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दूसरे दल के प्रत्याशी को जिताने में जुटे थे बसपा जिलाध्यक्ष : सच्चिदानंद
Tue, 11 Jun 2024 12:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 11 Jun 2024 12:14 AM IST
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अयोध्या। फैजाबाद लोकसभा बसपा के प्रत्याशी सच्चिदानंद पांडेय को जिलाध्यक्ष ने पार्टी से निकाले जाने के बाद सोमवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया एकाउंट पर पत्र शेयर किया है।
जिसमें स्थानीय पार्टी पदाधिकारियों के साथ-साथ प्रदेश अध्यक्ष पर भी उन्होंने गंभीर आरोप लगाए हैं। यही नहीं उन्होंने अपनी करारी हार के लिए भी पार्टी पदाधिकारियों को ही जिम्मेदार ठहराया है। इसी के साथ उन्होंने अपनी प्राथमिक सदस्यता भी त्याग दी है।
सच्चिदानंद पांडेय ने अपने पत्र के जरिए पार्टी अध्यक्ष मायावती को संबोधित करते हुए कहा है कि जिले में जमीनी स्तर पर पार्टी पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। पदाधिकारियों की गैर जिम्मेदाराना हरकतों के चलते पार्टी में कार्यकर्ता तक नहीं बचे हैं। उन्होंने बताया कि इस चुनाव में जिलाध्यक्ष और उनके चहेते कार्यकर्ताओं ने अन्य दल के प्रत्याशी का प्रचार किया है।
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इसका नतीजा ये हुआ कि जिलाध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष अपने बूथ से भी पार्टी को वोट नहीं दिला सके। आरोप है कि इसको लेकर कई बार संगठन के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। पार्टी के इस रवैये से नाखुश होकर उन्होंने त्यागपत्र दिया है।
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जिसमें स्थानीय पार्टी पदाधिकारियों के साथ-साथ प्रदेश अध्यक्ष पर भी उन्होंने गंभीर आरोप लगाए हैं। यही नहीं उन्होंने अपनी करारी हार के लिए भी पार्टी पदाधिकारियों को ही जिम्मेदार ठहराया है। इसी के साथ उन्होंने अपनी प्राथमिक सदस्यता भी त्याग दी है।
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सच्चिदानंद पांडेय ने अपने पत्र के जरिए पार्टी अध्यक्ष मायावती को संबोधित करते हुए कहा है कि जिले में जमीनी स्तर पर पार्टी पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। पदाधिकारियों की गैर जिम्मेदाराना हरकतों के चलते पार्टी में कार्यकर्ता तक नहीं बचे हैं। उन्होंने बताया कि इस चुनाव में जिलाध्यक्ष और उनके चहेते कार्यकर्ताओं ने अन्य दल के प्रत्याशी का प्रचार किया है।
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इसका नतीजा ये हुआ कि जिलाध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष अपने बूथ से भी पार्टी को वोट नहीं दिला सके। आरोप है कि इसको लेकर कई बार संगठन के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। पार्टी के इस रवैये से नाखुश होकर उन्होंने त्यागपत्र दिया है।