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Ayodhya News: 16 किलोमीटर सफर तय कर बेबी दे रहीं सपनों को उड़ान
Sun, 30 Aug 2026 11:38 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 30 Aug 2026 11:38 PM IST
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जीतेश कांत पांडेय
अयोध्या। तारुन ब्लॉक की ग्राम पंचायत धौरहरा कुटी की 15 वर्षीय बेबी के लिए खेल के मैदान तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं है। वह घर की जिम्मेदारियों और पढ़ाई के बीच समय निकालकर रोज करीब 16 किलोमीटर साइकिल से सफर तय करती है। बेबी एथलेटिक्स की खिलाड़ी हैं और पिता व मां के निधन के बाद भी खेल का साथ नहीं छोड़ा। उसके इसी जज्बे और प्रतिभा को दिवंगत अमित सिंह अश्मित सम्मान से सम्मानित किया गया है। बेबी 100 मीटर, 200 मीटर दौड़ और लांग जंप में अभ्यास करती है। वह वर्ष 2025 में लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भी प्रतिभाग कर चुकी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद वह लगातार अभ्यास कर अपने प्रदर्शन को बेहतर करने में जुटी है। संवाद
पहले पिता, फिर मां का छूटा साथ
बेबी के पिता का कुछ वर्ष पहले निधन हो गया था। मां घर संभालती थीं और बेबी अपनी पढ़ाई के साथ खेल अभ्यास करती रही। भाई बाहर रहकर काम कर रहा है और परिवार की जरूरतों में सहयोग कर रहा है, लेकिन पिछले वर्ष मां का भी निधन हो गया, जिसके बाद घर की कई जिम्मेदारियां बेबी के हिस्से में आ गईं। अब उसे पढ़ाई के साथ घर के जरूरी काम भी संभालने पड़ते हैं, जिसमें उसकी शादीशुदा बहन जरूरत पड़ने पर सहयोग करती है।
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अयोध्या। तारुन ब्लॉक की ग्राम पंचायत धौरहरा कुटी की 15 वर्षीय बेबी के लिए खेल के मैदान तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं है। वह घर की जिम्मेदारियों और पढ़ाई के बीच समय निकालकर रोज करीब 16 किलोमीटर साइकिल से सफर तय करती है। बेबी एथलेटिक्स की खिलाड़ी हैं और पिता व मां के निधन के बाद भी खेल का साथ नहीं छोड़ा। उसके इसी जज्बे और प्रतिभा को दिवंगत अमित सिंह अश्मित सम्मान से सम्मानित किया गया है। बेबी 100 मीटर, 200 मीटर दौड़ और लांग जंप में अभ्यास करती है। वह वर्ष 2025 में लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भी प्रतिभाग कर चुकी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद वह लगातार अभ्यास कर अपने प्रदर्शन को बेहतर करने में जुटी है। संवाद
पहले पिता, फिर मां का छूटा साथ
बेबी के पिता का कुछ वर्ष पहले निधन हो गया था। मां घर संभालती थीं और बेबी अपनी पढ़ाई के साथ खेल अभ्यास करती रही। भाई बाहर रहकर काम कर रहा है और परिवार की जरूरतों में सहयोग कर रहा है, लेकिन पिछले वर्ष मां का भी निधन हो गया, जिसके बाद घर की कई जिम्मेदारियां बेबी के हिस्से में आ गईं। अब उसे पढ़ाई के साथ घर के जरूरी काम भी संभालने पड़ते हैं, जिसमें उसकी शादीशुदा बहन जरूरत पड़ने पर सहयोग करती है।
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