{"_id":"69419ec25904758841059e6d","slug":"dr-vedanti-remained-dedicated-to-rams-work-throughout-his-life-yogi-ayodhya-news-c-13-1-lko1045-1518632-2025-12-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"आजीवन रामकाज में समर्पित रहे डॉ. वेदांती : योगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आजीवन रामकाज में समर्पित रहे डॉ. वेदांती : योगी
Tue, 16 Dec 2025 11:32 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 16 Dec 2025 11:32 PM IST
विज्ञापन
7-पूर्व सांसद को श्रद्धांजलि देते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।-सूचना
अयोध्या। राम मंदिर आंदोलन के अग्रणी स्तंभ रहे हिंदू धाम पीठाधीश्वर व पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती को अंतिम प्रणाम करने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अयोध्या पहुंचे। उन्होंने गमगीन माहौल में हिंदू धाम आश्रम में दिवंगत महंत डॉ. वेदांती को पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद भावुक अंदाज में कहा कि उनका संपूर्ण जीवन रामकाज के लिए समर्पित रहा। यह भी एक संयोग है कि प्रभु श्रीराम की पावन कथा का वाचन करते हुए उन्होंने नश्वर देह का त्याग कर साकेतवास किया।
मुख्यमंत्री योगी को सुबह 11:00 बजे हिंदू धाम पहुंचना था लेकिन मौसम खराब होने और दृश्यता कम होने के चलते उनका हेलीकॉप्टर करीब एक घंटे विलंब से महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट पहुंचा। वहां से मुख्यमंत्री सीधे रामलला और हनुमानगढ़ी के दरबार पहुंचे। दर्शन-पूजन के बाद हिंदू धाम पहुंच कर पूर्व सांसद को नमन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति अभियान के वरिष्ठ सदस्य महंत डॉ. रामविलास दास वेदांती भौतिक रूप से आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका संपूर्ण जीवन अयोध्या धाम के विकास और रामलला के भव्य मंदिर निर्माण को समर्पित रहा। डॉ. वेदांती के योगदान को याद करते हुए कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के प्रारंभिक दौर से लेकर उसके मूर्त रूप लेने और आंदोलन के सफल परिणाम को देखने का सौभाग्य उन्हें प्राप्त हुआ।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि 25 नवंबर को श्रीराम जन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर के शिखर पर धर्मध्वजा आरोहण समारोह में भी डॉ. वेदांती की गरिमामयी उपस्थिति रही। यह उनके समर्पण और निरंतर सहभागिता का स्पष्ट प्रमाण है। योगी ने कहा कि वर्ष 1983 में श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति अभियान के आरंभ से लेकर अब तक आयोजित प्रत्येक आंदोलन और कार्यक्रम में डॉ. वेदांती की सक्रिय भूमिका रही।
डॉ. वेदांती मध्य प्रदेश के रीवा में भठवा गांव में रामकथा का वाचन कर रहे थे। कथा का आयोजन 17 दिसंबर तक निर्धारित था, लेकिन शनिवार की रात सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत के बाद उन्हें उपचार के लिए रीवां लाया गया। वहां एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार को उनका साकेतवास हो गया था।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी को सुबह 11:00 बजे हिंदू धाम पहुंचना था लेकिन मौसम खराब होने और दृश्यता कम होने के चलते उनका हेलीकॉप्टर करीब एक घंटे विलंब से महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट पहुंचा। वहां से मुख्यमंत्री सीधे रामलला और हनुमानगढ़ी के दरबार पहुंचे। दर्शन-पूजन के बाद हिंदू धाम पहुंच कर पूर्व सांसद को नमन किया।
विज्ञापन
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति अभियान के वरिष्ठ सदस्य महंत डॉ. रामविलास दास वेदांती भौतिक रूप से आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका संपूर्ण जीवन अयोध्या धाम के विकास और रामलला के भव्य मंदिर निर्माण को समर्पित रहा। डॉ. वेदांती के योगदान को याद करते हुए कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के प्रारंभिक दौर से लेकर उसके मूर्त रूप लेने और आंदोलन के सफल परिणाम को देखने का सौभाग्य उन्हें प्राप्त हुआ।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि 25 नवंबर को श्रीराम जन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर के शिखर पर धर्मध्वजा आरोहण समारोह में भी डॉ. वेदांती की गरिमामयी उपस्थिति रही। यह उनके समर्पण और निरंतर सहभागिता का स्पष्ट प्रमाण है। योगी ने कहा कि वर्ष 1983 में श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति अभियान के आरंभ से लेकर अब तक आयोजित प्रत्येक आंदोलन और कार्यक्रम में डॉ. वेदांती की सक्रिय भूमिका रही।
डॉ. वेदांती मध्य प्रदेश के रीवा में भठवा गांव में रामकथा का वाचन कर रहे थे। कथा का आयोजन 17 दिसंबर तक निर्धारित था, लेकिन शनिवार की रात सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत के बाद उन्हें उपचार के लिए रीवां लाया गया। वहां एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार को उनका साकेतवास हो गया था।