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Ayodhya News: एमओयू से कृषि नवाचार व शोध को मिलेगा बढ़ावा
Tue, 21 Jul 2026 08:46 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 21 Jul 2026 08:46 PM IST
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एमओयू दिखाते कृषि विवि के कुलपति।
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कुमारगंज। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय ने कृषि शिक्षा, अनुसंधान और किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। विश्वविद्यालय ने चोलापुर कल्याण फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड / जयश्री नर्सरी, वाराणसी के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी से कृषि आधारित नवाचार और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा।
समझौते के तहत दोनों संस्थाएं गुणवत्तायुक्त उत्पादन, एकीकृत कृषि प्रणाली और शहरी बागवानी के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगी। कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना नहीं है। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योग और कृषि क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना भी है। यह समझौता विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान, शोध और रोजगार के बेहतर अवसर देगा। साथ ही, किसानों तक आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों को पहुंचाने में भी मदद करेगा। विश्वविद्यालय की ओर से निदेशक शोध डॉ. सौरभ दीक्षित ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। चोलापुर कल्याण फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की ओर से निदेशक शैलेंद्र रघुवंशी ने हस्ताक्षर किए।
आधुनिक तकनीकों का मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
इस समझौते से कृषि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को आधुनिक कृषि तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। उन्हें फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी और जयश्री नर्सरी के माध्यम से औद्योगिक भ्रमण के अवसर मिलेंगे। छात्र रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और शोध कार्य भी कर सकेंगे। वहीं, किसानों को प्राकृतिक खेती और गुणवत्तायुक्त पौध उत्पादन का लाभ मिलेगा। उन्हें आधुनिक उद्यानिकी, एकीकृत कृषि प्रणाली और कृषि उद्यमिता से जुड़ी नई तकनीकें भी मिलेंगी। इस साझेदारी के तहत विश्वविद्यालय और फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी संयुक्त रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाएंगे।
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वे कार्यशालाएं, प्रदर्शन इकाइयों का विकास और तकनीकी परामर्श जैसी गतिविधियां भी संचालित करेंगे। इन प्रयासों से कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। यह किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायक होगा। समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के समय निदेशक प्रशासन एवं परिवीक्षण डॉ. सुशांत श्रीवास्तव, नोडल अधिकारी विधि प्रकोष्ठ डॉ. रुद्र प्रताप सिंह, अध्यक्ष फल विज्ञान डॉ. एसके वर्मा और सहायक निदेशक शोध डॉ. गिरीश गोयल उपस्थित थे।
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समझौते के तहत दोनों संस्थाएं गुणवत्तायुक्त उत्पादन, एकीकृत कृषि प्रणाली और शहरी बागवानी के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगी। कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना नहीं है। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योग और कृषि क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना भी है। यह समझौता विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान, शोध और रोजगार के बेहतर अवसर देगा। साथ ही, किसानों तक आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों को पहुंचाने में भी मदद करेगा। विश्वविद्यालय की ओर से निदेशक शोध डॉ. सौरभ दीक्षित ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। चोलापुर कल्याण फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की ओर से निदेशक शैलेंद्र रघुवंशी ने हस्ताक्षर किए।
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आधुनिक तकनीकों का मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
इस समझौते से कृषि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को आधुनिक कृषि तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। उन्हें फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी और जयश्री नर्सरी के माध्यम से औद्योगिक भ्रमण के अवसर मिलेंगे। छात्र रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और शोध कार्य भी कर सकेंगे। वहीं, किसानों को प्राकृतिक खेती और गुणवत्तायुक्त पौध उत्पादन का लाभ मिलेगा। उन्हें आधुनिक उद्यानिकी, एकीकृत कृषि प्रणाली और कृषि उद्यमिता से जुड़ी नई तकनीकें भी मिलेंगी। इस साझेदारी के तहत विश्वविद्यालय और फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी संयुक्त रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाएंगे।
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वे कार्यशालाएं, प्रदर्शन इकाइयों का विकास और तकनीकी परामर्श जैसी गतिविधियां भी संचालित करेंगे। इन प्रयासों से कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। यह किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायक होगा। समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के समय निदेशक प्रशासन एवं परिवीक्षण डॉ. सुशांत श्रीवास्तव, नोडल अधिकारी विधि प्रकोष्ठ डॉ. रुद्र प्रताप सिंह, अध्यक्ष फल विज्ञान डॉ. एसके वर्मा और सहायक निदेशक शोध डॉ. गिरीश गोयल उपस्थित थे।