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Ayodhya News: सरयू का जलस्तर घटा, फिर भी बाढ़ खतरा
Sun, 19 Jul 2026 08:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 19 Jul 2026 08:59 PM IST
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कटान करती सरयू नदी।
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रुदौली। सरयू नदी के जलस्तर में रविवार को मामूली गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद नदी किनारे बसे बाढ़ प्रभावित गांवों में खतरा अभी भी बना हुआ है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और निपटने की तैयारी में जुटा है।
तहसील क्षेत्र के कैथी गांव के ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने की आशंका से खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। किसानों को डर है कि यदि नदी का जलस्तर फिर बढ़ा तो माझा क्षेत्र के खेतों में पानी भर जाएगा। इससे धान सहित खरीफ की फसलें जलमग्न हो सकती हैं। ग्रामीण सुमित और विजय बहादुर ने बताया कि हर वर्ष बाढ़ से फसलों को भारी नुकसान होता है। किसान नदी की स्थिति को लेकर चिंतित हैं। खेतों तक आने-जाने के लिए लोगों को अपनी निजी नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन ने दो सरकारी नावों की व्यवस्था की बात कही है। हालांकि, उनके गांव में कोई नाव दिखाई नहीं दे रही है। सरयू नदी का जलस्तर कभी भी बढ़ सकता है जिसे लेकर भय बना रहता है।
निगरानी में लेखपालों की लगाई ड्यूटी
तहसीलदार विजय गुप्ता ने बताया कि रविवार को सरयू नदी का जलस्तर 91.80 मीटर दर्ज किया गया है। प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके लिए दो सरकारी नावों की व्यवस्था की गई है और 12 लेखपालों की ड्यूटी लगाई गई है, जो लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं। पास्ता, संडरी और पूरे महगू पुरवा में तीन बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। इन चौकियों से नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।
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तहसील क्षेत्र के कैथी गांव के ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने की आशंका से खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। किसानों को डर है कि यदि नदी का जलस्तर फिर बढ़ा तो माझा क्षेत्र के खेतों में पानी भर जाएगा। इससे धान सहित खरीफ की फसलें जलमग्न हो सकती हैं। ग्रामीण सुमित और विजय बहादुर ने बताया कि हर वर्ष बाढ़ से फसलों को भारी नुकसान होता है। किसान नदी की स्थिति को लेकर चिंतित हैं। खेतों तक आने-जाने के लिए लोगों को अपनी निजी नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन ने दो सरकारी नावों की व्यवस्था की बात कही है। हालांकि, उनके गांव में कोई नाव दिखाई नहीं दे रही है। सरयू नदी का जलस्तर कभी भी बढ़ सकता है जिसे लेकर भय बना रहता है।
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निगरानी में लेखपालों की लगाई ड्यूटी
तहसीलदार विजय गुप्ता ने बताया कि रविवार को सरयू नदी का जलस्तर 91.80 मीटर दर्ज किया गया है। प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके लिए दो सरकारी नावों की व्यवस्था की गई है और 12 लेखपालों की ड्यूटी लगाई गई है, जो लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं। पास्ता, संडरी और पूरे महगू पुरवा में तीन बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। इन चौकियों से नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।
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