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Ayodhya News: रामलला के भोग प्रसाद की गुणवत्ता पर मुहर, सीता रसोई को मिला खाद्य विभाग का लाइसेंस
Sun, 31 May 2026 10:29 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 31 May 2026 10:29 PM IST
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अयोध्या। राम मंदिर में विराजमान रामलला और परकोटा स्थित अन्य देवी-देवताओं को अर्पित किए जाने वाले भोग प्रसाद की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सीता रसोई को लाइसेंस जारी कर दिया है। लाइसेंस जारी करने से पहले विभागीय टीम ने मंदिर परिसर पहुंचकर रसोई का निरीक्षण, परीक्षण और खाद्य सुरक्षा मानकों का मूल्यांकन किया। इस दौरान रसोइयों को स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण भी दिया गया।
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल जी राव ने बताया कि रामलला, श्रीराम दरबार सहित परकोटा के छह मंदिरों में प्रतिदिन अर्पित होने वाला भोग सीता रसोई में तैयार किया जाता है। माता अन्नपूर्णा मंदिर के नीचे स्थित इस रसोईघर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही नियमित रूप से भोग बनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि खाद्य विभाग की टीम ने रसोई की साफ-सफाई, व्यवस्थाओं और भोजन तैयार करने की प्रक्रिया का निरीक्षण किया तथा संतोष व्यक्त किया। कुछ आवश्यक सुझाव भी दिए गए हैं, जिनका पालन किया जाएगा। ट्रस्ट के आवेदन पर विभाग ने पांच वर्ष के लिए लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पूरी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह रसोई आम श्रद्धालुओं के लिए नहीं है, बल्कि केवल मंदिर में अर्पित होने वाले भोग और अर्चकों के प्रसाद ग्रहण हेतु संचालित की जाती है। ट्रस्ट खाद्य सुरक्षा से जुड़े सभी सरकारी मानकों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल जी राव ने बताया कि रामलला, श्रीराम दरबार सहित परकोटा के छह मंदिरों में प्रतिदिन अर्पित होने वाला भोग सीता रसोई में तैयार किया जाता है। माता अन्नपूर्णा मंदिर के नीचे स्थित इस रसोईघर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही नियमित रूप से भोग बनाया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि खाद्य विभाग की टीम ने रसोई की साफ-सफाई, व्यवस्थाओं और भोजन तैयार करने की प्रक्रिया का निरीक्षण किया तथा संतोष व्यक्त किया। कुछ आवश्यक सुझाव भी दिए गए हैं, जिनका पालन किया जाएगा। ट्रस्ट के आवेदन पर विभाग ने पांच वर्ष के लिए लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पूरी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह रसोई आम श्रद्धालुओं के लिए नहीं है, बल्कि केवल मंदिर में अर्पित होने वाले भोग और अर्चकों के प्रसाद ग्रहण हेतु संचालित की जाती है। ट्रस्ट खाद्य सुरक्षा से जुड़े सभी सरकारी मानकों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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