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Ayodhya News: रामनगरी की सुरक्षा का नया खाका तैयार कर रही एनएसजी
Wed, 30 Sep 2026 01:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 30 Sep 2026 01:12 AM IST
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सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेती एनएसजी।
अयोध्या।
राम मंदिर के बाद अब अयोध्या के दूसरे प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था भी एनएसजी के रडार पर है। नेशनल सिक्योरिटी गार्ड की टीम ने सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी और कनक भवन सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों का सुरक्षा ऑडिट शुरू कर दिया है। मंगलवार को एनएसजी कमांडो ने हनुमानगढ़ी परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की बारीकियां परखीं।
टीम ने श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास मार्ग, भीड़ की आवाजाही, संवेदनशील स्थानों और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। किसी आपात स्थिति में सुरक्षा बल कितनी तेजी से मौके तक पहुंच सकते हैं, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कौन से रास्ते उपयोगी होंगे और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय किस तरह बेहतर किया जा सकता है, इन बिंदुओं पर भी जानकारी जुटाई गई।
भीड़ प्रबंधन पर खास जोर : अयोध्या में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए सुरक्षा के साथ भीड़ प्रबंधन को भी नए प्लान का अहम हिस्सा बनाया जा रहा है। एनएसजी की टीम प्रमुख धार्मिक स्थलों की भौगोलिक स्थिति, प्रवेश-निकास व्यवस्था और संभावित संवेदनशील बिंदुओं का अध्ययन कर रही है। जुटाई जा रही जानकारी के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उपाय तय किए जाएंगे।
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राम मंदिर से आगे बढ़ा सुरक्षा आकलन : राम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के बाद एनएसजी की सक्रियता अब शहर के दूसरे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों तक पहुंची है। हनुमानगढ़ी और कनक भवन के अलावा अन्य प्रमुख स्थलों को भी समग्र सुरक्षा योजना के दायरे में रखा जा रहा है। मकसद धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के साथ किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और समन्वित कार्रवाई की व्यवस्था तैयार करना है।
आगे बढ़ सकती है एनएसजी की भूमिका :
अयोध्या के लिए तैयार किए जा रहे नए सुरक्षा प्लान में आने वाले समय में एनएसजी की भूमिका बढ़ने की संभावना है। टीम के निरीक्षण और सुरक्षा आकलन के आधार पर संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम, बेहतर भीड़ प्रबंधन और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र से जुड़े बदलाव किए जा सकते हैं।
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राम मंदिर के बाद अब अयोध्या के दूसरे प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था भी एनएसजी के रडार पर है। नेशनल सिक्योरिटी गार्ड की टीम ने सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी और कनक भवन सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों का सुरक्षा ऑडिट शुरू कर दिया है। मंगलवार को एनएसजी कमांडो ने हनुमानगढ़ी परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की बारीकियां परखीं।
टीम ने श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास मार्ग, भीड़ की आवाजाही, संवेदनशील स्थानों और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। किसी आपात स्थिति में सुरक्षा बल कितनी तेजी से मौके तक पहुंच सकते हैं, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कौन से रास्ते उपयोगी होंगे और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय किस तरह बेहतर किया जा सकता है, इन बिंदुओं पर भी जानकारी जुटाई गई।
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भीड़ प्रबंधन पर खास जोर : अयोध्या में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए सुरक्षा के साथ भीड़ प्रबंधन को भी नए प्लान का अहम हिस्सा बनाया जा रहा है। एनएसजी की टीम प्रमुख धार्मिक स्थलों की भौगोलिक स्थिति, प्रवेश-निकास व्यवस्था और संभावित संवेदनशील बिंदुओं का अध्ययन कर रही है। जुटाई जा रही जानकारी के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उपाय तय किए जाएंगे।
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राम मंदिर से आगे बढ़ा सुरक्षा आकलन : राम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के बाद एनएसजी की सक्रियता अब शहर के दूसरे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों तक पहुंची है। हनुमानगढ़ी और कनक भवन के अलावा अन्य प्रमुख स्थलों को भी समग्र सुरक्षा योजना के दायरे में रखा जा रहा है। मकसद धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के साथ किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और समन्वित कार्रवाई की व्यवस्था तैयार करना है।
आगे बढ़ सकती है एनएसजी की भूमिका :
अयोध्या के लिए तैयार किए जा रहे नए सुरक्षा प्लान में आने वाले समय में एनएसजी की भूमिका बढ़ने की संभावना है। टीम के निरीक्षण और सुरक्षा आकलन के आधार पर संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम, बेहतर भीड़ प्रबंधन और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र से जुड़े बदलाव किए जा सकते हैं।