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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Find out who Krishna Mohan is: the man entrusted with the full responsibility of the Ram Mandir, who made head

जानिए कौन हैं कृष्ण मोहन: जिनको मिली राम मंदिर की पूरी जिम्मेदारी, चढ़ावा चोरी की तहरीर देकर चर्चाओं में आए

Mon, 06 Jul 2026 07:53 PM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ
डिजिटल डेस्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Mon, 06 Jul 2026 07:53 PM IST
सार

राम मंदिर ट्रस्ट ने नए अंतरिम महासचिव की नियुक्ति करते हुए प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने प्रबंधन की कमियों को दूर कर पारदर्शी व्यवस्था लागू करने का भरोसा दिया। ट्रस्ट ने नई समिति बनाने, जांच की प्रगति की समीक्षा करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही।

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Find out who Krishna Mohan is: the man entrusted with the full responsibility of the Ram Mandir, who made head
कृष्ण मोहन - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोमवार को बैठक में अहम फैसले लिए गए। राम मंदिर ट्रस्ट के चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिया। साथ ही व्यवस्था बदलाव किया। उत्तर प्रदेश के हरदोई निवासी एवं ट्रस्टी कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है। अब वे ट्रस्ट के प्रशासनिक और संगठनात्मक कार्यों का दायित्व संभालेंगे। बता दें कि राम चढ़ावा चोरी तहरील कृष्ण मोहन ने ही दी थी। 

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कृष्ण मोहन का संबंध उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से है। उन्होंने 1970 के दशक में लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उनका चयन भारतीय वन सेवा (आईएफएस) में हुआ और उन्होंने महाराष्ट्र कैडर में लंबे समय तक सेवाएं दीं। सेवानिवृत्ति के बाद वे सामाजिक और जनसेवा के कार्यों से जुड़े रहे।
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कृष्ण मोहन का जन्म सितंबर 1952 में बरेली में हुआ। उनके पिता रेलवे में अधिकारी थे। मूल रूप से हरदोई जिले के शाहाबाद क्षेत्र के सिकंदरपुर बाजार निवासी कृष्ण मोहन ने लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद करीब पांच वर्ष तक एटॉमिक एनर्जी विभाग में वैज्ञानिक के रूप में कार्य किया। बाद में उनका चयन भारतीय वन सेवा में हुआ और महाराष्ट्र कैडर मिला। वर्ष 2012 में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए।

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महासचिव कृष्ण मोहन बोले- जो कमियां रह गई थीं, उसे दूर करेंगे

राम मंदिर ट्रस्ट के नए महासचिव कृष्ण मोहन ने कहा, कहीं न कहीं प्रबंधन और संचालन में कमियां रह गईं थीं। जहां कहीं लूप होल्स हैं, अब इसे बंद करना है। इसका पूरा प्रयत्न करूंगा। समाज में जो माहौल बना है, इससे हमारे न्यास की छवि धूमिल हुई है। मेरा प्रयास रहेगा कि हम सभी न्यासी लोग इस धूमिल छवि को सही करने का प्रयास करेंगे।



राम जन्म भूमि में जो दर्शनार्थी शिलाएं दान करते हैं। इसका हम सभी न्यासी उस लक्ष्य की प्राप्ति को पारदर्शी रूप से करेंगे। पारदर्शी रूप से हर बात को बताया जाएगा, दिखाया जाएगा। हमारे न्यास के प्रति जो अविश्वास की प्रकृति बनी है, उसे दूर किया जाएगा। आपका साथ चाहिए, मीडिया से निवेदन है, जो सत्य है, वही प्रकाशित करें। न्यास के अधिकृत लोगों से पूछकर ही प्रकाशित करें।

 

पारदर्शी व्यवस्था के लिए बनेगी समिति

भविष्य में मंदिर की व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और त्रुटिरहित बनाने के लिए बैठक में एक छोटी समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को निर्धारित की गई है, जिसमें एसआईटी (SIT) की जांच रिपोर्ट की प्रगति की समीक्षा की जाएगी, नए न्यासियों की नियुक्ति पर विचार होगा और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। 

ट्रस्ट ने दोटूक शब्दों में कहा कि चोरी में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और एसआईटी निष्पक्ष जांच कर उन्हें कानून के तहत कठोर दंड दिलाएगी। इसके साथ ही ट्रस्ट ने चिंता जताई कि कुछ असामाजिक तत्व इस घटना की आड़ में देश भर में राम मंदिर और रामभक्तों की छवि को धूमिल करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं, इसलिए समाज को ऐसी किसी भी तरह की अफवाहों और भ्रामक प्रचार से पूरी तरह सावधान रहना चाहिए।

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