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रामपथ : फुटपाथ से आधी सड़क तक कर रहे वाहनों की पार्किंग
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अयोध्या। रामपथ की दोनों लेन पर फुटपाथ से आधी सड़क तक दो और चार पहिया वाहनों की पार्किंग की जा रही है। फुटपाथ पर तो दुकानें भी लगाई जा रही हैं। ऐसे में फुटपाथ पर पैदल और सड़क पर वाहनों से चलना मुश्किल हो गया है। नगर निगम के अफसर और प्रवर्तन दल इस वक्त अयोध्या धाम में भीड़ नियंत्रण में व्यस्त हैं तो कैंट क्षेत्र में मनमानी बढ़ गई है। प्रमुख मार्ग और बाजारों में वाहनों को खड़ा करने के लिए पर्याप्त तय स्थल का न होना भी इस समस्या की प्रमुख वजह है।
रामपथ को अयोध्या के दिल की धड़कन कहा जा सकता है। दो लेन की अच्छी-खासी चौड़ी सड़क पर शहरवासियों को आवागमन की सुविधा मिली। इस पर दौड़ रहीं इलेक्ट्रिक बसों ने स्थानीय निवासियों के साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी कैंट से धाम तक जाने में सहूलियत प्रदान की। पहले जहां, बेहद सकरी एक लेन की सड़क पर धीमी गति से जाम से जूझते हुए आवाजाही करने की विवशता थी, वहीं, अब वाहन इस पर फर्राटा भी भर सकते हैं। रामपथ पर पैदल आवागमन के लिए फुटपाथ का भी निर्माण कराया गया।
इन सभी कवायदों के बावजूद रामपथ इस वक्त अपनी बेबसी पर आंसू बहा रहा है। महाकुंभ से लाखों की संख्या में रोजाना आ रही श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते अयोध्या धाम के सीमा क्षेत्र की बात न भी करें तो अयोध्या कैंट क्षेत्र का बुरा हाल है। सहादतगंज से उदया चौराहे तक कोई ऐसी जगह नहीं है, जहां पर फुटपाथ पर थोड़ी दूरी तक पैदल सुगम आवाजाही की जा सके। इसकी प्रमुख वजह इस पर दो पहिया वाहनों की पार्किंग और स्ट्रीट वेंडरों व स्थायी दुकानदारों का अतिक्रमण है।
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इसी तरह रामपथ की दोनों लेन पर सड़क के किनारे ही चार पहिया वाहनों की पार्किंग के चलते जगह-जगह रोजाना वाहन चालकों को जाम से जूझना पड़ रहा है। यह स्थिति पूरे रामपथ पर एक जैसी है। इसके पीछे एक वजह पर्याप्त स्थानों पर निर्धारित पार्किंग स्थल का नहीं होना भी है। जहा पर है, वहां भी उपयोग नहीं किया जा रहा है। पूर्व में नगर निगम की ओर से अभियान चलाए जाने के बाद हालात कुछ सुधरे थे। अब एक बार फिर बदतर स्थिति है।
नगर आयुक्त संतोष शर्मा ने बताया कि इस समय नगर निगम के सभी अफसरों व प्रवर्तन दल का पूरा फोकस अयोध्या धाम में भीड़ नियंत्रण पर है। वहां पर तो रेहड़ी व खोमचे वालों के चलते श्रद्धालुओं की खान-पान में काफी मदद भी हो जा रही है। स्ट्रीट फूड से इतनी बड़ी संख्या में आ रहे लोगों की जरूरत पूरी हो रही है। महाकुंभ मेला समाप्त होने के बाद एक बार फिर से रामपथ के फुटपाथ और मार्ग को अतिक्रमण व अवैध पार्किंग की समस्या से मुक्त कराने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
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रामपथ को अयोध्या के दिल की धड़कन कहा जा सकता है। दो लेन की अच्छी-खासी चौड़ी सड़क पर शहरवासियों को आवागमन की सुविधा मिली। इस पर दौड़ रहीं इलेक्ट्रिक बसों ने स्थानीय निवासियों के साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी कैंट से धाम तक जाने में सहूलियत प्रदान की। पहले जहां, बेहद सकरी एक लेन की सड़क पर धीमी गति से जाम से जूझते हुए आवाजाही करने की विवशता थी, वहीं, अब वाहन इस पर फर्राटा भी भर सकते हैं। रामपथ पर पैदल आवागमन के लिए फुटपाथ का भी निर्माण कराया गया।
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इन सभी कवायदों के बावजूद रामपथ इस वक्त अपनी बेबसी पर आंसू बहा रहा है। महाकुंभ से लाखों की संख्या में रोजाना आ रही श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते अयोध्या धाम के सीमा क्षेत्र की बात न भी करें तो अयोध्या कैंट क्षेत्र का बुरा हाल है। सहादतगंज से उदया चौराहे तक कोई ऐसी जगह नहीं है, जहां पर फुटपाथ पर थोड़ी दूरी तक पैदल सुगम आवाजाही की जा सके। इसकी प्रमुख वजह इस पर दो पहिया वाहनों की पार्किंग और स्ट्रीट वेंडरों व स्थायी दुकानदारों का अतिक्रमण है।
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इसी तरह रामपथ की दोनों लेन पर सड़क के किनारे ही चार पहिया वाहनों की पार्किंग के चलते जगह-जगह रोजाना वाहन चालकों को जाम से जूझना पड़ रहा है। यह स्थिति पूरे रामपथ पर एक जैसी है। इसके पीछे एक वजह पर्याप्त स्थानों पर निर्धारित पार्किंग स्थल का नहीं होना भी है। जहा पर है, वहां भी उपयोग नहीं किया जा रहा है। पूर्व में नगर निगम की ओर से अभियान चलाए जाने के बाद हालात कुछ सुधरे थे। अब एक बार फिर बदतर स्थिति है।
नगर आयुक्त संतोष शर्मा ने बताया कि इस समय नगर निगम के सभी अफसरों व प्रवर्तन दल का पूरा फोकस अयोध्या धाम में भीड़ नियंत्रण पर है। वहां पर तो रेहड़ी व खोमचे वालों के चलते श्रद्धालुओं की खान-पान में काफी मदद भी हो जा रही है। स्ट्रीट फूड से इतनी बड़ी संख्या में आ रहे लोगों की जरूरत पूरी हो रही है। महाकुंभ मेला समाप्त होने के बाद एक बार फिर से रामपथ के फुटपाथ और मार्ग को अतिक्रमण व अवैध पार्किंग की समस्या से मुक्त कराने के लिए अभियान चलाया जाएगा।