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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Ayodhya Ram Mandir The idol of Ram Darbar is carved on a 40-year-old marble stone

Ram Mandir: सदियों तक दमकता रहेगा राम दरबार, 40 साल पुराने संगमरमर के पत्थर पर गढ़ी गई है मूर्ति; ये है खासियत

Thu, 05 Jun 2025 10:15 AM IST
शाहरुख खान नितिन मिश्र, अमर उजाला, अयोध्या
नितिन मिश्र, अमर उजाला, अयोध्या Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 05 Jun 2025 10:15 AM IST
सार

Ram Mandir Pran Pratishtha: राम दरबार सदियों तक दमकता रहेगा। 40 साल पुराने संगमरमर के पत्थर पर राम दरबार की मूर्ति गढ़ी गई है। इस पत्थर की खासियत यह है कि इसे जितना धोया जाएगा, स्नान कराया जाएगा, उतना ही इसकी चमक बढ़ेगी। 

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Ayodhya Ram Mandir The idol of Ram Darbar is carved on a 40-year-old marble stone
इसी तरह होगी राम दरबार की आकृति - फोटो : संवाद

विस्तार

Ayodhya Ram Mandir:  रामनगरी की पावन भूमि पर अब ऐसा इतिहास रचा जा रहा है, जिसकी आभा आने वाली पीढ़ियां भी महसूस करेंगी। श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण वास्तुकला और वैज्ञानिक सोच का भी बेजोड़ उदाहरण बन रहा है। 
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राम मंदिर के प्रथम तल पर स्थापित होने वाले राम दरबार की महिमा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि स्थापत्य की दृष्टि से भी अतुलनीय होने जा रही है। राम दरबार का निर्माण जिस संगमरमर पत्थर से हुआ है, वह न केवल मजबूती में अद्वितीय है, बल्कि उनमें जो चमक और दीप्ति है, वह सदियों तक धूमिल नहीं होगी।
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राम दरबार को गढ़ने वाले प्रख्यात मूर्तिकार सत्य नारायण पांडेय बताते हैं कि राम दरबार के निर्माण के लिए संगमरमर की जो शिला चयनित की गई, वह करीब 40 साल पुरानी है। उनका दावा है कि एक हजार साल तक राम दरबार की मूर्ति सुरक्षित रहेगी। 
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इस पत्थर की खासियत यह है कि इसे जितना धोया जाएगा, स्नान कराया जाएगा, उतना ही इसकी चमक बढ़ेगी। मूर्तिकार सत्य नारायण ने बताया कि जब यह पत्थर चुना गया, उसके बाद आईआईटी हैदराबाद के वैज्ञानिकों की टीम ने इसकी वैज्ञानिक जांच की। 

मौसम, समय और वातावरण के प्रभाव को झेलने की क्षमता पर विशेष ध्यान दिया गया। इसमें ताकत, नमी सोखने की दर, घर्षण क्षमता और तापमान सहिष्णुता जैसे पहलुओं को परखा गया। विभिन्न प्रयोगशालाओं में जांच के बाद विशेषज्ञों ने निर्माण की हरी झंडी दी।

सिंहासन समेत सात फीट ऊंची होगी मूर्ति
मूर्तिकार सत्यनारायण ने बताया कि सिंहासन समेत राम दरबार के मूर्ति की ऊंचाई कुल सात फुट हो जाएगी। हनुमान व भरत की मूर्ति बैठी मुद्रा में है, जिसकी ऊंचाई ढाई फीट है। लक्ष्मण व शत्रुघ्न की मूर्ति खड़ी मुद्रा में है, इनकी ऊंचाई तीन-तीन फीट है।

प्राण प्रतिष्ठा समारोह के साक्षी बनेंगे सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम अयोध्या के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित होने जा रहा है। मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को राम मंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार समेत अन्य विग्रहों के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के साक्षी बनेंगे। वे समारोह के मुख्य यजमान रहेंगे। सीएम राम दरबार की मूर्ति से आवरण हटाएंगे और नेत्रोमिलन की भी प्रक्रिया पूरी करेंगे। संयोग यह है कि आज सीएम योगी आदित्यनाथ का 53 वां जन्मदिन है। वह इस बार अपना जन्मदिन अयोध्या में मनाएंगे।

सीएम योगी आदित्यनाथ आज अयोध्या पहुंचेंगे। वे राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होंगे। हनुमान गढ़ी में दर्शन-पूजन करेंगे। मणिराम दास की छावनी जाकर महंत नृत्यगोपाल दास के जन्मोत्सव समारोह में शामिल होंगे। इसके अलावा सरयू महोत्सव का भी उद्घाटन सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे। नगर निगम के उपलब्धि समारोह में भी सीएम योगी के जाने की संभावना है। मंदिर परिसर में समारोह की तैयारियां तेजी से चल रही है। एक छोटा पंडाल भी सजाया जा रहा है।

एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे व मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव ने मंदिर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। एसपी सुरक्षा ने बताया कि मंदिर की सुरक्षा अभेद्य है। एटीएस, सीआपीएफ, पीएसी समेत सिविल पुलिस के जवानों की टीम तैनात कर दी गई है। प्रशासन के स्तर से मजिस्ट्रेटों की भी ड्यूटी लगाई गई है।

 

महंत मिथिलेश नंदिनी शरण ने कहा कि मुख्यमंत्री राजा राम समेत अन्य देवों को प्रतिष्ठित करने आ रहे हैं। खुशी की बात है कि एक संन्यासी ने प्रदेश के आध्यात्मिक मूल्यों को समझा और ऊर्जावान बना दिया। आज आजीविका के लिए अयोध्या के लोगों को बाहर जाना नहीं पड़ता। यहीं लोग व्यवसाय कर रहे हैं। आज गूगल पर अयोध्या सर्च कीजिए तो सबसे पहले दीपोत्सव की छवि बनकर आती है।

सरयू महोत्सव के आयोजक आंजनेय सेवा संस्थान के अध्यक्ष शशिकांत दास ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गौरव लौटा दिया है। उन्होंने ही प्रभु को टाट से निकाल भव्य मंदिर में विराजमान कराया है। पांच जून को एक बार फिर वह राजा राम को प्रतिष्ठित करेंगे। त्रेतायुग में वशिष्ठ जी ने राजतिलक किया था और अब योगी महाराज प्रभु राम का तिलक करेंगे।



 

ट्रस्ट की बैठक में तय होगी राम दरबार में दर्शन शुरू होने की तिथि
जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि राम मंदिर के पहले तल पर नवनिर्मित राम दरबार और परकोटे के नवनिर्मित छह मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठा समारोह का बृहस्पतिवार को समापन होगा। बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद भी राम दरबार और परकोटा के अन्य छह मंदिरों में अभी वीआईपी और सामान्य श्रद्धालुओं को दर्शन उपलब्ध नहीं होंगे। सात जून को राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में सामान्य श्रद्धालुओं के लिए राम दरबार को खोले जाने की तारीख पर निर्णय किया जाएगा।

यह भी पढ़ें: Ayodhya : देश की 21 नदियों के पावन जल से हुआ राजा राम का अभिषेक, दरबार की प्राण प्रतिष्ठा आज 11.25 से

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