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Ayodhya News: प्रभुनाथ के बिसरा से नहीं मैच हुआ मां-बाप का डीएनए
Sun, 13 Apr 2025 10:14 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 13 Apr 2025 10:14 PM IST
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अयोध्या। मेडिकल कॉलेज दर्शननगर के संविदा लिपिक रहे प्रभुनाथ मिश्रा के शव के पोस्टमार्टम के बाद बिसरा के नमूने से मां-बाप का डीएनए मैच नहीं हुआ है। परिजनों ने आरोपी प्राचार्य को बचाने के लिए बिसरा बदलने का आरोप लगाया है। शिकायत के बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने का दावा किया है।
सात अगस्त 2024 को प्रभुनाथ मिश्रा ने संदिग्ध हालात में जहर खा लिया था। गंभीर हालत में उन्हें मेडिकल कॉलेज दर्शन नगर से केजीएमसी लखनऊ रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान प्रभुनाथ की मौत हो गई थी। शव का पोस्टमार्टम विभूति खंड थाने की पुलिस ने कराया था। मौत पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने के कारण बिसरा सुरक्षित किया गया था जिसकी जांच विधि विज्ञान प्रयोगशाला से कराई गई थी।
मामले में परिजनों ने तत्कालीन प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार के खिलाफ प्रभुनाथ का उत्पीड़न करने व आत्महत्या के लिए बाध्य करने का आरोप लगाया था। वहीं स्टेट मेडिकोलीगल एक्सपर्ट डॉ. जी खान ने रिपोर्ट में ज़हर से घुटन होने की आशंका जताई थी। परिजनों की मांग पर बिसरा में संरक्षित अंगों के टुकड़ों के डीएनए को मृतक प्रभुनाथ की मां सरस्वती देवी और पिता जगदीश मिश्रा के डीएनए से मिलान के लिए हैदराबाद स्थित केंद्र सरकार की लैब सीडीएफडी भेजकर परीक्षण कराया गया।
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27 मार्च को सीडीएफडी की रिपोर्ट जारी रिपोर्ट 12 अप्रैल को मृतक के परिजनों को मिली, जिसके अनुसार बिसरा से मां-बाप डीएनए मैच नहीं हुआ तो उन्होंने उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक से मामले की शिकायत की।
बिसरा बदलने के मामले की होगी उच्च स्तरीय जांच : पाठक
लखनऊ। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज के संविदा कर्मी की आत्महत्या के बाद बिसरा बदलने के आरोप के मामले में उच्च स्तरीय जांच होगी। इसके लिए उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा को निर्देश दिया है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि प्रभुनाथ मिश्रा के परिजनों की ओर से उन्हें बिसरा बदलने संबंधी आशंका जताते हुए पत्र दिया गया है। इस मामले में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा को उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। टीम बनाकर पूरी जांच की जाए ताकि हकीकत सामने आ सके। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले को लेकर प्रदेश सरकार गंभीर है। जिस भी स्तर पर चूक पाई जाएगी, संबंधित के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।
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सात अगस्त 2024 को प्रभुनाथ मिश्रा ने संदिग्ध हालात में जहर खा लिया था। गंभीर हालत में उन्हें मेडिकल कॉलेज दर्शन नगर से केजीएमसी लखनऊ रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान प्रभुनाथ की मौत हो गई थी। शव का पोस्टमार्टम विभूति खंड थाने की पुलिस ने कराया था। मौत पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने के कारण बिसरा सुरक्षित किया गया था जिसकी जांच विधि विज्ञान प्रयोगशाला से कराई गई थी।
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मामले में परिजनों ने तत्कालीन प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार के खिलाफ प्रभुनाथ का उत्पीड़न करने व आत्महत्या के लिए बाध्य करने का आरोप लगाया था। वहीं स्टेट मेडिकोलीगल एक्सपर्ट डॉ. जी खान ने रिपोर्ट में ज़हर से घुटन होने की आशंका जताई थी। परिजनों की मांग पर बिसरा में संरक्षित अंगों के टुकड़ों के डीएनए को मृतक प्रभुनाथ की मां सरस्वती देवी और पिता जगदीश मिश्रा के डीएनए से मिलान के लिए हैदराबाद स्थित केंद्र सरकार की लैब सीडीएफडी भेजकर परीक्षण कराया गया।
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27 मार्च को सीडीएफडी की रिपोर्ट जारी रिपोर्ट 12 अप्रैल को मृतक के परिजनों को मिली, जिसके अनुसार बिसरा से मां-बाप डीएनए मैच नहीं हुआ तो उन्होंने उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक से मामले की शिकायत की।
बिसरा बदलने के मामले की होगी उच्च स्तरीय जांच : पाठक
लखनऊ। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज के संविदा कर्मी की आत्महत्या के बाद बिसरा बदलने के आरोप के मामले में उच्च स्तरीय जांच होगी। इसके लिए उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा को निर्देश दिया है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि प्रभुनाथ मिश्रा के परिजनों की ओर से उन्हें बिसरा बदलने संबंधी आशंका जताते हुए पत्र दिया गया है। इस मामले में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा को उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। टीम बनाकर पूरी जांच की जाए ताकि हकीकत सामने आ सके। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले को लेकर प्रदेश सरकार गंभीर है। जिस भी स्तर पर चूक पाई जाएगी, संबंधित के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।