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राम यंत्र स्थापना अनुष्ठान आत्म-जागरण का प्रतीक: अमृतानंदमयी
Wed, 18 Mar 2026 11:08 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 18 Mar 2026 11:08 PM IST
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अयोध्या। केरल की विश्व विख्यात संत माता अमृतानंदमयी राम मंदिर परिसर में बृहस्पतिवार को आयोजित विशेष कार्यक्रम में भाग लेने के लिए अयोध्या पहुंच चुकी हैं। बृहस्पतिवार को वह राष्ट्रपति के साथ वह श्रीराम यंत्र स्थापना के भव्य आयोजन में मंच साझा करेंगी। अमृतानंदमयी ने बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए आध्यात्मिक संदेश दिया। कहा कि सेवा ही मुक्ति का मार्ग है। उन्होंने श्रीराम यंत्र स्थापना को केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि ज्ञान और आत्म-जागरण का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि यह स्थापना हमें अपनी आंतरिक शक्तियों को पहचानने और जीवन में सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। यह यंत्र एक मार्गदर्शक की तरह कार्य करता है, जो हर विपत्ति से उबरने की शक्ति देता है। प्राण प्रतिष्ठा और यंत्र स्थापना को आंतरिक ऊर्जा से जोड़ते हुए उन्होंने समझाया कि जैसे चंद्रमा के प्रभाव से समुद्र में ज्वार आता है, वैसे ही दिव्य ऊर्जा हमारे भीतर भी विद्यमान है बस उसे जागृत करने की आवश्यकता है। यह आयोजन हमें यह संदेश देता है कि सभी शक्तियां हमारे भीतर ही समाहित हैं। हमें जीव से आत्मा और आत्मा से राम भाव की ओर आगे बढ़ना है।
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उन्होंने कहा कि यह स्थापना हमें अपनी आंतरिक शक्तियों को पहचानने और जीवन में सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। यह यंत्र एक मार्गदर्शक की तरह कार्य करता है, जो हर विपत्ति से उबरने की शक्ति देता है। प्राण प्रतिष्ठा और यंत्र स्थापना को आंतरिक ऊर्जा से जोड़ते हुए उन्होंने समझाया कि जैसे चंद्रमा के प्रभाव से समुद्र में ज्वार आता है, वैसे ही दिव्य ऊर्जा हमारे भीतर भी विद्यमान है बस उसे जागृत करने की आवश्यकता है। यह आयोजन हमें यह संदेश देता है कि सभी शक्तियां हमारे भीतर ही समाहित हैं। हमें जीव से आत्मा और आत्मा से राम भाव की ओर आगे बढ़ना है।
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