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Ayodhya News: शादियों में बढ़ा ड्रोन और ट्रॉली वीडियोग्राफी का चलन
Wed, 25 Feb 2026 11:02 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 25 Feb 2026 11:02 PM IST
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24- देवकाली में स्थित एक मैरिज लॉन में क्रेन वीडियोग्राफी से शादी के शूट की तैयारी करते कर्मी
अयोध्या। शादियों का सीजन आते ही अब केवल बैंड-बाजा और पकवानों की चर्चा नहीं होती, बल्कि चर्चा इस बात की भी होती है कि दूल्हा-दुल्हन की एंट्री कैसी होगी और शूट किस लेवल का होगा। आधुनिकता के इस दौर में शादियों की वीडियोग्राफी के पारंपरिक तरीके बदल गए हैं। रस्मों को यादगार बनाने के लिए पारंपरिक कैमरों की जगह ड्रोन और ट्रॉली वीडियोग्राफी ने ले ली है।
शहर से लेकर गांव तक में होने वाली शादियों में इन दिनों ड्रोन कैमरे आसमान से पूरी बारात और समारोह की भव्य तस्वीरें कैद करते नजर आ रहे हैं। ट्रॉली कैमरे मंच से लेकर जयमाल तक हर छोटे-बड़े पल को सिनेमाई अंदाज में रिकॉर्ड कर रहे हैं। ड्रोन के जरिये वर-वधू की एंट्री, आतिशबाजी, सजी-धजी बारात और सजे पंडाल का विहंगम दृश्य आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
ट्रॉली कैमरे की मदद से दूल्हा-दुल्हन की भावनाओं, हंसी-मजाक और पारिवारिक रस्मों को नजदीक से फिल्माया जा रहा है। नई तकनीक आधारित ड्रोन फोटोग्राफी से 360 डिग्री व्यू में वेडिंग शूट किया जा रहा है। पहले यह चलन बड़े शहरों तक सीमित था। लेकिन, अब गांवों में भी इसका चलन तेजी से बढ़ रहा है।
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सुभाष नगर के सिनेमैटोग्राफर आरके यादव ने कहा कि मंच पर होने वाली हलचल को फिल्मी अंदाज देने के लिए ड्रोन और क्रेन कैमरे का इस्तेमाल हो रहा है। कभी फिल्मों तक सीमित रहने वाला ड्रोन अब आम शादियों का अनिवार्य हिस्सा बन गया है। शादी सीजन में लाखों की कमाई हो जाती है। फोटोग्राफी व्यवसाय से जुड़े बेनीगंज के संदीप ने कहा कि पहले शादियों में साधारण वीडियोग्राफी का चलन था। लेकिन अब सिनेमैटिक वेडिंग फिल्म की मांग तेजी से बढ़ी है। इसके लिए विशेष एडिटिंग, बैकग्राउंड म्यूजिक और स्लो-मोशन इफेक्ट का इस्तेमाल किया जाता है। इससे कमाई करीब तीन गुना तक बढ़ गई है।
800 फीट की ऊंचाई तक से शूट करने में सक्षम ड्रोन
सेंसर चालित यह ड्रोन करीब 700 से 800 फीट की ऊंचाई तक से शूट करने में सक्षम हैं। मैरिज लॉन, बैंक्वेट हॉल और अन्य कार्यक्रम स्थलों पर डेकोरेशन से लेकर दूल्हा-दुल्हन की एंट्री तक के दृश्य ड्रोन के माध्यम से कैद किए जा रहे हैं। पहले जहां सामान्य वीडियोग्राफी कुछ हजारों में सिमट जाती थी, वहीं हाईटेक उपकरणों के साथ इसका पैकेज 50,000 रुपये से लेकर तीन लाख रुपये तक पहुंच रहा है। सोशल मीडिया और रील्स के दौर ने इस चलन को और हवा दी है।
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शहर से लेकर गांव तक में होने वाली शादियों में इन दिनों ड्रोन कैमरे आसमान से पूरी बारात और समारोह की भव्य तस्वीरें कैद करते नजर आ रहे हैं। ट्रॉली कैमरे मंच से लेकर जयमाल तक हर छोटे-बड़े पल को सिनेमाई अंदाज में रिकॉर्ड कर रहे हैं। ड्रोन के जरिये वर-वधू की एंट्री, आतिशबाजी, सजी-धजी बारात और सजे पंडाल का विहंगम दृश्य आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
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ट्रॉली कैमरे की मदद से दूल्हा-दुल्हन की भावनाओं, हंसी-मजाक और पारिवारिक रस्मों को नजदीक से फिल्माया जा रहा है। नई तकनीक आधारित ड्रोन फोटोग्राफी से 360 डिग्री व्यू में वेडिंग शूट किया जा रहा है। पहले यह चलन बड़े शहरों तक सीमित था। लेकिन, अब गांवों में भी इसका चलन तेजी से बढ़ रहा है।
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सुभाष नगर के सिनेमैटोग्राफर आरके यादव ने कहा कि मंच पर होने वाली हलचल को फिल्मी अंदाज देने के लिए ड्रोन और क्रेन कैमरे का इस्तेमाल हो रहा है। कभी फिल्मों तक सीमित रहने वाला ड्रोन अब आम शादियों का अनिवार्य हिस्सा बन गया है। शादी सीजन में लाखों की कमाई हो जाती है। फोटोग्राफी व्यवसाय से जुड़े बेनीगंज के संदीप ने कहा कि पहले शादियों में साधारण वीडियोग्राफी का चलन था। लेकिन अब सिनेमैटिक वेडिंग फिल्म की मांग तेजी से बढ़ी है। इसके लिए विशेष एडिटिंग, बैकग्राउंड म्यूजिक और स्लो-मोशन इफेक्ट का इस्तेमाल किया जाता है। इससे कमाई करीब तीन गुना तक बढ़ गई है।
800 फीट की ऊंचाई तक से शूट करने में सक्षम ड्रोन
सेंसर चालित यह ड्रोन करीब 700 से 800 फीट की ऊंचाई तक से शूट करने में सक्षम हैं। मैरिज लॉन, बैंक्वेट हॉल और अन्य कार्यक्रम स्थलों पर डेकोरेशन से लेकर दूल्हा-दुल्हन की एंट्री तक के दृश्य ड्रोन के माध्यम से कैद किए जा रहे हैं। पहले जहां सामान्य वीडियोग्राफी कुछ हजारों में सिमट जाती थी, वहीं हाईटेक उपकरणों के साथ इसका पैकेज 50,000 रुपये से लेकर तीन लाख रुपये तक पहुंच रहा है। सोशल मीडिया और रील्स के दौर ने इस चलन को और हवा दी है।