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ब्रेकिंग न्यूज की होड़ में पत्रकारिता का नुकसान, खबर सूंघने की क्षमता विकसित करनी होगी : डॉ. बलदेवराज
Sat, 30 May 2026 09:43 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 30 May 2026 09:43 PM IST
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सिविल लाइंस स्थित प्रेस क्लब में आयोजित संगोष्ठी में अपने विचार व्यक्त करते प्रेस काउंसिल ऑफ इं
अयोध्या। प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व सदस्य डॉ. बलदेवराज गुप्ता ने कहा कि आज की पत्रकारिता में खबरों के स्रोतों का सत्यापन कमजोर हुआ है और ब्रेकिंग न्यूज की होड़ ने पत्रकारिता को नुकसान पहुंचाया है। पत्रकारों में खबर सूंघकर लिखने की क्षमता विकसित होनी चाहिए। सूचना को सुनना, पढ़ना और देखना ही बेहतर पत्रकारिता का आधार है।
सिविल लाइंस स्थित प्रेस क्लब में हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित व्याख्यानमाला एवं संगोष्ठी में डॉ. गुप्ता ने कहा कि पत्रकारिता का भविष्य डिजिटल हो चुका है, लेकिन तकनीक और एआई का गलत उपयोग पत्रकारिता के लिए चुनौती बन रहा है। कहा कि लोकतंत्र में जनता ही मालिक है और पत्रकारिता को सभी विचारों के लिए खुला मंच बने रहना चाहिए। वरिष्ठ पत्रकार शीतल पी सिंह ने कहा कि वर्तमान समय डिजिटल पत्रकारिता का दौर है। हर हाथ में मोबाइल होने से सूचनाओं तक पहुंच आसान हुई है, लेकिन पत्रकारों को नई तकनीक और बदलती चुनौतियों को समझना होगा।
प्रो. अरुण कुमार त्रिपाठी ने कहा कि आज के समय में निष्पक्ष और साहसपूर्ण पत्रकारिता करना बड़ी चुनौती है। पत्रकारिता का उद्देश्य केवल सूचनाओं की बाढ़ लाना नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को सामने रखना भी है। वरिष्ठ पत्रकार अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि पत्रकारिता में कंटेंट कमजोर होने का एक कारण संपादक संस्था का कमजोर होना है। कहा कि आने वाला समय भाषाई पत्रकारिता का है। साहित्यकार एवं पत्रकार नासिरा शर्मा ने कहा कि निर्भीक और सच्ची पत्रकारिता लोकतंत्र की आवश्यकता है। पत्रकार कम समय में समाज तक महत्वपूर्ण घटनाएं पहुंचाता है, इसलिए उसकी भूमिका हमेशा प्रासंगिक रहेगी। कार्यक्रम में स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
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सिविल लाइंस स्थित प्रेस क्लब में हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित व्याख्यानमाला एवं संगोष्ठी में डॉ. गुप्ता ने कहा कि पत्रकारिता का भविष्य डिजिटल हो चुका है, लेकिन तकनीक और एआई का गलत उपयोग पत्रकारिता के लिए चुनौती बन रहा है। कहा कि लोकतंत्र में जनता ही मालिक है और पत्रकारिता को सभी विचारों के लिए खुला मंच बने रहना चाहिए। वरिष्ठ पत्रकार शीतल पी सिंह ने कहा कि वर्तमान समय डिजिटल पत्रकारिता का दौर है। हर हाथ में मोबाइल होने से सूचनाओं तक पहुंच आसान हुई है, लेकिन पत्रकारों को नई तकनीक और बदलती चुनौतियों को समझना होगा।
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प्रो. अरुण कुमार त्रिपाठी ने कहा कि आज के समय में निष्पक्ष और साहसपूर्ण पत्रकारिता करना बड़ी चुनौती है। पत्रकारिता का उद्देश्य केवल सूचनाओं की बाढ़ लाना नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को सामने रखना भी है। वरिष्ठ पत्रकार अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि पत्रकारिता में कंटेंट कमजोर होने का एक कारण संपादक संस्था का कमजोर होना है। कहा कि आने वाला समय भाषाई पत्रकारिता का है। साहित्यकार एवं पत्रकार नासिरा शर्मा ने कहा कि निर्भीक और सच्ची पत्रकारिता लोकतंत्र की आवश्यकता है। पत्रकार कम समय में समाज तक महत्वपूर्ण घटनाएं पहुंचाता है, इसलिए उसकी भूमिका हमेशा प्रासंगिक रहेगी। कार्यक्रम में स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
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