ट को भेज दी गई है। स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा। छह माह के भीतर सभी 20 गैलरियों को तैयार करने का लक्ष्य है। इसके बाद संग्रहालय को आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा।
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सेवन डी तकनीक से दिखाई जाएगी हनुमानजी की गाथा
डॉ. संजीव कुमार सिंह ने बताया कि संग्रहालय की एक गैलरी में सेवन डी तकनीक के माध्यम से हनुमान जी की गाथा प्रदर्शित की जाएगी। इस गैलरी का नाम संकट मोचन रखा गया है। इसमें लंका दहन, संजीवनी बूटी लाने और युद्धकांड से जुड़े प्रसंगों को इस तरह प्रस्तुत किया जाएगा कि दर्शकों को त्रेतायुग का अनुभव हो सके। एक अन्य गैलरी में थ्री डी तकनीक से भगवान राम के वनवास की लीला दिखाई जाएगी। इसके अलावा श्रद्धालुओं को राम मंदिर आंदोलन की संघर्ष गाथा और मंदिर की मुक्ति के लिए चली कानूनी लड़ाई की जानकारी भी मिलेगी। विवादित परिसर की खोदाई के दौरान मिले अवशेषों को भी संग्रहालय में प्रदर्शित किया जाएगा।
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संग्रहालय में कुल 20 गैलरियां विकसित की जानी हैं। इनमें से पांच गैलरियां पहले ही बनकर तैयार हो चुकी हैं, जबकि शेष 15 गैलरियों में आधुनिक तकनीकी उपकरण लगाए जाने हैं। रामकथा संग्रहालय के निदेशक डॉ. संजीव कुमार सिंह ने बताया कि गैलरियों में सेवन डी, थ्री डी, फाइव डी और इमर्सिव तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक उपकरण लगाए जाएंगे। परियोजना पर करीब 90 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
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उन्होंने बताया कि डीपीआर तैयार कर ट्रस्ट को भेज दी गई है। स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा। छह माह के भीतर सभी 20 गैलरियों को तैयार करने का लक्ष्य है। इसके बाद संग्रहालय को आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा।
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सेवन डी तकनीक से दिखाई जाएगी हनुमानजी की गाथा
डॉ. संजीव कुमार सिंह ने बताया कि संग्रहालय की एक गैलरी में सेवन डी तकनीक के माध्यम से हनुमान जी की गाथा प्रदर्शित की जाएगी। इस गैलरी का नाम संकट मोचन रखा गया है। इसमें लंका दहन, संजीवनी बूटी लाने और युद्धकांड से जुड़े प्रसंगों को इस तरह प्रस्तुत किया जाएगा कि दर्शकों को त्रेतायुग का अनुभव हो सके। एक अन्य गैलरी में थ्री डी तकनीक से भगवान राम के वनवास की लीला दिखाई जाएगी। इसके अलावा श्रद्धालुओं को राम मंदिर आंदोलन की संघर्ष गाथा और मंदिर की मुक्ति के लिए चली कानूनी लड़ाई की जानकारी भी मिलेगी। विवादित परिसर की खोदाई के दौरान मिले अवशेषों को भी संग्रहालय में प्रदर्शित किया जाएगा।