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Ayodhya News: किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल
Sat, 16 May 2026 09:28 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 16 May 2026 09:28 PM IST
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अयोध्या। दलित किशोरी को बहला-फुसलाकर कर अपहरण करने व दुष्कर्म के मामले में थाना महराजगंज पुलिस की भूमिका पर पीड़िता व परिजनों ने सवाल उठाए हैं। पिता ने डीआईजी सोमेन बर्मा से मिलकर घटना की निष्पक्ष जांच व दुष्कर्म के अपराध को जोड़कर विवेचना कराने की मांग की है।
पुलिस उप महानिरीक्षक को दिए शिकायती पत्र में पीड़िता के पिता ने कहा है कि 11 मार्च को रात 10 बजे उनकी 17 साल की पुत्री को महराजगंज क्षेत्र के ज्ञानापुर निवासी दल सिंगार वर्मा (55) शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। उनकी बेटी आरोपी के पास से मिली। बेटी ने बताया कि दल सिंगार ने उससे दुष्कर्म किया है, लेकिन विवेचना में दुष्कर्म की धारा नहीं बढ़ाई गईं और न ही मेडिकल परीक्षण कराया गया।
पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिलाने के दौरान महिला सिपाही मनोरमा पाल ने पीड़िता को सही बयान देने पर उसके घर वालों को जेल भेज देने की धमकी दी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक धाराएं बढ़ाने व विवेचना में सही तथ्यों को शामिल करने के लिए कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि आरोपी के विरुद्ध गांव की भोली-भाली व गरीब लड़कियों को बहला-फुसलाकर उनका उत्पीड़न करने के बाबत कई मामले दर्ज हैं। वर्ष 2010 में भी उसने किशोरी के साथ ऐसी घटना की है, जिसमें पुलिस ने आरोपी की संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया भी की है।
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पुलिस उप महानिरीक्षक को दिए शिकायती पत्र में पीड़िता के पिता ने कहा है कि 11 मार्च को रात 10 बजे उनकी 17 साल की पुत्री को महराजगंज क्षेत्र के ज्ञानापुर निवासी दल सिंगार वर्मा (55) शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। उनकी बेटी आरोपी के पास से मिली। बेटी ने बताया कि दल सिंगार ने उससे दुष्कर्म किया है, लेकिन विवेचना में दुष्कर्म की धारा नहीं बढ़ाई गईं और न ही मेडिकल परीक्षण कराया गया।
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पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिलाने के दौरान महिला सिपाही मनोरमा पाल ने पीड़िता को सही बयान देने पर उसके घर वालों को जेल भेज देने की धमकी दी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक धाराएं बढ़ाने व विवेचना में सही तथ्यों को शामिल करने के लिए कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि आरोपी के विरुद्ध गांव की भोली-भाली व गरीब लड़कियों को बहला-फुसलाकर उनका उत्पीड़न करने के बाबत कई मामले दर्ज हैं। वर्ष 2010 में भी उसने किशोरी के साथ ऐसी घटना की है, जिसमें पुलिस ने आरोपी की संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया भी की है।
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