फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Gaurishankar Das acquitted in the case of land grabbing by showing him dead

Ayodhya News: मृतक दिखाकर जमीन हड़पने के मामले में गौरीशंकर दास बरी

Mon, 16 Mar 2026 08:37 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Mon, 16 Mar 2026 08:37 PM IST
विज्ञापन
Gaurishankar Das acquitted in the case of land grabbing by showing him dead
अयोध्या। रामघाट स्थित युगल बिहारी दास की भूमि को फर्जी व कूटरचित वसीयत के सहारे अपने नाम दर्ज कराने के आरोपी हनुमानगढ़ी के महंत गौरी शंकर दास को सबूत के अभाव में बरी कर दिया गया है। यह फैसला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधांशु शेखर उपाध्याय ने सोमवार को सुनाया है।
विज्ञापन

अभियोजन के अनुसार हनुमान गढ़ी के बसंतिया पट्टी के महंत युगल बिहारी दास ने रामघाट स्थित साढ़े चार बीघा जमीन का बैनामा कराया था। उसी में एक मंदिर का निर्माण भी कराया। गौरी शंकर दास ने जमीन हड़पने की नीयत से प्राणघातक हमला किया। उनके भय से युगल बिहारी दास अयोध्या से बाहर चले गए।
विज्ञापन

नौ जून, 1988 को युगल बिहारी को मृतक दिखाकर गौरीशंकर दास ने जमीन अपने नाम करा ली। उनके चेला राम स्वरूप दास की तहरीर पर 16 मई, 2007 को कोतवाली अयोध्या में आरोपी गौरी शंकर दास चेला राम आज्ञा दास व अज्ञात राजस्व कर्मी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज हुई। राजस्व अभिलेखों में युगल बिहारी दास को मृतक दिखाकर जमीन का नामांतरण कराने को लेकर तत्कालीन जिलाधिकारी के निर्देश पर आईएएस राज शेखर ने तहसीलदार इंदु प्रकाश सिंह के साथ मिलकर जांच की।जांच में मृतक युगल बिहारी दास जीवित पाए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

घटना की विवेचना उप निरीक्षक मोतीलाल मौर्य ने की थी। विवेचना के बाद महंत गौरी शंकर दास के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय भेजा गया। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से वादी मुकदमा युगल बिहारी दास, आईएएस राज शेखर सहित सात गवाह पेश किए गए।
वादी मुकदमा ने बयान दिया कि उनकी जान को खतरा है। लुक-छिपकर अभी तक पैरवी की है। गौरी शंकर दास ने उन्हें मृतक दिखाकर कूटरचित वसीयत के आधार पर जमीन हड़प कर बेच दी है। वहीं, राजशेखर ने अपनी जांच रिपोर्ट साबित की। बचाव पक्ष की ओर से तर्क दिया गया कि वकालतनामा में युगल किशोर लिखा गया है।अदालत में पेश युगल बिहारी दास फर्जी हैं। युगल किशोर, युगल बिहारी दास बनकर जमीन हड़पना चाहते हैं।
वहीं, अभियोजन पक्ष से पेश किए गए गवाह महंत राम विलास व महंत राम चरन दास ने दर्ज रिपोर्ट के कथानक से इन्कार कर दिया, जिससे उन्हें पक्षद्रोही घोषित किया गया।

सीजेएम की अदालत ने पत्रावली पर मौजूद तथ्यों व गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी गौरी शंकर दास पर कोई आरोप साबित होना नहीं पाया। अभियोजन अधिकारी कृष्ण कुमार वर्मा ने बताया कि वसीयत संबंधित प्रकरण राजस्व परिषद में विचाराधीन है। सीजेएम के न्यायालय के आदेश का अध्ययन किया जा रहा है। उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद दोषमुक्त आदेश की अपील की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed