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Ayodhya News: मेडिकल कॉलेज की फार्मेसी में जांच, सात दवाओं के लिए नमूने
Sat, 26 Sep 2026 11:28 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 26 Sep 2026 11:28 PM IST
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अयोध्या। मरीजों को जीवनरक्षक और जरूरी दवाएं उचित दर पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के विशेष अभियान के तहत अयोध्या मेडिकल कॉलेज की फार्मेसी की भी जांच की गई। औषधि निरीक्षकों की टीम ने फार्मेसी में दवाओं की उपलब्धता, गुणवत्ता और बिक्री से जुड़े अभिलेखों की पड़ताल की।
जांच के दौरान दवाओं की खरीद दर और मरीजों को बिक्री के लिए निर्धारित कीमत का मिलान किया गया। टीम ने स्टॉक रजिस्टर, बिलिंग रिकॉर्ड, फार्मेसिस्ट की उपस्थिति, दवाओं के भंडारण तथा तापमान नियंत्रित दवाओं के लिए कोल्ड-चेन व्यवस्था की स्थिति भी देखी। अधिकारियों ने यह भी जांचा कि आवश्यक और जीवनरक्षक दवाओं का स्टॉक नियमानुसार रखा जा रहा है या नहीं।
विशेष अभियान में दवाओं की प्रिंटेड एमआरपी और अस्पताल की खरीद दर के बीच अंतर को भी जांच का प्रमुख बिंदु बनाया गया है। विभाग ने ऐसे मामलों की पहचान शुरू की है, जहां दवाएं एमआरपी से काफी कम कीमत पर खरीदे जाने के बावजूद मरीजों को अधिकतम खुदरा मूल्य पर उपलब्ध कराई जा रही हों। सात दवाओं के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता जांच के लिए भेजे गए।
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अयोध्या मेडिकल कॉलेज में जांच के दौरान विभागीय टीम ने दवाओं की खरीद और आपूर्ति से संबंधित दस्तावेजों का भी परीक्षण किया, ताकि अस्पताल को दवा उपलब्ध कराने वाले थोक विक्रेताओं की आपूर्ति दर और सामान्य खुदरा आपूर्ति दर में किसी असामान्य अंतर का पता लगाया जा सके। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. अरविंद सिंह के मुताबिक टीम जांच करने आई थी और कुछ दवाओं के सैंपल जांच के लिए ले गई है।
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जांच के दौरान दवाओं की खरीद दर और मरीजों को बिक्री के लिए निर्धारित कीमत का मिलान किया गया। टीम ने स्टॉक रजिस्टर, बिलिंग रिकॉर्ड, फार्मेसिस्ट की उपस्थिति, दवाओं के भंडारण तथा तापमान नियंत्रित दवाओं के लिए कोल्ड-चेन व्यवस्था की स्थिति भी देखी। अधिकारियों ने यह भी जांचा कि आवश्यक और जीवनरक्षक दवाओं का स्टॉक नियमानुसार रखा जा रहा है या नहीं।
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विशेष अभियान में दवाओं की प्रिंटेड एमआरपी और अस्पताल की खरीद दर के बीच अंतर को भी जांच का प्रमुख बिंदु बनाया गया है। विभाग ने ऐसे मामलों की पहचान शुरू की है, जहां दवाएं एमआरपी से काफी कम कीमत पर खरीदे जाने के बावजूद मरीजों को अधिकतम खुदरा मूल्य पर उपलब्ध कराई जा रही हों। सात दवाओं के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता जांच के लिए भेजे गए।
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अयोध्या मेडिकल कॉलेज में जांच के दौरान विभागीय टीम ने दवाओं की खरीद और आपूर्ति से संबंधित दस्तावेजों का भी परीक्षण किया, ताकि अस्पताल को दवा उपलब्ध कराने वाले थोक विक्रेताओं की आपूर्ति दर और सामान्य खुदरा आपूर्ति दर में किसी असामान्य अंतर का पता लगाया जा सके। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. अरविंद सिंह के मुताबिक टीम जांच करने आई थी और कुछ दवाओं के सैंपल जांच के लिए ले गई है।