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Ayodhya News: राम मंदिर के सीईओ ने रामकथा संग्रहालय का किया निरीक्षण
Thu, 01 Oct 2026 12:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Thu, 01 Oct 2026 12:43 AM IST
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रामकथा संग्रहालय का निरीक्षण करते सीईओ जितेंद्र मिश्र।
अयोध्या। राम मंदिर के सीईओ एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्र ने बुधवार को नयाघाट स्थित निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय का पहली बार निरीक्षण किया। उन्होंने संग्रहालय के निदेशक डॉ. संजीव कुमार सिंह के साथ बैठक कर संग्रहालय की पूरी योजना, प्रस्तावित गैलरियों की परिकल्पना, पटकथा, कथात्मकता और तकनीकी स्वरूप की जानकारी ली। करीब दो घंटे तक चले प्रस्तुतीकरण में संग्रहालय के तैयार होने के बाद श्रद्धालुओं और पर्यटकों को रामकथा से जोड़ने की योजना बताई गई।
डॉ. संजीव कुमार सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से संग्रहालय की प्रस्तावित 20 गैलरियों का खाका सामने रखा। इसमें प्रत्येक गैलरी की विषयवस्तु, उसमें प्रदर्शित की जाने वाली सामग्री, कथा के क्रम और दर्शकों के अनुभव को प्रभावी बनाने की योजना की जानकारी दी गई। गैलरियों के नामकरण और पटकथा को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया से भी सीईओ को अवगत कराया गया।
डॉ. संजीव ने बताया कि संग्रहालय को आधुनिक और अनुभवपरक बनाने के लिए प्रधानमंत्री संग्रहालय में इस्तेमाल तकनीकी अवधारणाओं से भी प्रेरणा ली जा रही है। गैलरियों में किस तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, इसे अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है। तकनीक और कथा के संयोजन से ऐसा अनुभव तैयार किया जा रहा है, जिससे आगंतुक रामकथा को केवल देखें नहीं, बल्कि उससे जुड़ाव भी महसूस कर सकें।
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पटकथा और तकनीक पर दिए सुझाव
जितेंद्र मिश्र ने गैलरियों की पटकथा और उनकी कथात्मक प्रस्तुति का अवलोकन किया। प्रस्तुतीकरण के दौरान उन्होंने कुछ सुझाव दिए। संग्रहालय की टीम ने सुझावों पर प्रस्तावित व्यवस्था और समाधान की जानकारी दी। सीईओ ने संग्रहालय की परिकल्पना और तैयार की जा रही पटकथा की सराहना की। उन्होंने वर्तमान प्रगति, आगामी कार्य और संग्रहालय के अंतिम स्वरूप के बारे में भी जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान विहिप के वरिष्ठ मार्गदर्शक दिनेशचंद्र, उमेश पोरवाल, जगदीश आफले और निर्माण निगम के प्रबंधक कैवल्य मिश्र मौजूद रहे।
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डॉ. संजीव कुमार सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से संग्रहालय की प्रस्तावित 20 गैलरियों का खाका सामने रखा। इसमें प्रत्येक गैलरी की विषयवस्तु, उसमें प्रदर्शित की जाने वाली सामग्री, कथा के क्रम और दर्शकों के अनुभव को प्रभावी बनाने की योजना की जानकारी दी गई। गैलरियों के नामकरण और पटकथा को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया से भी सीईओ को अवगत कराया गया।
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डॉ. संजीव ने बताया कि संग्रहालय को आधुनिक और अनुभवपरक बनाने के लिए प्रधानमंत्री संग्रहालय में इस्तेमाल तकनीकी अवधारणाओं से भी प्रेरणा ली जा रही है। गैलरियों में किस तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, इसे अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है। तकनीक और कथा के संयोजन से ऐसा अनुभव तैयार किया जा रहा है, जिससे आगंतुक रामकथा को केवल देखें नहीं, बल्कि उससे जुड़ाव भी महसूस कर सकें।
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पटकथा और तकनीक पर दिए सुझाव
जितेंद्र मिश्र ने गैलरियों की पटकथा और उनकी कथात्मक प्रस्तुति का अवलोकन किया। प्रस्तुतीकरण के दौरान उन्होंने कुछ सुझाव दिए। संग्रहालय की टीम ने सुझावों पर प्रस्तावित व्यवस्था और समाधान की जानकारी दी। सीईओ ने संग्रहालय की परिकल्पना और तैयार की जा रही पटकथा की सराहना की। उन्होंने वर्तमान प्रगति, आगामी कार्य और संग्रहालय के अंतिम स्वरूप के बारे में भी जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान विहिप के वरिष्ठ मार्गदर्शक दिनेशचंद्र, उमेश पोरवाल, जगदीश आफले और निर्माण निगम के प्रबंधक कैवल्य मिश्र मौजूद रहे।