{"_id":"68e3f948d6c658633e08b73c","slug":"ramnagari-will-get-the-gift-of-ring-road-in-2028-construction-has-started-ayodhya-news-c-97-1-ayo1002-136256-2025-10-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: रामनगरी को 2028 में मिलेगा रिंग रोड का तोहफा, निर्माण शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: रामनगरी को 2028 में मिलेगा रिंग रोड का तोहफा, निर्माण शुरू
Mon, 06 Oct 2025 10:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 06 Oct 2025 10:45 PM IST
विज्ञापन
04- रिंग रोड के लिए चल रहा निर्माण कार्य- सूचना विभाग
अयोध्या। रामनगरी को जल्द ही एक बड़ा उपहार मिलने वाला है। यह उपहार कुछ और नहीं बल्कि बहुप्रतिष्ठित रिंग रोड है। परियोजना पर कार्य शुरू हो गया है। लक्ष्य है कि 2028 तक इस पर सरपट वाहन दौड़ेंगे। यह परियोजना न केवल अयोध्या की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी, बल्कि पर्यटन और आर्थिक विकास को भी नई गति प्रदान करेगी।
लगभग 3418 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस 67.50 किलोमीटर लंबे और 60 मीटर चौड़े रिंग रोड पर सात फ्लाईओवर, चार रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी), 16 वाहन अंडरपास, 11 मेजर ब्रिज और 18 माइनर ब्रिज का निर्माण शामिल है। इसके अलावा सरयू पर दो बड़े पुलों का निर्माण भी प्रस्तावित है, जो अयोध्या को बस्ती और गोंडा से जोड़ेंगे।
अयोध्या में बाईपास निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओररेस एनएच-27, एनएच-330ए और एनएच-330 पर एक साथ कई स्थलों पर कार्य किया जा रहा है। ग्राम कटरौली, मगलसी, मऊ यदुवंशपुर और खानपुर मसौधा में अंडरपास निर्माण कार्य गति पकड़ चुका है। वहीं ग्राम हरिपुर जलालाबाद, हुंसेपुर, रायपुर मनापुर और खरगापुर में बंधा निर्माण कार्य निरंतर प्रगति पर है।
विज्ञापन
तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों का आवागमन होगा सुगम
यह परियोजना अयोध्या को राष्ट्रीय राजमार्गों जैसे एनएच 27 (लखनऊ-गोरखपुर), एनएच 330 ए (अयोध्या-रायबरेली), एनएच 330 (अयोध्या-प्रयागराज), और 135 ए (अयोध्या-वाराणसी वाया अंबेडकर नगर) से जोड़ेगी। इसके अतिरिक्त अयोध्या-गोंडा मार्ग को भी इस रिंग रोड से जोड़ा जाएगा। इससे अयोध्या के यातायात को सुगम बनाने के साथ-साथ तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों के लिए आवागमन और आसान होगा। परियोजना के तहत सरयू नदी पर दो पुलों का निर्माण विशेष रूप से उल्लेखनीय है। पहला पुल राजेपुर के पास अयोध्या को बस्ती से जोड़ेगा, जबकि दूसरा पुल ढेमवा घाट अप साइड पर अयोध्या-गोंडा मार्ग को जोड़ेगा। इसके अलावा अयोध्या से वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ और मनकापुर की रेलवे लाइनों पर चार आरओबी का निर्माण होगा, जो रेल और सड़क यातायात के बीच तालमेल सुनिश्चित करेगा।
90 फीसदी से अधिक भूमि का हो चुका अधिग्रहण
जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि परियोजना के लिए आवश्यक जमीन अधिग्रहण का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। 90 फीसदी से अधिक जमीन का अधिग्रहण हो चुका है, जिससे परियोजना को गति मिली है। वर्तमान में छह मेजर ब्रिज, दो माइनर ब्रिज, छह फ्लाईओवर और 13 वाहन अंडरपास पर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी हो।
विज्ञापन
लगभग 3418 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस 67.50 किलोमीटर लंबे और 60 मीटर चौड़े रिंग रोड पर सात फ्लाईओवर, चार रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी), 16 वाहन अंडरपास, 11 मेजर ब्रिज और 18 माइनर ब्रिज का निर्माण शामिल है। इसके अलावा सरयू पर दो बड़े पुलों का निर्माण भी प्रस्तावित है, जो अयोध्या को बस्ती और गोंडा से जोड़ेंगे।
विज्ञापन
अयोध्या में बाईपास निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओररेस एनएच-27, एनएच-330ए और एनएच-330 पर एक साथ कई स्थलों पर कार्य किया जा रहा है। ग्राम कटरौली, मगलसी, मऊ यदुवंशपुर और खानपुर मसौधा में अंडरपास निर्माण कार्य गति पकड़ चुका है। वहीं ग्राम हरिपुर जलालाबाद, हुंसेपुर, रायपुर मनापुर और खरगापुर में बंधा निर्माण कार्य निरंतर प्रगति पर है।
विज्ञापन
तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों का आवागमन होगा सुगम
यह परियोजना अयोध्या को राष्ट्रीय राजमार्गों जैसे एनएच 27 (लखनऊ-गोरखपुर), एनएच 330 ए (अयोध्या-रायबरेली), एनएच 330 (अयोध्या-प्रयागराज), और 135 ए (अयोध्या-वाराणसी वाया अंबेडकर नगर) से जोड़ेगी। इसके अतिरिक्त अयोध्या-गोंडा मार्ग को भी इस रिंग रोड से जोड़ा जाएगा। इससे अयोध्या के यातायात को सुगम बनाने के साथ-साथ तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों के लिए आवागमन और आसान होगा। परियोजना के तहत सरयू नदी पर दो पुलों का निर्माण विशेष रूप से उल्लेखनीय है। पहला पुल राजेपुर के पास अयोध्या को बस्ती से जोड़ेगा, जबकि दूसरा पुल ढेमवा घाट अप साइड पर अयोध्या-गोंडा मार्ग को जोड़ेगा। इसके अलावा अयोध्या से वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ और मनकापुर की रेलवे लाइनों पर चार आरओबी का निर्माण होगा, जो रेल और सड़क यातायात के बीच तालमेल सुनिश्चित करेगा।
90 फीसदी से अधिक भूमि का हो चुका अधिग्रहण
जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि परियोजना के लिए आवश्यक जमीन अधिग्रहण का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। 90 फीसदी से अधिक जमीन का अधिग्रहण हो चुका है, जिससे परियोजना को गति मिली है। वर्तमान में छह मेजर ब्रिज, दो माइनर ब्रिज, छह फ्लाईओवर और 13 वाहन अंडरपास पर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी हो।