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Ayodhya News: किराया चुकाया तो खाने के पैसे नहीं बचते
Fri, 11 Sep 2026 11:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 11 Sep 2026 11:55 PM IST
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देवकाली स्थित डॉ.बृजकिशोर मेडिकल कॉलेज के बाहर प्रदर्शन करते प्रशिक्षु।
अयोध्या। घर से दूर रहकर आयुष प्रशिक्षण कर रहे प्रशिक्षुओं के सामने अब प्रशिक्षण से ज्यादा बड़ी चुनौती रोज का खर्च चलाना बन गई है। महीने के 7,500 रुपये मानदेय में पहले कमरे का किराया चुकाना पड़ता है। इसके बाद भोजन, आने-जाने और दूसरी जरूरी जरूरतों के लिए रकम इतनी कम बचती है कि पूरा महीना निकालना मुश्किल हो जाता है। कई प्रशिक्षुओं को मजबूरी में परिवार से पैसे मंगाने पड़ रहे हैं।
राजकीय डॉ. बृज किशोर होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्रशिक्षुओं का मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन शुक्रवार को भी जारी रहा। ओपीडी बंद रखकर प्रदर्शन कर रहे प्रशिक्षुओं ने कहा कि दूसरे राज्यों से चयन होने के कारण उन्हें अयोध्या में अलग से कमरा लेकर रहना पड़ता है। किराया और भोजन का खर्च ही मानदेय का बड़ा हिस्सा खत्म कर देता है। बची रकम से आने-जाने और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना संभव नहीं हो पा रहा है।
घर से पैसे मांगना पड़ता है
बिहार के प्रशिक्षु गौरव ओझा ने बताया कि कमरे का किराया देने के बाद खाने और अन्य जरूरी खर्च के लिए पैसे कम पड़ जाते हैं। दिनभर अस्पताल में प्रशिक्षण और मरीजों की देखभाल की जिम्मेदारी निभाने के बाद आर्थिक चिंता अलग बनी रहती है। हर महीने खर्च पूरा करने के लिए घर से पैसे मांगना पड़ता है।
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मानदेय में इतना बड़ा अंतर उचित नहीं
हिमाचल प्रदेश के संजय नेगी ने कहा कि बाहर से आने वाले प्रशिक्षुओं के लिए 7,500 रुपये का मानदेय पर्याप्त नहीं है। किराया चुकाने के बाद भोजन और दूसरी आवश्यकताओं के लिए बजट बिगड़ जाता है। आयुष प्रशिक्षु भी अस्पताल में मरीजों की देखभाल और प्रशिक्षण की जिम्मेदारियां निभाते हैं, इसलिए मानदेय में इतना बड़ा अंतर उचित नहीं है।
असमानता को लेकर नाराजगी
बंगलूरू की प्रिया का चयन ऑल इंडिया कोटा से हुआ है। उन्होंने कहा कि घर से दूर रहकर प्रशिक्षण लेने में सबसे ज्यादा खर्च रहने और खाने पर हो रहा है। 7,500 रुपये में दोनों खर्च संभालना मुश्किल है। वहीं, 25 अगस्त को एमबीबीएस और बीडीएस प्रशिक्षुओं का मानदेय 12 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये किए जाने के बाद आयुष प्रशिक्षुओं में असमानता को लेकर नाराजगी और बढ़ गई है।
ओपीडी बंद कर आंदोलन जारी रहेगा
हरियाणा की प्रशिक्षु हिमांशी ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान जिम्मेदारी और काम में कोई कमी नहीं है, फिर भी आयुष प्रशिक्षुओं को महज 7,500 रुपये दिए जा रहे हैं। प्रशिक्षुओं की मांग है कि मानदेय बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए। उनका कहना है कि जब तक मांग पूरी नहीं होती, ओपीडी बंद कर आंदोलन जारी रहेगा।
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राजकीय डॉ. बृज किशोर होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्रशिक्षुओं का मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन शुक्रवार को भी जारी रहा। ओपीडी बंद रखकर प्रदर्शन कर रहे प्रशिक्षुओं ने कहा कि दूसरे राज्यों से चयन होने के कारण उन्हें अयोध्या में अलग से कमरा लेकर रहना पड़ता है। किराया और भोजन का खर्च ही मानदेय का बड़ा हिस्सा खत्म कर देता है। बची रकम से आने-जाने और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना संभव नहीं हो पा रहा है।
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घर से पैसे मांगना पड़ता है
बिहार के प्रशिक्षु गौरव ओझा ने बताया कि कमरे का किराया देने के बाद खाने और अन्य जरूरी खर्च के लिए पैसे कम पड़ जाते हैं। दिनभर अस्पताल में प्रशिक्षण और मरीजों की देखभाल की जिम्मेदारी निभाने के बाद आर्थिक चिंता अलग बनी रहती है। हर महीने खर्च पूरा करने के लिए घर से पैसे मांगना पड़ता है।
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मानदेय में इतना बड़ा अंतर उचित नहीं
हिमाचल प्रदेश के संजय नेगी ने कहा कि बाहर से आने वाले प्रशिक्षुओं के लिए 7,500 रुपये का मानदेय पर्याप्त नहीं है। किराया चुकाने के बाद भोजन और दूसरी आवश्यकताओं के लिए बजट बिगड़ जाता है। आयुष प्रशिक्षु भी अस्पताल में मरीजों की देखभाल और प्रशिक्षण की जिम्मेदारियां निभाते हैं, इसलिए मानदेय में इतना बड़ा अंतर उचित नहीं है।
असमानता को लेकर नाराजगी
बंगलूरू की प्रिया का चयन ऑल इंडिया कोटा से हुआ है। उन्होंने कहा कि घर से दूर रहकर प्रशिक्षण लेने में सबसे ज्यादा खर्च रहने और खाने पर हो रहा है। 7,500 रुपये में दोनों खर्च संभालना मुश्किल है। वहीं, 25 अगस्त को एमबीबीएस और बीडीएस प्रशिक्षुओं का मानदेय 12 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये किए जाने के बाद आयुष प्रशिक्षुओं में असमानता को लेकर नाराजगी और बढ़ गई है।
ओपीडी बंद कर आंदोलन जारी रहेगा
हरियाणा की प्रशिक्षु हिमांशी ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान जिम्मेदारी और काम में कोई कमी नहीं है, फिर भी आयुष प्रशिक्षुओं को महज 7,500 रुपये दिए जा रहे हैं। प्रशिक्षुओं की मांग है कि मानदेय बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए। उनका कहना है कि जब तक मांग पूरी नहीं होती, ओपीडी बंद कर आंदोलन जारी रहेगा।

देवकाली स्थित डॉ.बृजकिशोर मेडिकल कॉलेज के बाहर प्रदर्शन करते प्रशिक्षु।

देवकाली स्थित डॉ.बृजकिशोर मेडिकल कॉलेज के बाहर प्रदर्शन करते प्रशिक्षु।

देवकाली स्थित डॉ.बृजकिशोर मेडिकल कॉलेज के बाहर प्रदर्शन करते प्रशिक्षु।

देवकाली स्थित डॉ.बृजकिशोर मेडिकल कॉलेज के बाहर प्रदर्शन करते प्रशिक्षु।