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Ayodhya News: सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपियों के खिलाफ नहीं मिले सबूत
Sat, 28 Feb 2026 10:24 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 28 Feb 2026 10:24 PM IST
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अयोध्या। सार्वजनिक रास्ते की भूमि पर छप्पर रखने व भट्ठी बनाकर कब्जा करने के आरोपी मनीष सिंह व महेंद्र कुमार को सबूत के अभाव में बरी कर दिया गया। यह फैसला एफटीसी द्वितीय रवि कुमार गुप्ता की अदालत से हुआ है।
अभियोजन के अनुसार थाना गोसाईगंज क्षेत्र के समदा पुरैनी गांव में सार्वजनिक रास्ते की भूमि पर कब्जा की शिकायत पर लेखपाल अनिल कुमार जांच करने गए। जांच में मनीष सिंह, महेंद्र कुमार व राजेंद्र सिंह को दोषी पाया गया। मनीष पर रास्ते की भूमि पर मकान बनवाने, महेंद्र सिंह पर चाय की भट्ठी बनाकर व राजेंद्र सिंह पर अवैध कब्जा करने के बाबत 26 जून, 2017 को मुकदमा दर्ज किया गया। आरोप पत्र न्यायालय आने के बाद अभियोजन पक्ष से चार गवाह पेश किए गए।
सुनवाई के दौरान आरोपी राजेंद्र सिंह की मृत्यु हो गई। गवाह अनिल कुमार ने बयान दर्ज कराया कि शिकायत की जांच करने पर सार्वजनिक रास्ते की भूमि पर कब्जा होना पाया गया और उनके प्रार्थना पत्र पर थाना गोसाईगंज में लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मुकदमा दर्ज किया गया।
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वहीं, गवाह राम भवन ने बयान दर्ज कराया कि महेंद्र ने कोई चाय की दुकान नहीं खोली थी और न भट्ठी बनाया गया। रास्ते में आने-जाने का कोई व्यवधान भी नहीं है। आरोपी राजेंद्र सिंह का तो अगल-बगल मकान भी नहीं है, फिर उन्हें आरोपी बना दिया गया। न्यायाधीश ने अभियोजन व बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के पश्चात आरोपियों को सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने के आरोपों का दोषी नहीं पाया।
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अभियोजन के अनुसार थाना गोसाईगंज क्षेत्र के समदा पुरैनी गांव में सार्वजनिक रास्ते की भूमि पर कब्जा की शिकायत पर लेखपाल अनिल कुमार जांच करने गए। जांच में मनीष सिंह, महेंद्र कुमार व राजेंद्र सिंह को दोषी पाया गया। मनीष पर रास्ते की भूमि पर मकान बनवाने, महेंद्र सिंह पर चाय की भट्ठी बनाकर व राजेंद्र सिंह पर अवैध कब्जा करने के बाबत 26 जून, 2017 को मुकदमा दर्ज किया गया। आरोप पत्र न्यायालय आने के बाद अभियोजन पक्ष से चार गवाह पेश किए गए।
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सुनवाई के दौरान आरोपी राजेंद्र सिंह की मृत्यु हो गई। गवाह अनिल कुमार ने बयान दर्ज कराया कि शिकायत की जांच करने पर सार्वजनिक रास्ते की भूमि पर कब्जा होना पाया गया और उनके प्रार्थना पत्र पर थाना गोसाईगंज में लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मुकदमा दर्ज किया गया।
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वहीं, गवाह राम भवन ने बयान दर्ज कराया कि महेंद्र ने कोई चाय की दुकान नहीं खोली थी और न भट्ठी बनाया गया। रास्ते में आने-जाने का कोई व्यवधान भी नहीं है। आरोपी राजेंद्र सिंह का तो अगल-बगल मकान भी नहीं है, फिर उन्हें आरोपी बना दिया गया। न्यायाधीश ने अभियोजन व बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के पश्चात आरोपियों को सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने के आरोपों का दोषी नहीं पाया।