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Ayodhya News: जिले में बने कैथ लैब तो ह्रदय रोगियों की बचे जान

Tue, 10 Feb 2026 08:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Tue, 10 Feb 2026 08:58 PM IST
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If a cath lab is built in the district, the lives of heart patients can be saved
4-डॉ. स्वाती शर्मा।
अयोध्या। जिले में कैथ लैब न होने से ह्रदय रोगी जान गवां रहे हैं। पिछले काफी समय से इसे लेकर चल रहे प्रयास फलीभूत नहीं हो रहे हैं। बुधवार को पेश हो रहे प्रदेश सरकार के बजट में इसे लेकर घोषणा होने की उम्मीद है। चिकित्सकों का मानना है कि कैथ लैब बनने से जिले में ह्रदय रोगियों का बेहतर इलाज हो सकेगा।
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जिले में वर्ष 2019 से मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई है। तभी से यहां की स्वास्थ्य सेवाएं लगातार बढ़ाई जा रही हैं, लेकिन अब तक ह्रदय रोगियों के इलाज की बेहतर व्यवस्था नहीं हो सकी है। सप्ताह में दो दिन तक सिर्फ ओपीडी और टू-डी इको जांच की व्यवस्था है, लेकिन एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, पेसमेकर आदि के इंतजाम नहीं हो सके हैं। जबकि, राम मंदिर बनने के बाद से हर समय वीआईपी व वीवीआईपी का जमावड़ा रहता है।
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देश-दुनिया से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं, जिन्हें कैथ लैब समेत अन्य व्यवस्थाएं न होने के कारण जान गंवानी पड़ती है। पूर्व में इसे लेकर शासन को प्रस्ताव भी भेजे गए, लेकिन स्वीकृति नहीं मिल सकी। झुनझुनवाला हॉस्पिटल की कैथ लैब से अनुबंध के प्रयास भी सार्थक नहीं हुए। इस वजह से अब भी ह्रदय रोगियों को लखनऊ, दिल्ली व अन्य बड़े शहरों का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
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कैथ लैब के बिना रेफर करना पड़ता है मरीज
ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ. स्वाती शर्मा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में कई ऐसे मरीज आते हैं, जिन्हें मजबूरी में रेफर करना पड़ता है। यदि जिले को भी एक कैथ लैब मिल जाए तो रोगियों का यहीं पर बेहतर इलाज हो सकेगा। यह लैब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक पर काम करती है। उम्मीद है इस बजट में सरकार इसे प्राथमिकता देगी।

गोल्डन ऑवर में मिले इलाज तो बचेगी जान
एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वीरेंद्र वर्मा ने बताया कि ह्रदय रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। युवावस्था में ही लोग इसके शिकार हो रहे हैं। चार घंटे के गोल्डन ऑवर में ही रोगियों का इलाज होने से उनकी जान बचाई जा सकती है। इसके लिए जिले में एंजियाग्राफी, एंजियोप्लास्टी आदि की व्यवस्था होना जरूरी है। उम्मीद है कि सरकार इस पर विशेष ध्यान देगी।

4-डॉ. स्वाती शर्मा।

4-डॉ. स्वाती शर्मा।

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