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Ayodhya News: कार्यशाला में विद्यार्थियों को मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
Mon, 16 Feb 2026 09:37 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 16 Feb 2026 09:37 PM IST
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20 -कौशल विकास कार्यशाला के दौरान मौजूद विद्यार्थी व अन्य - विवि
अयोध्या। अवध विश्वविद्यालय के अमर शहीद संत कंवरराम साहिब सिंधी अध्ययन केंद्र में छह दिवसीय कौशल विकास कार्यशाला के पांचवें दिन लिप्पन कला पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. अनूप कुमार ने बताया कि लिप्पन कला का उद्भव गुजरात के कच्छ क्षेत्र में हु। मिट्टी और दर्पणों के माध्यम से दीवारों को सजाने की परंपरा विकसित हुई। उन्होंने कहा कि यह कला केवल सजावटी नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है और पर्यावरणीय दृष्टि से भी सतत विकास का उत्कृष्ट उदाहरण है।
विषय विशेषज्ञ विनिता ने लिप्पन कला की सामग्री चयन, डिजाइन निर्माण और फिनिशिंग प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से समझाया। उन्होंने प्रत्यक्ष प्रदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों को लिप्पन कला के व्यावहारिक पक्ष से परिचित कराया और आधुनिक समय में इसके व्यावसायिक उपयोग की संभावनाओं पर भी जानकारी दी। इस अवसर पर रत्नेश यादव, विनय शर्मा, प्रतीक रंजन तिवारी, योगेश अग्रवाल और अमन विक्रम सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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विषय विशेषज्ञ विनिता ने लिप्पन कला की सामग्री चयन, डिजाइन निर्माण और फिनिशिंग प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से समझाया। उन्होंने प्रत्यक्ष प्रदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों को लिप्पन कला के व्यावहारिक पक्ष से परिचित कराया और आधुनिक समय में इसके व्यावसायिक उपयोग की संभावनाओं पर भी जानकारी दी। इस अवसर पर रत्नेश यादव, विनय शर्मा, प्रतीक रंजन तिवारी, योगेश अग्रवाल और अमन विक्रम सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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