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Ayodhya News: अयोध्या में पेड़ बचाने उतरी मिशन ग्रीन अयोध्या की टीम
Mon, 15 Jul 2024 12:38 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 15 Jul 2024 12:38 AM IST
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हापौर से भेंट करते मिशन ग्रीन टीम के पदाधिकारी।
अयोध्या। अयोध्या महानगर के विकास के लिए हजारों हरे पेड़ों के बलिदान होने का खामियाजा महानगर भुगत रहा है। अब नए सिरे से सहादतगंज से निर्मलीकुंड तक सड़क चौड़ीकरण में फिर से हजारों पेड़ों के बलिदान देने की तैयारी है। जिसको बचाने के लिए मिशन ग्रीन अयोध्या टीम, मानवाधिकार कल्याण संस्थान, सहयोग वेलफेयर फाउंडेशन, यंग हयूम सोसाइटी, प्रयास ट्रस्ट के युवाओं ने मोर्चा संभाल लिया है।
टीम के सदस्यों ने कटने वाले पेड़ों की संख्या नोट कर कौन सा पेड़ विस्थापित हो सकता है और कौन से पेड़ का वजूद बच सकता है, आदि का सर्वे किया है। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, महापौर, मंडलायुक्त, सीईओ कैंट, सेना मुख्यालय, वन विभाग एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों को मांग पत्र सौंप कर पेड़ों को बचाने की गुहार लगाई है। ये टीम अब मुख्यमंत्री के पास भी फरियाद लेकर पहुंचने वाली है। सहादतगंज से निर्मली कुंड तक सड़क चौड़ीकरण में करीब 1200 से अधिक पेड़ काटने के लिए चिन्हित किए गए हैं।
मिशन ग्रीन अयोध्या के धनंजय पांडेय, हिमांशु कांत त्रिपाठी, तरून मालवीय, आचार्य राम सुफल, राजपाल, अभिषेक शुक्ल, प्रफुल्ल गुप्ता, दिलीप दुबे, अमित पाठक पूरे मनोयोग से पेड़ों को बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं। युवाओं ने बताया कि निर्मली कुंड मार्ग पर न तो बाजार है न ही बस्ती है। धार्मिक पर्यटन के लिए गुप्तारघाट, निर्मली कुंड, यमथरा चाट की तरफ लोग जाते हैं, ऐसे में बहुत चौड़े मार्ग की आवश्यकता नही है।
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ये करें तो बच सकते हैं पेड़
- ग्रीन मिशन के अनुसार सहादतगंज से निर्मलीकुंड तक परिक्रमा मार्ग का चौड़ीकरण नदी की तरफ यानी बाई तरफ करने से पेड़ बच सकेंगे। बाई और दाईं तरफ 276 पेड़ छोटे हैं। जिसमें 70 बरगद के पेड़ को विस्थपित किया जा सकता है। सहादतगंज से चेकपोस्ट तक करीब 100 पेड़ हैं। जिसमें 35 विस्थापित हो सकते हैं जबकि चेकपोस्ट की तरफ 64 पेड़ हैं, जिसमें से 27 विस्थापित हो सकते हैं। मोनल एस्सपोर्ट से रेजिडेंस की तरफ 34 पेड़ में से नौ विस्थापित हो सकते हैं। बताया कि निर्मलीकुंड में से सहादतगंज हनुमानगढ़ी तक करीब 1200 से अधिक पेड़ हैं जिसमें आधे से अधिक विस्थापित हो सकते हैं।
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टीम के सदस्यों ने कटने वाले पेड़ों की संख्या नोट कर कौन सा पेड़ विस्थापित हो सकता है और कौन से पेड़ का वजूद बच सकता है, आदि का सर्वे किया है। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, महापौर, मंडलायुक्त, सीईओ कैंट, सेना मुख्यालय, वन विभाग एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों को मांग पत्र सौंप कर पेड़ों को बचाने की गुहार लगाई है। ये टीम अब मुख्यमंत्री के पास भी फरियाद लेकर पहुंचने वाली है। सहादतगंज से निर्मली कुंड तक सड़क चौड़ीकरण में करीब 1200 से अधिक पेड़ काटने के लिए चिन्हित किए गए हैं।
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मिशन ग्रीन अयोध्या के धनंजय पांडेय, हिमांशु कांत त्रिपाठी, तरून मालवीय, आचार्य राम सुफल, राजपाल, अभिषेक शुक्ल, प्रफुल्ल गुप्ता, दिलीप दुबे, अमित पाठक पूरे मनोयोग से पेड़ों को बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं। युवाओं ने बताया कि निर्मली कुंड मार्ग पर न तो बाजार है न ही बस्ती है। धार्मिक पर्यटन के लिए गुप्तारघाट, निर्मली कुंड, यमथरा चाट की तरफ लोग जाते हैं, ऐसे में बहुत चौड़े मार्ग की आवश्यकता नही है।
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ये करें तो बच सकते हैं पेड़
- ग्रीन मिशन के अनुसार सहादतगंज से निर्मलीकुंड तक परिक्रमा मार्ग का चौड़ीकरण नदी की तरफ यानी बाई तरफ करने से पेड़ बच सकेंगे। बाई और दाईं तरफ 276 पेड़ छोटे हैं। जिसमें 70 बरगद के पेड़ को विस्थपित किया जा सकता है। सहादतगंज से चेकपोस्ट तक करीब 100 पेड़ हैं। जिसमें 35 विस्थापित हो सकते हैं जबकि चेकपोस्ट की तरफ 64 पेड़ हैं, जिसमें से 27 विस्थापित हो सकते हैं। मोनल एस्सपोर्ट से रेजिडेंस की तरफ 34 पेड़ में से नौ विस्थापित हो सकते हैं। बताया कि निर्मलीकुंड में से सहादतगंज हनुमानगढ़ी तक करीब 1200 से अधिक पेड़ हैं जिसमें आधे से अधिक विस्थापित हो सकते हैं।