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Ayodhya: महंत दिनेंद्र दास के समर्थन में उतरे निर्मोही अखाड़ा के पंच, बोले- हटाने की हो रही कोशिश

Tue, 21 Jul 2026 07:28 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Tue, 21 Jul 2026 07:28 PM IST
सार

महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि सुनियोजित तरीके से उन्हें हटाने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से उनके खिलाफ सुनियोजित तरीके से भ्रम फैलाया जा रहा है और उन्हें मानसिक रोगी बताकर हटाने की साजिश रची जा रही है। 
 

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Ayodhya: Panchas of Nirmohi Akhara came out in support of Mahant Dinendra Das
महंत दिनेंद्र दास - फोटो : amar ujala

विस्तार

निर्मोही अखाड़ा का विवाद अब गहराता जा रहा है। मंगलवार को निर्मोही अखाड़ा अयोध्या में पंचों की बैठक हुई। बैठक में 11 पंच शामिल थे, जबकि दो ऑनलाइन जुड़े थे, सबने सर्वसम्मति से महंत दिनेंद्र दास का पक्ष लिया। बैठक के बाद राम मंदिर के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने उन्हें महंत पद से हटाने और मानसिक रूप से अस्वस्थ बताए जाने के दावों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कहा कि सुनियोजित तरीके से उन्हें हटाने की साजिश की जा रही है।

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उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से उनके खिलाफ सुनियोजित तरीके से भ्रम फैलाया जा रहा है और उन्हें मानसिक रोगी बताकर हटाने की साजिश रची जा रही है। महंत ने दावा किया कि इस मामले में उन्होंने पहले ही सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने कहा कि संबंधित बैठकों की कार्रवाई की प्रतियां भी न्यायालय में प्रस्तुत की गई हैं। उनका आरोप है कि जिन बैठकों के आधार पर उन्हें हटाने की बात कही जा रही है, उनमें कई गंभीर विरोधाभास हैं।
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उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 की जिस बैठक को कोरोना महामारी का हवाला देकर टालने की बात कही जा रही है, उसी अवधि में पंचों की ओर से अन्य स्थानों पर बैठकें आयोजित की गईं और उन बैठकों की कार्रवाई पर सभी के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं।
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दिनेंद्र दास ने जनवरी और फरवरी 2020 के अलावा 22 फरवरी 2024 तथा तीन मई 2025 की बैठकों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन सभी कार्यवाही में उनके हस्ताक्षर हैं और उस समय उन्हें मानसिक रोगी नहीं बताया गया। बैठक में महंत श्याम दास, महंत घनश्याम दास, बाबा हरिहर दास, दयाशंकर दास, विनोद दास, रामदास व अन्य मौजूद रहे, बैठक का कोरम भी पूरा रहा।


महंत पद के निर्वहन में किसी प्रकार की समस्या नहीं
महंत दिनेंद्र दास ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने न्यायालय को गुमराह करने के उद्देश्य से तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और महंत पद के निर्वहन में उन्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अखाड़े के वरिष्ठ संत राजारामचंद्राचार्य का नाम भी इस विवाद में अनुचित ढंग से इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की सच्चाई न्यायालय के समक्ष रखी जा चुकी है और उन्हें न्याय मिलने का विश्वास है।

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