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Ayodhya News: सेवन-डी तकनीक पर आधारित गैलरी का निर्माण शुरू
Tue, 02 Dec 2025 09:01 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 02 Dec 2025 09:01 PM IST
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16- रामकथा संग्रहालय में इस तरह बन रही गैलरी- संग्रहालय
अयोध्या। अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में श्रद्धालुओं के अनुभव को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली सेवन-डी (7D) तकनीक आधारित गैलरी का निर्माण आखिरकार शुरू हो गया है। आईआईटी चेन्नई की विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम ने मंगलवार से उपकरणों की इंस्टॉलेशन प्रक्रिया तेज कर दी है। गैलरी में अत्याधुनिक प्रोजेक्शन सिस्टम, मल्टी-लेयर ऑडियो, मोशन प्लेटफॉर्म और पर्यावरणीय प्रभाव पैदा करने वाले सेंसर लगाए जा रहे हैं।
तकनीकी टीम के अनुसार सेवन-डी अनुभव केवल दृश्य और ध्वनि तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें मोशन सीटिंग, वाइब्रेशन, फॉग-स्मोक इफेक्ट, एयर जेट और लाइट-मैपिंग जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इससे हनुमान की वीर गाथाएं-जैसे समुद्र लांघने का दृश्य, लंका दहन और पर्वत उठाने का प्रसंग, ऐसे प्रस्तुत होंगे मानो दर्शक स्वयं घटनाओं के बीच उपस्थित हों। हाई-फिडेलिटी सराउंड साउंड सिस्टम कथानक के हर भाव को अलग-अलग दिशा से सुनने की क्षमता देगा। वहीं कंट्रोल रूम में एआई-आधारित सिंकिंग सिस्टम लगाया जा रहा है, जो वीडियो, ध्वनि और फिजिकल इफेक्ट्स को संचालित करेगा।
रामकथा संग्रहालय के निदेशक डॉ. संजीव सिंह ने बताया कि गैलरी का उद्देश्य युवाओं और बच्चों को तकनीक के माध्यम से रामकथा और विशेष रूप से हनुमान की महिमा से जोड़ना है। बताया कि संग्रहालय में कुल 18 गैलरियों का निर्माण हो रहा है। एक माह में सेवन डी तकनीक आधारित गैलरी का काम पूरा हो जाएगा, जिसके बाद परीक्षण चरण शुरू होगा। तैयार होने पर यह गैलरी अयोध्या के सांस्कृतिक पर्यटन का एक बेहद आकर्षक केंद्र बनने जा रही है।
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मार्च तक पूरा हो जाएगा सिविल वर्क
डॉ. संजीव सिंह ने बताया कि संग्रहालय में चल रहा सिविल वर्ग का बड़ा हिस्सा मार्च तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद सभी गैलरियों का फाइनल इंस्टॉलेशन और परीक्षण चरण शुरू होगा। बताया कि संग्रहालय के भवन की नई सिरे से फ्लोरिंग और दीवारों की फिनिशिंग की जा रही है। दर्शकों के लिए सुरक्षा मार्ग, बैठने की जगह और निकासी मार्ग को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक सभी गैलरी का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक संग्रहालय श्रद्धालुओं के लिए खोलना संभव नहीं होगा।
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तकनीकी टीम के अनुसार सेवन-डी अनुभव केवल दृश्य और ध्वनि तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें मोशन सीटिंग, वाइब्रेशन, फॉग-स्मोक इफेक्ट, एयर जेट और लाइट-मैपिंग जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इससे हनुमान की वीर गाथाएं-जैसे समुद्र लांघने का दृश्य, लंका दहन और पर्वत उठाने का प्रसंग, ऐसे प्रस्तुत होंगे मानो दर्शक स्वयं घटनाओं के बीच उपस्थित हों। हाई-फिडेलिटी सराउंड साउंड सिस्टम कथानक के हर भाव को अलग-अलग दिशा से सुनने की क्षमता देगा। वहीं कंट्रोल रूम में एआई-आधारित सिंकिंग सिस्टम लगाया जा रहा है, जो वीडियो, ध्वनि और फिजिकल इफेक्ट्स को संचालित करेगा।
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रामकथा संग्रहालय के निदेशक डॉ. संजीव सिंह ने बताया कि गैलरी का उद्देश्य युवाओं और बच्चों को तकनीक के माध्यम से रामकथा और विशेष रूप से हनुमान की महिमा से जोड़ना है। बताया कि संग्रहालय में कुल 18 गैलरियों का निर्माण हो रहा है। एक माह में सेवन डी तकनीक आधारित गैलरी का काम पूरा हो जाएगा, जिसके बाद परीक्षण चरण शुरू होगा। तैयार होने पर यह गैलरी अयोध्या के सांस्कृतिक पर्यटन का एक बेहद आकर्षक केंद्र बनने जा रही है।
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मार्च तक पूरा हो जाएगा सिविल वर्क
डॉ. संजीव सिंह ने बताया कि संग्रहालय में चल रहा सिविल वर्ग का बड़ा हिस्सा मार्च तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद सभी गैलरियों का फाइनल इंस्टॉलेशन और परीक्षण चरण शुरू होगा। बताया कि संग्रहालय के भवन की नई सिरे से फ्लोरिंग और दीवारों की फिनिशिंग की जा रही है। दर्शकों के लिए सुरक्षा मार्ग, बैठने की जगह और निकासी मार्ग को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक सभी गैलरी का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक संग्रहालय श्रद्धालुओं के लिए खोलना संभव नहीं होगा।