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Ayodhya News: फॉरेंसिक लैब तैयार, अपराध जांच होगी तेज
Mon, 20 Jul 2026 09:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 20 Jul 2026 09:45 PM IST
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बाग बिजेसी में बनकर तैयार अत्याधुनिक फारेंसिक साइंस लैब
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अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 48.88 करोड़ रुपये की लागत से बी श्रेणी की विधि विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण पूरा हो गया है। यह लैब बाग बिजेसी में बनी है। इसके क्रियाशील होने से डीएनए परीक्षण, साइबर फॉरेंसिक और बैलिस्टिक जांच जैसी अत्याधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों से अपराध अन्वेषण से जुड़े कार्य रफ्तार पकड़ सकेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुशासन विजन के तहत यह परियोजना गृह (पुलिस) विभाग की ओर से वित्तपोषित है। लोक निर्माण विभाग ने इसका निर्माण सात नवंबर 2023 को शुरू किया था। यह चार मंजिला भवन 10,266.40 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है। इसमें डॉरमेट्री, गेस्ट हाउस, गैरेज और वर्कशॉप भवन जैसी सुविधाएं भी हैं। प्रयोगशाला में अत्याधुनिक उपकरण, डीएनए एनालिसिस यूनिट और साइबर फॉरेंसिक सेंटर शामिल हैं। यह अपराध स्थल से मिले साक्ष्यों की जांच को सटीक और तेज बनाएगी। इससे अदालतों में सबूतों की विश्वसनीयता बढ़ेगी और दोषियों पर शिकंजा कसना आसान होगा।
पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर ने बताया कि पहले अपराध जांच के लिए लखनऊ या अन्य बड़े शहरों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब अयोध्या में स्वयं की अत्याधुनिक फॉरेंसिक सुविधा उपलब्ध है। इससे जांच प्रक्रिया में काफी तेजी आएगी। राम मंदिर, पर्यटन और बढ़ते शहरीकरण के मद्देनजर यह लैब सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगी।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुशासन विजन के तहत यह परियोजना गृह (पुलिस) विभाग की ओर से वित्तपोषित है। लोक निर्माण विभाग ने इसका निर्माण सात नवंबर 2023 को शुरू किया था। यह चार मंजिला भवन 10,266.40 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है। इसमें डॉरमेट्री, गेस्ट हाउस, गैरेज और वर्कशॉप भवन जैसी सुविधाएं भी हैं। प्रयोगशाला में अत्याधुनिक उपकरण, डीएनए एनालिसिस यूनिट और साइबर फॉरेंसिक सेंटर शामिल हैं। यह अपराध स्थल से मिले साक्ष्यों की जांच को सटीक और तेज बनाएगी। इससे अदालतों में सबूतों की विश्वसनीयता बढ़ेगी और दोषियों पर शिकंजा कसना आसान होगा।
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पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर ने बताया कि पहले अपराध जांच के लिए लखनऊ या अन्य बड़े शहरों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब अयोध्या में स्वयं की अत्याधुनिक फॉरेंसिक सुविधा उपलब्ध है। इससे जांच प्रक्रिया में काफी तेजी आएगी। राम मंदिर, पर्यटन और बढ़ते शहरीकरण के मद्देनजर यह लैब सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगी।
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