{"_id":"6a469042f7950161a4024d70","slug":"tet-rote-learning-didnt-work-on-the-first-day-ayodhya-news-c-97-1-ayo1034-153105-2026-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीईटी : पहले दिन रटने से नहीं बनी बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीईटी : पहले दिन रटने से नहीं बनी बात
Thu, 02 Jul 2026 09:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Thu, 02 Jul 2026 09:52 PM IST
विज्ञापन
राजकीय इंटर कॉलेज से टीईटी की परीक्षा देकर बाहर निकलती महिला परीक्षार्थी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) बृहस्पतिवार को जिले के 17 केंद्रों पर संपन्न हुई। इसमें 13,855 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। इस बार प्रश्नपत्रों में रटने के बजाय विषयों की गहरी समझ और व्यावहारिक निर्णय क्षमता पर सवाल रहे। कई अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते ही कहा कि इस बार प्रश्न आसान कम और सोचने वाले ज्यादा थे।
कुल 15,168 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 13,855 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, 1313 अनुपस्थित रहे। पहली पाली में 6921 और दूसरी पाली में 6934 अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा सुबह 09:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक व दोपहर 02:30 बजे से सायं पांच बजे तक आयोजित हुई। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे दिन निगरानी की। प्रश्नपत्र में सीधे परिभाषाएं नहीं पूछी गईं। इसके बजाय ऐसी परिस्थितियां दी गईं जिनमें शिक्षक के रूप में सही निर्णय चुनना था।
समावेशी शिक्षा, किशोरों की स्वायत्तता, संज्ञानात्मक सहारा और सहयोगात्मक अधिगम जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे गए। थॉर्नडाइक का अधिगम सिद्धांत भी शामिल था। हिंदी भाषा के व्याकरण की अच्छी पकड़ वालों को लाभ मिला। उर्दू भाषा के प्रश्नपत्र ने भी अभ्यर्थियों की तैयारी को परखा। गणित, पर्यावरण अध्ययन, विज्ञान और सामाजिक अध्ययन में अवधारणाओं पर आधारित प्रश्न थे। संविधान, इतिहास, भूगोल, पर्यावरण, खेल और सड़क सुरक्षा संकेत भी पूछे गए।
विज्ञापन
केंद्रों पर महिलाओं की रही ज्यादा मौजूदगी
टीईटी के पहले दिन अधिकांश परीक्षा केंद्रों पर महिला अभ्यर्थियों की संख्या पुरुषों से अधिक नजर आई। सुबह से ही छात्राओं और महिलाओं की लंबी कतारें लगी रहीं। कई अभ्यर्थी परिवार के सदस्यों के साथ केंद्र पहुंचे।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- --
मंगलसूत्र की छूट, बाकी गहने उतरवाए गए
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा जांच के दौरान नियमों का सख्ती से पालन कराया गया। महिला अभ्यर्थियों को मंगलसूत्र पहनने की अनुमति रही, लेकिन कान के झुमके, नथ, अंगूठी, चेन और अन्य धातु के आभूषण उतरवाकर ही प्रवेश दिया गया। कई अभ्यर्थियों ने अपने गहने केंद्र के बाहर मौजूद परिजनों को सौंपे। जांच पूरी होने के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में भेजा गया।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
पेपर ठीक-ठाक रहा। बाल विकास वाले सवाल थोड़ा घुमा-फिराकर पूछे गए, इसलिए सोचकर जवाब देना पड़ा। हिंदी आसान लगी। उम्मीद है कि इस बार टीईटी जरूर पास हो जाएगी। - कंचन मिश्रा, अंबेडकरनगर
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
सुबह जल्दी केंद्र पहुंच गए थे। जांच के बाद अंदर जाने दिया गया। पेपर उम्मीद के मुताबिक था, लेकिन कुछ सवाल नए तरीके के थे। मेहनत की है, अब रिजल्ट का इंतजार रहेगा। - ज्योति, बाराबंकी
विज्ञापन
कुल 15,168 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 13,855 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, 1313 अनुपस्थित रहे। पहली पाली में 6921 और दूसरी पाली में 6934 अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा सुबह 09:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक व दोपहर 02:30 बजे से सायं पांच बजे तक आयोजित हुई। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे दिन निगरानी की। प्रश्नपत्र में सीधे परिभाषाएं नहीं पूछी गईं। इसके बजाय ऐसी परिस्थितियां दी गईं जिनमें शिक्षक के रूप में सही निर्णय चुनना था।
विज्ञापन
समावेशी शिक्षा, किशोरों की स्वायत्तता, संज्ञानात्मक सहारा और सहयोगात्मक अधिगम जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे गए। थॉर्नडाइक का अधिगम सिद्धांत भी शामिल था। हिंदी भाषा के व्याकरण की अच्छी पकड़ वालों को लाभ मिला। उर्दू भाषा के प्रश्नपत्र ने भी अभ्यर्थियों की तैयारी को परखा। गणित, पर्यावरण अध्ययन, विज्ञान और सामाजिक अध्ययन में अवधारणाओं पर आधारित प्रश्न थे। संविधान, इतिहास, भूगोल, पर्यावरण, खेल और सड़क सुरक्षा संकेत भी पूछे गए।
विज्ञापन
केंद्रों पर महिलाओं की रही ज्यादा मौजूदगी
टीईटी के पहले दिन अधिकांश परीक्षा केंद्रों पर महिला अभ्यर्थियों की संख्या पुरुषों से अधिक नजर आई। सुबह से ही छात्राओं और महिलाओं की लंबी कतारें लगी रहीं। कई अभ्यर्थी परिवार के सदस्यों के साथ केंद्र पहुंचे।
मंगलसूत्र की छूट, बाकी गहने उतरवाए गए
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा जांच के दौरान नियमों का सख्ती से पालन कराया गया। महिला अभ्यर्थियों को मंगलसूत्र पहनने की अनुमति रही, लेकिन कान के झुमके, नथ, अंगूठी, चेन और अन्य धातु के आभूषण उतरवाकर ही प्रवेश दिया गया। कई अभ्यर्थियों ने अपने गहने केंद्र के बाहर मौजूद परिजनों को सौंपे। जांच पूरी होने के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में भेजा गया।
पेपर ठीक-ठाक रहा। बाल विकास वाले सवाल थोड़ा घुमा-फिराकर पूछे गए, इसलिए सोचकर जवाब देना पड़ा। हिंदी आसान लगी। उम्मीद है कि इस बार टीईटी जरूर पास हो जाएगी। - कंचन मिश्रा, अंबेडकरनगर
सुबह जल्दी केंद्र पहुंच गए थे। जांच के बाद अंदर जाने दिया गया। पेपर उम्मीद के मुताबिक था, लेकिन कुछ सवाल नए तरीके के थे। मेहनत की है, अब रिजल्ट का इंतजार रहेगा। - ज्योति, बाराबंकी