{"_id":"6942ef50d1b335a83908fd46","slug":"ban-on-patient-admission-in-nirmala-and-sona-hospital-ayodhya-news-c-97-1-ayo1005-139671-2025-12-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: निर्मला व सोना हॉस्पिटल में मरीज भर्ती पर रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: निर्मला व सोना हॉस्पिटल में मरीज भर्ती पर रोक
Wed, 17 Dec 2025 11:28 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 17 Dec 2025 11:28 PM IST
विज्ञापन
20-शहर के साकेतपुरी कॉलोनी स्थित निर्मला अस्पताल का निरीक्षण करते सीएमओ व अन्य।-स्वास्थ्य विभा
अयोध्या। स्वास्थ्य विभाग ने शहर के साकेतपुरी कॉलोनी स्थित निर्मला अस्पताल व देवकाली बाईपास स्थित सोना हॉस्पिटल में मरीज भर्ती करने पर रोक लगा दी है। मामला इंजेक्शन की ओवरडोज देने से महिला की मौत से जुड़ा है।
कोतवाली अयोध्या के हलकारा का पुरवा निवासी सुशील कौशल ने बताया कि उनकी माता का इलाज निर्मला हॉस्पिटल में चल रहा था। सोमवार की सुबह उन्हें डिस्चार्ज किया जाना था। इस बीच डॉ. आरके बनौधा के लिखे गए इंजेक्शन की ओवरडोज लगाने से उनकी पल्स काफी नीचे आ गई। आनन-फानन उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। डॉक्टर ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए लिखित कबूलनामा दिया है।
शिकायत का संज्ञान लेकर सीएमओ डॉ. सुशील कुमार बानियान, डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश चौधरी व अन्य के साथ देर शाम निर्मला अस्पताल पहुंचे। डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश चौधरी ने बताया कि निरीक्षण के समय अस्पताल में संचालक समेत कोई विशेषज्ञ नहीं मिले। डॉ. अभिनव चौधरी को ऑन कॉल बुलवाया गया, जो कि अस्पताल में इंपैनल नहीं थे। अस्पताल में आईसीयू बेसमेंट में संचालित मिला है। इसके अलावा अन्य तमाम खामियां मिली हैं।
विज्ञापन
जांच में पता चला कि सोना हॉस्पिटल में महिला का पित्त की थैली में पथरी का ऑपरेशन हुआ था। वहां से उन्हें निर्मला अस्पताल लाया गया था। सोना हॉस्पिटल में भी निरीक्षण के समय चिकित्सक नहीं मिले। इसलिए दोनों अस्पतालों में जांच पूरी होने तक मरीज भर्ती करने पर रोक लगाई गई है। सीएमओ डॉ. सुशील कुमार बानियान ने बताया कि डॉ. आरके बनौधा मौके पर नहीं मिले हैं। इसलिए उनके गलती स्वीकारने वाले तथ्य पर जवाब नहीं मिल सका है। मामले की जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन
कोतवाली अयोध्या के हलकारा का पुरवा निवासी सुशील कौशल ने बताया कि उनकी माता का इलाज निर्मला हॉस्पिटल में चल रहा था। सोमवार की सुबह उन्हें डिस्चार्ज किया जाना था। इस बीच डॉ. आरके बनौधा के लिखे गए इंजेक्शन की ओवरडोज लगाने से उनकी पल्स काफी नीचे आ गई। आनन-फानन उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। डॉक्टर ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए लिखित कबूलनामा दिया है।
विज्ञापन
शिकायत का संज्ञान लेकर सीएमओ डॉ. सुशील कुमार बानियान, डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश चौधरी व अन्य के साथ देर शाम निर्मला अस्पताल पहुंचे। डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश चौधरी ने बताया कि निरीक्षण के समय अस्पताल में संचालक समेत कोई विशेषज्ञ नहीं मिले। डॉ. अभिनव चौधरी को ऑन कॉल बुलवाया गया, जो कि अस्पताल में इंपैनल नहीं थे। अस्पताल में आईसीयू बेसमेंट में संचालित मिला है। इसके अलावा अन्य तमाम खामियां मिली हैं।
विज्ञापन
जांच में पता चला कि सोना हॉस्पिटल में महिला का पित्त की थैली में पथरी का ऑपरेशन हुआ था। वहां से उन्हें निर्मला अस्पताल लाया गया था। सोना हॉस्पिटल में भी निरीक्षण के समय चिकित्सक नहीं मिले। इसलिए दोनों अस्पतालों में जांच पूरी होने तक मरीज भर्ती करने पर रोक लगाई गई है। सीएमओ डॉ. सुशील कुमार बानियान ने बताया कि डॉ. आरके बनौधा मौके पर नहीं मिले हैं। इसलिए उनके गलती स्वीकारने वाले तथ्य पर जवाब नहीं मिल सका है। मामले की जांच कराई जा रही है।