{"_id":"68dc12fd107d0ec4f607b6a9","slug":"dbt-has-given-a-new-impetus-to-the-mainstream-of-development-prof-trilochan-ayodhya-news-c-13-1-lko1045-1407703-2025-09-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीबीटी से विकास की मुख्य धारा को मिली नवगति : प्रो. त्रिलोचन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीबीटी से विकास की मुख्य धारा को मिली नवगति : प्रो. त्रिलोचन
विज्ञापन
अयोध्या। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के आचार्य व वित्त और मानव संसाधन प्रबंधन विशेषज्ञ प्रो. त्रिलोचन शर्मा ने कहा कि भारत तकनीकी क्षेत्र में अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहा है। डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) जैसी योजनाएं जन साधारण तक लाभ पहुंचा कर बिचौलियों की भूमिका समाप्त कर रही हैं। इससे विकास की मुख्य धारा को नवगति मिली है।
प्रो. शर्मा ने तकनीकी और डिजिटल साक्षरता के और विस्तार की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। वह उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के अयोध्या क्षेत्रीय केंद्र की ओर से सेवा पखवाड़ा के तहत विकसित भारत-2047 की संकल्पना में डिजिटल संसाधनों की राष्ट्रव्यापी भूमिका विषय पर आयोजित वेबिनार में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे। ओसाका विश्वविद्यालय, जापान के तकनीकी विशेषज्ञ डॉ. विकास पांडेय ने कहा कि आज भारत ने शिक्षा, सुशासन, संस्कृति व कृषि समेत विविध क्षेत्रों में तकनीक को अपना कर नित नए आयाम स्थापित किए हैं।
उन्होंने ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में विशेष तकनीकी कौशल के विकास की जरूरत पर बल दिया, ताकि छोटे-छोटे प्रयासों के सामूहिक प्रभाव से विकसित भारत-2047 का सपना साकार हो सके। भाजपा के विदेश संपर्क विभाग के क्षेत्रीय संयोजक रवि तिवारी ने कहा कि तकनीक आज हर क्षेत्र में व्याप्त है। सभी नागरिक अपनी दैनिक गतिविधियों में डिजिटल संसाधनों का प्रभाव अनुभव कर रहे हैं। इन संसाधनों के सम्यक व व्यवस्थित उपयोग की जरूरत है।
विज्ञापन
कार्यक्रम संयोजक व विश्वविद्यालय के अयोध्या केंद्र के क्षेत्रीय समन्वयक डॉ. शशि भूषण राम त्रिपाठी ने कहा कि सेवा पखवाड़ा के तहत यह वेबिनार एक विशिष्ट अभियान है। इससे विकसित भारत-2047 की संकल्पना को सशक्त दिशा मिलेगी। परुइया आश्रम स्नातकोत्तर महाविद्यालय के डॉ. रमेश ने कहा कि वेबिनार के माध्यम से प्रतिभागियों ने नए विचार, तकनीकी दिशा और विकसित भारत के लक्ष्य की ओर जागरूकता व प्रेरणा प्राप्त की है।
विज्ञापन
प्रो. शर्मा ने तकनीकी और डिजिटल साक्षरता के और विस्तार की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। वह उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के अयोध्या क्षेत्रीय केंद्र की ओर से सेवा पखवाड़ा के तहत विकसित भारत-2047 की संकल्पना में डिजिटल संसाधनों की राष्ट्रव्यापी भूमिका विषय पर आयोजित वेबिनार में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे। ओसाका विश्वविद्यालय, जापान के तकनीकी विशेषज्ञ डॉ. विकास पांडेय ने कहा कि आज भारत ने शिक्षा, सुशासन, संस्कृति व कृषि समेत विविध क्षेत्रों में तकनीक को अपना कर नित नए आयाम स्थापित किए हैं।
विज्ञापन
उन्होंने ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में विशेष तकनीकी कौशल के विकास की जरूरत पर बल दिया, ताकि छोटे-छोटे प्रयासों के सामूहिक प्रभाव से विकसित भारत-2047 का सपना साकार हो सके। भाजपा के विदेश संपर्क विभाग के क्षेत्रीय संयोजक रवि तिवारी ने कहा कि तकनीक आज हर क्षेत्र में व्याप्त है। सभी नागरिक अपनी दैनिक गतिविधियों में डिजिटल संसाधनों का प्रभाव अनुभव कर रहे हैं। इन संसाधनों के सम्यक व व्यवस्थित उपयोग की जरूरत है।
विज्ञापन
कार्यक्रम संयोजक व विश्वविद्यालय के अयोध्या केंद्र के क्षेत्रीय समन्वयक डॉ. शशि भूषण राम त्रिपाठी ने कहा कि सेवा पखवाड़ा के तहत यह वेबिनार एक विशिष्ट अभियान है। इससे विकसित भारत-2047 की संकल्पना को सशक्त दिशा मिलेगी। परुइया आश्रम स्नातकोत्तर महाविद्यालय के डॉ. रमेश ने कहा कि वेबिनार के माध्यम से प्रतिभागियों ने नए विचार, तकनीकी दिशा और विकसित भारत के लक्ष्य की ओर जागरूकता व प्रेरणा प्राप्त की है।