{"_id":"65ac1463368fdd2e7009bc1b","slug":"rampath-spread-arms-to-welcome-the-lord-ayodhya-news-c-97-1-lu11008-9023-2024-01-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: प्रभु के स्वागत में रामपथ ने फैलाईं बाहें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: प्रभु के स्वागत में रामपथ ने फैलाईं बाहें
Sun, 21 Jan 2024 12:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 21 Jan 2024 12:13 AM IST
विज्ञापन
लाइटों से जगमग रामपथ।
- फोटो : संवाद
अयोध्या। श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा में मात्र एक ही दिन शेष है। इसको लेकर रामनगरी को दुल्हन की तरह सजाया जा चुका है। शनिवार को जिस तरह का दिव्य और भव्य वातावरण अयोध्या धाम में नजर आया, उसका बखान करना आसान नहीं है। नगरी का मुख्य मार्ग रामपथ अपने आराध्य के स्वागत को आतुर दिखाई दिया। पथ पर भक्ति के साथ-साथ सेवा और उत्सव का अनोखा संगम देखने को मिला।
लता मंगेश्कर चौक से उदया चौराहे तक रामपथ का भव्य श्रृंगार किया गया है। जगह-जगह हो रहीं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सेवाकार्य पथ की शोभा में चार चांद लगा रहे हैं। लता चौक की वीणा के पास शनिवार को पीएसी बटालियन के राजकीय बैंड की प्रस्तुति सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती रही। बैंड का नेतृत्व कर रहे एसआई सुशील कुमार मिश्रा की ताल पर जवान ''''श्रीराम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में'''' की धुन पेश कर रहे थे। इस दौरान लोग उनकी वीडियो बनाते नजर आए। आगे बढ़ते ही भंडारों का आयोजन शुरू हो गया। तरह-तरह के व्यंजनों का स्वाद प्रसाद के रूप में इन भंडारों में भक्त ग्रहण कर रहे थे। तुलसी उद्यान में सजे मंच पर लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी उधर से गुजरने वालों को रुकने पर विवश कर देते। इसके आगे हनुमानगढ़ी की ओर जाता भक्ति पथ भी अलग ही छटा बिखेर रहा था। वहीं फूलों से सजे श्रीराम जन्मभूमि के प्रवेश द्वार को देखकर हर कोई नतमस्तक हो जाता।
विज्ञापन
लता मंगेश्कर चौक से उदया चौराहे तक रामपथ का भव्य श्रृंगार किया गया है। जगह-जगह हो रहीं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सेवाकार्य पथ की शोभा में चार चांद लगा रहे हैं। लता चौक की वीणा के पास शनिवार को पीएसी बटालियन के राजकीय बैंड की प्रस्तुति सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती रही। बैंड का नेतृत्व कर रहे एसआई सुशील कुमार मिश्रा की ताल पर जवान ''''श्रीराम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में'''' की धुन पेश कर रहे थे। इस दौरान लोग उनकी वीडियो बनाते नजर आए। आगे बढ़ते ही भंडारों का आयोजन शुरू हो गया। तरह-तरह के व्यंजनों का स्वाद प्रसाद के रूप में इन भंडारों में भक्त ग्रहण कर रहे थे। तुलसी उद्यान में सजे मंच पर लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी उधर से गुजरने वालों को रुकने पर विवश कर देते। इसके आगे हनुमानगढ़ी की ओर जाता भक्ति पथ भी अलग ही छटा बिखेर रहा था। वहीं फूलों से सजे श्रीराम जन्मभूमि के प्रवेश द्वार को देखकर हर कोई नतमस्तक हो जाता।
विज्ञापन