फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Professor of Practice will be able to become an alternative to subject specialist

Ayodhya News: विषय विशेषज्ञ का विकल्प बन सकेंगे प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस

Sat, 24 Jan 2026 09:19 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 24 Jan 2026 09:19 PM IST
विज्ञापन
Professor of Practice will be able to become an alternative to subject specialist
अयोध्या। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में आने वाले समय में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस विषय विशेषज्ञों का विकल्प बन सकेंगे। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस समय विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में गैर-विषय विशेषज्ञों की समन्वयक के पद पर भी तैनाती है।
विज्ञापन


प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस एक नई पहल है। इसके तहत अनुभवी पेशेवर, जिनके पास पीएचडी या नेट जैसी अकादमिक योग्यताएं नहीं होतीं, वह अपने व्यावहारिक अनुभव के आधार पर विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं को पढ़ा सकते हैं। इससे उद्योग और शिक्षा के बीच जुड़ाव बढ़ सकेगा। यह यूजीसी की नई शिक्षा नीति का हिस्सा है। ये नियुक्तियां अनुबंध पर अस्थायी तौर पर की जा सकेंगी।
विज्ञापन

प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस वह व्यक्ति होंगे, जो किसी क्षेत्र (जैसे इंजीनियरिंग, विज्ञान, प्रबंधन, मीडिया, साहित्य, कला, चिकित्सा आदि) में 15 से ज्यादा वर्षों का अनुभव रखते हैं, लेकिन पारंपरिक शिक्षक नहीं होते हैं। इस नई व्यवस्था के माध्यम से उद्योग के विशेषज्ञों को शिक्षा के क्षेत्र में लाया जा सकेगा। इनकी ओर से विद्यार्थियों को वास्तविक दुनिया का ज्ञान और कौशल प्रदान किया जाएगा, जिससे वह उद्योग की जरूरतों के लिए बेहतर तौर पर तैयार हो सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन विशेषज्ञों को पीएचडी या नेट की आवश्यकता से छूट दी जाएगी। अनुभव को प्राथमिकता दी जाएगी। यह नियुक्तियां अनुबंध पर निश्चित अवधि एक से तीन साल तक के लिए हो सकेंगी और प्रदर्शन के आधार पर इसे विस्तार दिया जा सकता है। इस प्रक्रिया के प्रभावी होने के बाद छात्र-छात्राएं कक्षा में ही उद्योग के वास्तविक परिपेक्ष्य के साथ व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे। कुलसचिव विनय कुमार सिंह के अनुसार प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की नियुक्ति के प्रस्ताव को कार्य परिषद में स्वीकृति मिल चुकी है। इस व्यवस्था के प्रभावी होने से युवाओं को रोजगार के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने में मदद के साथ उद्योग और विश्वविद्यालय के विभिन्न शैक्षणिक विभागों के बीच सहयोग को मजबूती मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed