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Ayodhya News: योग प्रशिक्षकों के राष्ट्रीय अधिवेशन में अनुदेशकों के समान वेतन की मांग
Sun, 26 Apr 2026 08:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 26 Apr 2026 08:48 PM IST
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जिला सहकारी बैंक के सभागार में अखिल भारतीय योग प्रशिक्षक महासंघ के राष्ट्रीय अधिवेशन में मौजूद
अयोध्या। अखिल भारतीय योग प्रशिक्षक महासंघ ने रविवार को सिविल लाइन स्थित जिला सहकारी बैंक सभागार में एक राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन किया। इसमें देशभर से आए योग प्रशिक्षकों ने अनुदेशकों के समान वेतन और स्थायीकरण की मांग प्रमुखता से उठाई।
प्रशिक्षकों का कहना है कि वर्षों से सेवाएं देने के बावजूद उन्हें न तो स्थायी नियुक्ति मिली है और न ही पर्याप्त मानदेय, जिससे उनका भविष्य असुरक्षित बना हुआ है। अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य योग प्रशिक्षकों का स्थायीकरण, वेतन वृद्धि और राष्ट्रीय स्तर पर संगठन को मजबूत करना था। महासंघ की संरक्षक डॉ. विजय लक्ष्मी जायसवाल ने कहा कि योग स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन प्रशिक्षकों का वेतन बहुत कम है। कानपुर से आए संयोजक आचार्य विपिन पथिक ने बताया कि वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) सहित अन्य स्थानों पर तैनात पुरुष योग प्रशिक्षकों को आठ हजार रुपये मासिक वेतन मिलता है। महिला प्रशिक्षकों को पांच हजार रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इतने कम वेतन पर गुजारा कर पाना संभव नहीं है। इन प्रशिक्षकों को किसी प्रकार का बीमा, आयुष्मान कार्ड या कोई अन्य सरकारी लाभ नहीं मिलता। महिला प्रशिक्षकों को मातृत्व अवकाश भी नहीं मिलता है। उन्होंने सरकार से मांग किया कि योग प्रशिक्षकों को कम से कम अनुदेशकों के बराबर वेतन दिया जाए।
कार्यक्रम के पूर्व प्रतिभागियों को अयोध्या धाम में राम मंदिर और हनुमानगढ़ी के दर्शन कराए गए। इस अवसर पर अध्यक्ष आचार्य मिथिलेश कुमार, महासचिव योगाचार्य ममता तिवारी, संगठन प्रभारी आचार्य सुनील यादव, आईआईटी कानपुर के विभागाध्यक्ष डॉ. शैलेश यादव आदि मौजूद रहे।
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प्रशिक्षकों का कहना है कि वर्षों से सेवाएं देने के बावजूद उन्हें न तो स्थायी नियुक्ति मिली है और न ही पर्याप्त मानदेय, जिससे उनका भविष्य असुरक्षित बना हुआ है। अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य योग प्रशिक्षकों का स्थायीकरण, वेतन वृद्धि और राष्ट्रीय स्तर पर संगठन को मजबूत करना था। महासंघ की संरक्षक डॉ. विजय लक्ष्मी जायसवाल ने कहा कि योग स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन प्रशिक्षकों का वेतन बहुत कम है। कानपुर से आए संयोजक आचार्य विपिन पथिक ने बताया कि वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) सहित अन्य स्थानों पर तैनात पुरुष योग प्रशिक्षकों को आठ हजार रुपये मासिक वेतन मिलता है। महिला प्रशिक्षकों को पांच हजार रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इतने कम वेतन पर गुजारा कर पाना संभव नहीं है। इन प्रशिक्षकों को किसी प्रकार का बीमा, आयुष्मान कार्ड या कोई अन्य सरकारी लाभ नहीं मिलता। महिला प्रशिक्षकों को मातृत्व अवकाश भी नहीं मिलता है। उन्होंने सरकार से मांग किया कि योग प्रशिक्षकों को कम से कम अनुदेशकों के बराबर वेतन दिया जाए।
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कार्यक्रम के पूर्व प्रतिभागियों को अयोध्या धाम में राम मंदिर और हनुमानगढ़ी के दर्शन कराए गए। इस अवसर पर अध्यक्ष आचार्य मिथिलेश कुमार, महासचिव योगाचार्य ममता तिवारी, संगठन प्रभारी आचार्य सुनील यादव, आईआईटी कानपुर के विभागाध्यक्ष डॉ. शैलेश यादव आदि मौजूद रहे।
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