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एग्री-बिजनेस में युवाओं के लिए रोजगार की अपार संभावनाएं : डॉ. महेंद्र सिंह
Sun, 07 Jun 2026 10:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 07 Jun 2026 10:50 PM IST
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अवध विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रबंधन एवं उद्यमिता विभाग में आयोजित विशेष व्याख्यान में मौजूद शि
अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रबंधन एवं उद्यमिता विभाग में रविवार को एग्री-बिजनेस मैनेजमेंट में उभरते अवसर और चुनौतियां विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। इसमें कृषि प्रबंधन विशेषज्ञ डॉ. महेंद्र सिंह ने आधुनिक कृषि और प्रबंधन के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक कृषि अब उद्योग का रूप ले रही है और एग्री-बिजनेस के क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। सप्लाई चेन मैनेजमेंट, फूड प्रोसेसिंग और एग्रो-स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में तेजी से संभावनाएं बढ़ रही हैं।
डॉ. सिंह ने कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ड्रोन तकनीक और डेटा एनालिटिक्स के बढ़ते उपयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि इन तकनीकों से फसलों की उत्पादकता बढ़ाने और नुकसान कम करने में मदद मिल रही है। उन्होंने छात्रों को ऐसे व्यावसायिक मॉडल विकसित करने के लिए प्रेरित किया जो लाभ के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आर्थिक उन्नति में भी योगदान दें।
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कार्यक्रम में प्रो. हिमांशु शेखर सिंह, विभागाध्यक्ष प्रो. शैलेंद्र वर्मा, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. आशुतोष पांडेय और डॉ. राकेश कुमार मिश्रा सहित कई शोधार्थी व छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि पारंपरिक कृषि अब उद्योग का रूप ले रही है और एग्री-बिजनेस के क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। सप्लाई चेन मैनेजमेंट, फूड प्रोसेसिंग और एग्रो-स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में तेजी से संभावनाएं बढ़ रही हैं।
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डॉ. सिंह ने कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ड्रोन तकनीक और डेटा एनालिटिक्स के बढ़ते उपयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि इन तकनीकों से फसलों की उत्पादकता बढ़ाने और नुकसान कम करने में मदद मिल रही है। उन्होंने छात्रों को ऐसे व्यावसायिक मॉडल विकसित करने के लिए प्रेरित किया जो लाभ के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आर्थिक उन्नति में भी योगदान दें।
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कार्यक्रम में प्रो. हिमांशु शेखर सिंह, विभागाध्यक्ष प्रो. शैलेंद्र वर्मा, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. आशुतोष पांडेय और डॉ. राकेश कुमार मिश्रा सहित कई शोधार्थी व छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।