{"_id":"69cd5ea5d7c71b6de6064e22","slug":"sanitation-workers-enraged-over-power-cuts-lay-siege-to-corporation-office-ayodhya-news-c-97-1-lu11030-146314-2026-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: कटौती पर भड़के सफाई कर्मी, निगम कार्यालय घेरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: कटौती पर भड़के सफाई कर्मी, निगम कार्यालय घेरा
Wed, 01 Apr 2026 11:36 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 01 Apr 2026 11:36 PM IST
विज्ञापन
अयोध्या। वेतन कटौती और समय पर भुगतान न होने से नाराज सफाई कर्मचारियों ने बुधवार को उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के बैनर तले नगर निगम कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान कर्मचारियों ने निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और तीन अप्रैल तक मांगें पूरी न होने पर छह अप्रैल को सभी काम बंद करने की चेतावनी दी।
जिला अध्यक्ष विनय बाघमार ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 70 करोड़ रुपये से अधिक कर वसूला है, इसके बावजूद कर्मचारियों को समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है।
कर्मचारियों का कहना है कि एक माह कार्य करने के बाद भी उन्हें केवल 26 दिन का वेतन दिया जा रहा है, जबकि फरवरी माह में 25 दिनों के बजाय 24 दिनों का ही भुगतान किया गया।
विज्ञापन
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन वेतन प्रणाली को बंद कर दिया गया है, जिससे पारदर्शिता खत्म हो गई है। वहीं, सेवानिवृत्त और मृतक कर्मचारियों का भुगतान भी लंबित है, जिससे उनके परिजन परेशान हैं। कर्मचारियों ने निगम प्रशासन पर वित्तीय अनियमितताओं के भी आरोप लगाए। उनका कहना है कि जरूरत न होने के बावजूद सामान खरीदा जा रहा है, जबकि कर्मचारियों के वेतन का भुगतान लंबित है।
जिला इकाई के कार्यवाहक अध्यक्ष आशिक अली ने कहा कि अधिकारी कर्मचारियों से काम लेने में आगे रहते हैं, लेकिन वेतन देने में लापरवाही बरतते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तीन अप्रैल तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो अगले सोमवार से सफाई कार्य पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा। इस दौरान सैकड़ों सफाई कर्मी निगम कार्यालय में मौजूद रहे।
विज्ञापन
जिला अध्यक्ष विनय बाघमार ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 70 करोड़ रुपये से अधिक कर वसूला है, इसके बावजूद कर्मचारियों को समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन
कर्मचारियों का कहना है कि एक माह कार्य करने के बाद भी उन्हें केवल 26 दिन का वेतन दिया जा रहा है, जबकि फरवरी माह में 25 दिनों के बजाय 24 दिनों का ही भुगतान किया गया।
विज्ञापन
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन वेतन प्रणाली को बंद कर दिया गया है, जिससे पारदर्शिता खत्म हो गई है। वहीं, सेवानिवृत्त और मृतक कर्मचारियों का भुगतान भी लंबित है, जिससे उनके परिजन परेशान हैं। कर्मचारियों ने निगम प्रशासन पर वित्तीय अनियमितताओं के भी आरोप लगाए। उनका कहना है कि जरूरत न होने के बावजूद सामान खरीदा जा रहा है, जबकि कर्मचारियों के वेतन का भुगतान लंबित है।
जिला इकाई के कार्यवाहक अध्यक्ष आशिक अली ने कहा कि अधिकारी कर्मचारियों से काम लेने में आगे रहते हैं, लेकिन वेतन देने में लापरवाही बरतते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तीन अप्रैल तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो अगले सोमवार से सफाई कार्य पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा। इस दौरान सैकड़ों सफाई कर्मी निगम कार्यालय में मौजूद रहे।