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Ayodhya News: भदरसा में प्राथमिक स्कूल की जमीन पर बनी हैं दुकानें
Mon, 12 Aug 2024 12:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 12 Aug 2024 12:03 AM IST
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अयोध्या। भदरसा में प्राथमिक स्कूल की जमीन पर ही कई स्थायी दुकानों का निर्माण करा लिया गया। सोहावल तहसील प्रशासन और भरतकुंड भदरसा नगर पंचायत की ओर से पैमाइश किए जाने के बाद तैयार की गई जांच रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। साथ ही स्कूल के पास से फुलवरिया जाने वाले रास्ते पर भी अतिक्रमण किया गया है। एसडीएम सोहावल ने यह रिपोर्ट डीएम चंद्र विजय सिंह को सौंप दी है।
डीएम के निर्देश पर एसडीएम अशोक सैनी और नगर पंचायत के ईओ इंद्र प्रताप के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने 1600 वर्ग मीटर में फैली प्राथमिक विद्यालय के जमीन की पैमाइश की थी। पैमाइश के दौरान ही स्कूल के खेल के पूरे मैदान पर कब्जा कर लिए जाने की जानकारी अफसरों को हुई थी। इसके बाद विद्यालय के जमीन से संबंधित अभिलेखों को भी खंगाला गया।
अभिलेखों और पैमाइश रिपोर्ट की मिलान किए जाने पर यह साफ हो गया है कि स्कूल के पास कस्बे के मुख्य मार्ग के बाएं हिस्से में बनी कई स्थायी दुकानें भी अवैध ढंग से बनाई गई हैं। इन दुकानों का संचालन पिछले कई वर्षों से बेखौफ होकर किया जा रहा है। इसके पीछे नगर पंचायत अध्यक्ष मोहम्मद राशिद और इनके पूर्व के चेयरमैन की भूमिका भी संदेह के दायरे में है। यहां पर बेकरी, रेडिमेड कपड़ों व किराना समेत अन्य कई दुकानें चल रही हैं।
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इस बारे में एसडीएम सोहावल ने अमर उजाला को बताया कि प्राथमिक स्कूल की जमीन के पैमाइश की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अवैध कब्जों के संबंध में पूरी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। उन्होंने स्वीकार किया कि स्कूल की जमीन के बड़े हिस्से पर अवैध कब्जा है। मुख्य मार्ग पर बनी स्थायी दुकानें भी स्कूल की ही जमीन पर हैं। इन सभी अवैध कब्जों को हटाकर स्कूल की जमीन को मुक्त कराया जाएगा।
स्कूल के खेल मैदान से अतिक्रमण हटाने की मोहलत पूरी
प्राथमिक स्कूल के सामने खेल मैदान पर अतिक्रमण कर लगाई गई अस्थायी दुकानों को स्वत: हटाने के लिए नगर पंचायत की ओर से दी गई मोहलत की अवधि खत्म हो गई है। इसके बावजूद यहां से दुकानें नहीं हटाई जा सकी हैं। ऐसे में अब भी स्कूल के बच्चे परिसर में कैद होकर रहने को मजबूर हैं। इनकी खेल की गतिविधियां भी पहले की ही तरह ठप हैं। स्कूल के ठीक सामने दुकानों पर हर समय लोगों की भीड़ होने के चलते स्कूल को भीतर से बंद कर ताला लगाना पड़ता है।
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डीएम के निर्देश पर एसडीएम अशोक सैनी और नगर पंचायत के ईओ इंद्र प्रताप के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने 1600 वर्ग मीटर में फैली प्राथमिक विद्यालय के जमीन की पैमाइश की थी। पैमाइश के दौरान ही स्कूल के खेल के पूरे मैदान पर कब्जा कर लिए जाने की जानकारी अफसरों को हुई थी। इसके बाद विद्यालय के जमीन से संबंधित अभिलेखों को भी खंगाला गया।
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अभिलेखों और पैमाइश रिपोर्ट की मिलान किए जाने पर यह साफ हो गया है कि स्कूल के पास कस्बे के मुख्य मार्ग के बाएं हिस्से में बनी कई स्थायी दुकानें भी अवैध ढंग से बनाई गई हैं। इन दुकानों का संचालन पिछले कई वर्षों से बेखौफ होकर किया जा रहा है। इसके पीछे नगर पंचायत अध्यक्ष मोहम्मद राशिद और इनके पूर्व के चेयरमैन की भूमिका भी संदेह के दायरे में है। यहां पर बेकरी, रेडिमेड कपड़ों व किराना समेत अन्य कई दुकानें चल रही हैं।
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इस बारे में एसडीएम सोहावल ने अमर उजाला को बताया कि प्राथमिक स्कूल की जमीन के पैमाइश की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अवैध कब्जों के संबंध में पूरी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। उन्होंने स्वीकार किया कि स्कूल की जमीन के बड़े हिस्से पर अवैध कब्जा है। मुख्य मार्ग पर बनी स्थायी दुकानें भी स्कूल की ही जमीन पर हैं। इन सभी अवैध कब्जों को हटाकर स्कूल की जमीन को मुक्त कराया जाएगा।
स्कूल के खेल मैदान से अतिक्रमण हटाने की मोहलत पूरी
प्राथमिक स्कूल के सामने खेल मैदान पर अतिक्रमण कर लगाई गई अस्थायी दुकानों को स्वत: हटाने के लिए नगर पंचायत की ओर से दी गई मोहलत की अवधि खत्म हो गई है। इसके बावजूद यहां से दुकानें नहीं हटाई जा सकी हैं। ऐसे में अब भी स्कूल के बच्चे परिसर में कैद होकर रहने को मजबूर हैं। इनकी खेल की गतिविधियां भी पहले की ही तरह ठप हैं। स्कूल के ठीक सामने दुकानों पर हर समय लोगों की भीड़ होने के चलते स्कूल को भीतर से बंद कर ताला लगाना पड़ता है।