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Ayodhya News: पंखा-कूलर का इंतजाम नहीं, खुली खिड़कियों से मच्छर बोलते धावा
Fri, 12 Apr 2024 11:34 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 12 Apr 2024 11:34 PM IST
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अयोध्या। जिला अस्पताल में तीमारदारों के लिए रात गुजारना, जंग लड़ने के बराबर है। यहां बने रैन बसेरे के रख-रखाव के नाम पर काफी पैसे खर्च हो चुके हैं, लेकिन पंखे-कूलर का इंतजाम नहीं हो सका है। ऐसे में तीमारदार खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को विवश हैं।
212 बेड के जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों के तीमारदारों को रात गुजारने के लिए जनरल वार्ड के बगल रैन बसेरा बना है। यह सुविधा निशुल्क है। बीते वित्तीय वर्ष में यहां आधुनिक बेड का इंतजाम कराया गया था, लेकिन पंखे-कूलर की व्यवस्था नहीं की जा सकी। अब गर्मी में तीमारदारों को इधर-उधर खुले आसमान के नीचे रात बितानी पड़ रही है।
बुधवार को अमर उजाला प्रतिनिधि ने रैन बसेरे का जायजा लिया तो पंखे-कूलर का इंतजाम नहीं मिला। खिड़कियां खुली थीं। उनसे होकर मच्छर परिसर में भरे मिले। वहां रात गुजारना तो दूर, एक पल खड़े होना भी मुश्किल था। ऐसे में सभी व्यवस्थाएं होते हुए भी मामूली खर्च के लिए तीमारदारों को यह सुविधा नहीं मिल पा रही है, जबकि सिर्फ 10 पंखे व दो कूलर की जरूरत बताई गई है।
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-मौजूदा वित्तीय वर्ष में धनराशि आवंटित नहीं हुई है। बीते वर्ष 84 पंखे खरीदे गए थे, जिन्हें वार्डों में लगवा दिया गया है। शीघ्र ही रैन बसेरे के लिए पंखों का इंतजाम कराया जा रहा है।
-डॉ. विपिन वर्मा, अधीक्षक, जिला अस्पताल
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212 बेड के जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों के तीमारदारों को रात गुजारने के लिए जनरल वार्ड के बगल रैन बसेरा बना है। यह सुविधा निशुल्क है। बीते वित्तीय वर्ष में यहां आधुनिक बेड का इंतजाम कराया गया था, लेकिन पंखे-कूलर की व्यवस्था नहीं की जा सकी। अब गर्मी में तीमारदारों को इधर-उधर खुले आसमान के नीचे रात बितानी पड़ रही है।
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बुधवार को अमर उजाला प्रतिनिधि ने रैन बसेरे का जायजा लिया तो पंखे-कूलर का इंतजाम नहीं मिला। खिड़कियां खुली थीं। उनसे होकर मच्छर परिसर में भरे मिले। वहां रात गुजारना तो दूर, एक पल खड़े होना भी मुश्किल था। ऐसे में सभी व्यवस्थाएं होते हुए भी मामूली खर्च के लिए तीमारदारों को यह सुविधा नहीं मिल पा रही है, जबकि सिर्फ 10 पंखे व दो कूलर की जरूरत बताई गई है।
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-मौजूदा वित्तीय वर्ष में धनराशि आवंटित नहीं हुई है। बीते वर्ष 84 पंखे खरीदे गए थे, जिन्हें वार्डों में लगवा दिया गया है। शीघ्र ही रैन बसेरे के लिए पंखों का इंतजाम कराया जा रहा है।
-डॉ. विपिन वर्मा, अधीक्षक, जिला अस्पताल