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Ayodhya News: हड्डी रोगियों का दर्द बढ़ा रहे महंगे इंप्लांट

Tue, 10 Mar 2026 08:52 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 10 Mar 2026 08:52 PM IST
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Expensive implants are increasing the pain of bone patients
अयोध्या। हड्डी टूटने के बाद ऑपरेशन में लगने वाले महंगे इंप्लांट रोगियों का दर्द बढ़ा रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में इनकी आपूर्ति न होने से मरीज बाहर से काफी महंगे दामों पर इंप्लांट खरीदने को मजबूर है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
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मेडिकल कॉलेज समेत सभी जिला स्तरीय अस्पतालों में हड्डियां टूटने के बाद ऑपरेशन तो खूब हो रहे हैं, लेकिन उसके लिए समुचित संसाधन अब तक उपलब्ध नहीं कराए जा सके हैं। ऑपरेशन में लगने वाले ऑर्थोपेडिक इंप्लांट्स (स्क्रू, प्लेट्स, रॉड) आदि बाहर से खरीदना पड़ता है, जहां मरीज कमीशनखोरी के शिकार होते हैं। वास्तविक खरीद से काफी महंगे दामों पर रोगियों को यह उपलब्ध कराए जाते हैं, जिनसे उनका आर्थिक शोषण खूब होता है।
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छोटे ऑपरेशनों में भी गंवा रहे 20-25 हजार



कई बार रोगियों को इंप्लांट की गुणवत्ता के नाम पर भी ठगा जाता है। रोगियों को छोटे ऑपरेशनों के लिए भी 20-25 हजार रुपये गंवाने पड़ते हैं। कई बार तो सस्ते इंप्लांट के चक्कर में खराब गुणवत्ता के इंप्लांट उन्हें थमा दिए जाते हैं, जिससे उन्हें गंभीर संक्रमण व परेशानियों से जूझना पड़ता है। कई बार तो संक्रमण और दर्द से निजात न मिलने पर उन्हें दोबारा ऑपरेशन कराने की नौबत भी आती है।
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माह भर में होते हैं 300 ऑपरेशन



जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में माह में हड्डियों से जुड़े औसतन 300 ऑपरेशन होते हैं। इनमें मेडिकल कॉलेज दर्शननगर में लगभग 100, जिला अस्पताल में लगभग 50, राजकीय श्रीराम अस्पताल में 160 और कुमारगंज अस्पताल में इक्का-दुक्का ऑपरेशन होते हैं। ऐसे में जिले में औसतन 10 रोगियों को रोज बाहर से महंगे दामों पर इंप्लांट खरीदना पड़ता है, जिसकी आड़ में चिकित्सकों की भी मोटी कमाई होती है।




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अस्पतालों में इंप्लांट की आपूर्ति न होने से मरीजों पर आर्थिक बोझ तो पड़ता है। यह मामला शासन स्तर पर भी संज्ञान में है। यदि इसकी आड़ में रोगियों से धनउगाही की जा रही है तो गलत है। मामला संज्ञान आने पर जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।



-डॉ. बीके सिंह चौहान, अपर निदेशक, अयोध्या मंडल
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