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Ayodhya News: आवासीय लोन न अदा करने पर स्कूल सील
Wed, 07 May 2025 09:39 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 07 May 2025 09:39 PM IST
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मिल्कीपुर। प्रधानाचार्य की ओर से स्कूल की भूमि का दस्तावेज लगाकर लिया गया आवासीय ऋण न अदा करने पर न्यायालय के आदेश पर विद्यालय को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सील किया गया।
तहसील क्षेत्र मिल्कीपुर अंतर्गत वीरा भारी गांव स्थित गाटा संख्या 326 रकबा 0.400 हेक्टेयर भूमि का दस्तावेज लगाकर बरथाना फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड से छोटेलाल स्मारक महादेव इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राजाराम यादव ने 22.40 लाख रुपये का ऋण लिया था, जो बढ़कर 60 लाख हो गया है।
ऋण को अदा न करने पर फाइनेंस कंपनी ने अपर जिला अधिकारी वित्त एवं राजस्व न्यायालय की शरण ली। जहां निर्णय में विलंब होता देख कंपनी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपील की। उच्च न्यायालय ने तीन माह में निस्तारित करने का आदेश पारित किया जिसके अनुपालन में अपर जिला अधिकारी वित्त एवं राजस्व न्यायालय ने प्रकरण को निस्तारित करते हुए बंधक संपत्ति पर फाइनेंस कंपनी को कब्जा दिए जाने का आदेश पारित किया था।
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आदेश के अनुपालन में उप जिलाधिकारी मिल्कीपुर सुधीर कुमार ने 15 अप्रैल को नायब तहसीलदार को कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। इसी क्रम में नायब तहसीलदार मिल्कीपुर ने पुलिस बल के साथ फाइनेंस कंपनी के अधिवक्ताओं वंदना व शिवेंद्र की मौजूदगी में विद्यालय को सील कर दिया।
फाइनेंस कंपनी की अधिवक्ता वंदना ने बताया कि उक्त स्कूल की ओर से लिए गए ऋण की मूल धनराशि और ब्याज जोड़कर करीब 60 लाख हो गया है जिसके चलते यह कार्रवाई की गई है।
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तहसील क्षेत्र मिल्कीपुर अंतर्गत वीरा भारी गांव स्थित गाटा संख्या 326 रकबा 0.400 हेक्टेयर भूमि का दस्तावेज लगाकर बरथाना फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड से छोटेलाल स्मारक महादेव इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राजाराम यादव ने 22.40 लाख रुपये का ऋण लिया था, जो बढ़कर 60 लाख हो गया है।
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ऋण को अदा न करने पर फाइनेंस कंपनी ने अपर जिला अधिकारी वित्त एवं राजस्व न्यायालय की शरण ली। जहां निर्णय में विलंब होता देख कंपनी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपील की। उच्च न्यायालय ने तीन माह में निस्तारित करने का आदेश पारित किया जिसके अनुपालन में अपर जिला अधिकारी वित्त एवं राजस्व न्यायालय ने प्रकरण को निस्तारित करते हुए बंधक संपत्ति पर फाइनेंस कंपनी को कब्जा दिए जाने का आदेश पारित किया था।
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आदेश के अनुपालन में उप जिलाधिकारी मिल्कीपुर सुधीर कुमार ने 15 अप्रैल को नायब तहसीलदार को कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। इसी क्रम में नायब तहसीलदार मिल्कीपुर ने पुलिस बल के साथ फाइनेंस कंपनी के अधिवक्ताओं वंदना व शिवेंद्र की मौजूदगी में विद्यालय को सील कर दिया।
फाइनेंस कंपनी की अधिवक्ता वंदना ने बताया कि उक्त स्कूल की ओर से लिए गए ऋण की मूल धनराशि और ब्याज जोड़कर करीब 60 लाख हो गया है जिसके चलते यह कार्रवाई की गई है।