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Ayodhya News: वर्टिकल व्यवस्था में नौ एई और 19 जेई की रहेगी तैनाती
Tue, 06 Jan 2026 09:20 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 06 Jan 2026 09:20 PM IST
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अयोध्या। जिले में लागू हो रही बिजली निगम की वर्टिकल व्यवस्था में अधिकारी व कर्मचारियों की फौज लगेगी। इसके लिए चार एक्सईएन समेत नौ एई और 19 जेई तैनात किए जाएंगे। संसाधनों की व्यवस्था के लिए युद्धस्तर पर कार्य हो रहा है। बृहस्पतिवार को निदेशक वाणिज्यिक जिले के अधिकारियों के साथ बैठक करके माइक्रोप्लान तैयार करेंगे।
अयोध्या धाम डिवीजन में 15 बिजली उपकेंद्र संचालित हैं। इनमें चिर्रा भी शामिल है। राम मंदिर निर्माण के बाद शहर में वाणिज्यिक उपभोक्ता तेजी से बढ़े हैं, जिनसे बिजली निगम को काफी फायदा हो रहा है। अब तक की व्यवस्था में एक ही अधिकारी व कर्मचारी पर हर तरह का भार होने से उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इससे निजात के लिए बिजली निगम ने शहरी इलाके में वर्टिकल व्यवस्था लागू करने की योजना बनाई है। 15 जनवरी से इसे लागू करने की तैयारी है।
इस व्यवस्था में अब अयोध्या धाम में चार एक्सईएन तैनात होंगे। एक एक्सईएन 33 केवी लाइन के अलावा प्रशासनिक और विजिलेंस संबंधी कार्य देखेंगे। दूसरे के पास 11 केवी लाइन और एलटी लाइन संबंधी कार्य होगा। दो एक्सईएन नए कनेक्शन, बिलिंग और कलेक्शन का कार्यभार संभालेंगे। अभी तक यह जिम्मा सिर्फ एक ही एक्सईएन के ऊपर था। इसी तरह सहायक अभियंता और अवर अभियंताओं के कायों का भी विभाजन होगा।
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बढ़ेंगे चार एई और पांच जेई
शहरी क्षेत्र में अभी लगभग पांच सहायक अभियंता (एई) और लगभग 14 जेई (अवर अभियंता) तैनात थे। वर्टिकल सिस्टम में नौ एई और 19 जेई की जरूरत है। इसमें चिर्रा को छोड़कर शहर के 14, नाका दुर्गापुरी उपकेंद्र शामिल किए गए हैं। इसके अलावा दर्शननगर उपकेंद्र के शहर की परिधि में आने वाले चार फीडर भी लिए गए हैं।
अधिकारियों के कार्यालय के लिए चिह्नित हुई जगह
अयोध्या धाम एक्सईएन के ऑफिस में वाणिज्यिक के दो एक्सईएन का कार्यालय होगा। अधीक्षण अभियंता कार्यालय के पीछे 33 केवी लाइन के एक्सईएन बैठेंगे। दर्शननगर कार्यालय के प्रथम तल पर 11 केवी के एक्सईएन का कार्यालय होगा। एई के कार्यालय अलग-अलग बिजलीघरों पर बनाए जा रहे हैं।
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अयोध्या धाम डिवीजन में 15 बिजली उपकेंद्र संचालित हैं। इनमें चिर्रा भी शामिल है। राम मंदिर निर्माण के बाद शहर में वाणिज्यिक उपभोक्ता तेजी से बढ़े हैं, जिनसे बिजली निगम को काफी फायदा हो रहा है। अब तक की व्यवस्था में एक ही अधिकारी व कर्मचारी पर हर तरह का भार होने से उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इससे निजात के लिए बिजली निगम ने शहरी इलाके में वर्टिकल व्यवस्था लागू करने की योजना बनाई है। 15 जनवरी से इसे लागू करने की तैयारी है।
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इस व्यवस्था में अब अयोध्या धाम में चार एक्सईएन तैनात होंगे। एक एक्सईएन 33 केवी लाइन के अलावा प्रशासनिक और विजिलेंस संबंधी कार्य देखेंगे। दूसरे के पास 11 केवी लाइन और एलटी लाइन संबंधी कार्य होगा। दो एक्सईएन नए कनेक्शन, बिलिंग और कलेक्शन का कार्यभार संभालेंगे। अभी तक यह जिम्मा सिर्फ एक ही एक्सईएन के ऊपर था। इसी तरह सहायक अभियंता और अवर अभियंताओं के कायों का भी विभाजन होगा।
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बढ़ेंगे चार एई और पांच जेई
शहरी क्षेत्र में अभी लगभग पांच सहायक अभियंता (एई) और लगभग 14 जेई (अवर अभियंता) तैनात थे। वर्टिकल सिस्टम में नौ एई और 19 जेई की जरूरत है। इसमें चिर्रा को छोड़कर शहर के 14, नाका दुर्गापुरी उपकेंद्र शामिल किए गए हैं। इसके अलावा दर्शननगर उपकेंद्र के शहर की परिधि में आने वाले चार फीडर भी लिए गए हैं।
अधिकारियों के कार्यालय के लिए चिह्नित हुई जगह
अयोध्या धाम एक्सईएन के ऑफिस में वाणिज्यिक के दो एक्सईएन का कार्यालय होगा। अधीक्षण अभियंता कार्यालय के पीछे 33 केवी लाइन के एक्सईएन बैठेंगे। दर्शननगर कार्यालय के प्रथम तल पर 11 केवी के एक्सईएन का कार्यालय होगा। एई के कार्यालय अलग-अलग बिजलीघरों पर बनाए जा रहे हैं।