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Ayodhya News: खिलाड़ियों की राह में बाधा बनी आर्थिक तंगी
Mon, 02 Feb 2026 10:47 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 02 Feb 2026 10:47 PM IST
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14-असीम
अयोध्या। खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन संसाधनों के अभाव में जिले के कई होनहार खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। प्रशिक्षण शुल्क, खेल किट, यात्रा और प्रतियोगिता में होने वाला खर्च खिलाड़ियों के सपनों के बीच सबसे बड़ी बाधा बन रहा है। खिलाड़ियों और उनके परिजनों ने खेलों के लिए आर्थिक सहायता और सरकारी सहयोग बढ़ाने की मांग की है। खिलाड़ियों का कहना है कि यदि प्रशासन, खेल विभाग और जनप्रतिनिधि मिलकर आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों के लिए ठोस कदम उठाएं, तो खिलाड़ियों को आगे बढ़ने में मदद मिल सकेगी।
एथलीट विशाल ने बताया कि वह नियमित अभ्यास करते हैं। जिला स्तर पर अच्छा प्रदर्शन भी कर चुके हैं, लेकिन प्रतियोगिताओं में जाने के लिए आने-जाने और खेल सामग्री का खर्च वहन करना मुश्किल हो जाता है। कई बार सिर्फ पैसे के अभाव में बड़े टूर्नामेंट छोड़ने पड़ते हैं।
महिला खिलाड़ी दीपांशी ने कहा कि लड़कियों में खेल के प्रति रुचि तो बढ़ रही है, लेकिन सुविधाओं और आर्थिक मदद की कमी उन्हें पीछे धकेल देती है। कोचिंग फीस, जूते और डाइट का खर्च जुटा पाना आसान नहीं होता, जिससे अभ्यास प्रभावित होता है। आनंदी यादव ने बताया कि गांव से आने वाले खिलाड़ियों के लिए स्थिति और भी कठिन है। प्रतिभा होने के बावजूद संसाधन नहीं मिलने से कई साथी खिलाड़ी खेल छोड़कर नौकरी करने को मजबूर हो जाते हैं। यदि समय पर मदद मिले तो जिले से कई खिलाड़ी प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन कर सकते हैं। खिलाड़ी असीम ने कहा कि सरकारी योजनाएं तो हैं, लेकिन जानकारी और सीधी मदद न मिलने से लाभ नहीं मिल पाता। खेल छात्रवृत्ति, निशुल्क प्रशिक्षण और प्रतियोगिता खर्च की व्यवस्था की जाए तो खिलाड़ी पूरे मन से खेल पर ध्यान दे सकेंगे।
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एथलीट विशाल ने बताया कि वह नियमित अभ्यास करते हैं। जिला स्तर पर अच्छा प्रदर्शन भी कर चुके हैं, लेकिन प्रतियोगिताओं में जाने के लिए आने-जाने और खेल सामग्री का खर्च वहन करना मुश्किल हो जाता है। कई बार सिर्फ पैसे के अभाव में बड़े टूर्नामेंट छोड़ने पड़ते हैं।
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महिला खिलाड़ी दीपांशी ने कहा कि लड़कियों में खेल के प्रति रुचि तो बढ़ रही है, लेकिन सुविधाओं और आर्थिक मदद की कमी उन्हें पीछे धकेल देती है। कोचिंग फीस, जूते और डाइट का खर्च जुटा पाना आसान नहीं होता, जिससे अभ्यास प्रभावित होता है। आनंदी यादव ने बताया कि गांव से आने वाले खिलाड़ियों के लिए स्थिति और भी कठिन है। प्रतिभा होने के बावजूद संसाधन नहीं मिलने से कई साथी खिलाड़ी खेल छोड़कर नौकरी करने को मजबूर हो जाते हैं। यदि समय पर मदद मिले तो जिले से कई खिलाड़ी प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन कर सकते हैं। खिलाड़ी असीम ने कहा कि सरकारी योजनाएं तो हैं, लेकिन जानकारी और सीधी मदद न मिलने से लाभ नहीं मिल पाता। खेल छात्रवृत्ति, निशुल्क प्रशिक्षण और प्रतियोगिता खर्च की व्यवस्था की जाए तो खिलाड़ी पूरे मन से खेल पर ध्यान दे सकेंगे।

14-असीम

14-असीम

14-असीम
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